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मेरे हमसफ़र
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तेगवंश राणा और गीत कंग – दो लोग, दो बिल्कुल अलग दुनिया।
वंश एक अमीर और प्रभावशाली परिवार का इकलौता बेटा है। ऐश्वर्य, रुतबा और अहंकार उसके व्यक्तित्व का हिस्सा हैं। दूसरी ओर है गीत कंग – एक अनाथ लड़की, जिसे हालात ने मजबूर किया, लेकिन जिसने अपनी आत्म-सम्मा...
वंश एक अमीर और प्रभावशाली परिवार का इकलौता बेटा है। ऐश्वर्य, रुतबा और अहंकार उसके व्यक्तित्व का हिस्सा हैं। दूसरी ओर है गीत कंग – एक अनाथ लड़की, जिसे हालात ने मजबूर किया, लेकिन जिसने अपनी आत्म-सम्मा...
तेगवंश राणा और गीत कंग – दो लोग, दो बिल्कुल अलग दुनिया।
वंश एक अमीर और प्रभावशाली परिवार का इकलौता बेटा है। ऐश्वर्य, रुतबा और अहंकार उसके व्यक्तित्व का हिस्सा हैं। दूसरी ओर है गीत कंग – एक अनाथ लड़की, जिसे हालात ने मजबूर किया, लेकिन जिसने अपनी आत्म-सम्मान को कभी नहीं छोड़ा।
वंश और गीत की शादी उनके अपने फैसले से नहीं, बल्कि वंश के पिता की ज़िद पर होती है। यह रिश्ता वंश को बेड़ियों जैसा लगता है। उसकी माँ, नीता राणा, भी गीत को स्वीकार नहीं कर पाती। वह चाहती है कि यह रिश्ता जल्दी से टूट जाए।
वंश के लिए गीत सिर्फ़ एक गरीब और अनपढ़ लड़की है, जिसके साथ वह कभी तालमेल नहीं बैठा सकता। लेकिन सच्चाई बिल्कुल अलग है—गीत एक प्रतिष्ठित परिवार से है, बेहद पढ़ी-लिखी और संस्कारी। किस्मत के एक हादसे ने उसे अनाथ बना दिया।
क्या वंश की नफरत कभी मोहब्बत में बदलेगी?
क्या गीत, जिसके लिए Self-Respect सबसे पहले है, ऐसे इंसान को अपना पाएगी जो उसे शुरुआत से स्वीकारने को तैयार नहीं था?
यह कहानी है अहंकार और आत्म-सम्मान के टकराव की, रिश्तों की जटिलता की, और उस प्यार की जो सबसे मुश्किल हालात में भी अपना रास्ता ढूंढ लेता है।
वंश एक अमीर और प्रभावशाली परिवार का इकलौता बेटा है। ऐश्वर्य, रुतबा और अहंकार उसके व्यक्तित्व का हिस्सा हैं। दूसरी ओर है गीत कंग – एक अनाथ लड़की, जिसे हालात ने मजबूर किया, लेकिन जिसने अपनी आत्म-सम्मान को कभी नहीं छोड़ा।
वंश और गीत की शादी उनके अपने फैसले से नहीं, बल्कि वंश के पिता की ज़िद पर होती है। यह रिश्ता वंश को बेड़ियों जैसा लगता है। उसकी माँ, नीता राणा, भी गीत को स्वीकार नहीं कर पाती। वह चाहती है कि यह रिश्ता जल्दी से टूट जाए।
वंश के लिए गीत सिर्फ़ एक गरीब और अनपढ़ लड़की है, जिसके साथ वह कभी तालमेल नहीं बैठा सकता। लेकिन सच्चाई बिल्कुल अलग है—गीत एक प्रतिष्ठित परिवार से है, बेहद पढ़ी-लिखी और संस्कारी। किस्मत के एक हादसे ने उसे अनाथ बना दिया।
क्या वंश की नफरत कभी मोहब्बत में बदलेगी?
क्या गीत, जिसके लिए Self-Respect सबसे पहले है, ऐसे इंसान को अपना पाएगी जो उसे शुरुआत से स्वीकारने को तैयार नहीं था?
यह कहानी है अहंकार और आत्म-सम्मान के टकराव की, रिश्तों की जटिलता की, और उस प्यार की जो सबसे मुश्किल हालात में भी अपना रास्ता ढूंढ लेता है।
Chapter
69
Words
72.6K
Updated
2 months ago
Published
Mar 21, 2025
Published Chapters
मेरे हमसफ़र - Chapter 1
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 2
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 3
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 4
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 5
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 6
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 8
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 9
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 10
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 11
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 12
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 13
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मेरे हमसफ़र - Chapter 14
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मेरे हमसफ़र - Chapter 15
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मेरे हमसफ़र - Chapter 16
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मेरे हमसफ़र - Chapter 17
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मेरे हमसफ़र - Chapter 18
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मेरे हमसफ़र - Chapter 19
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मेरे हमसफ़र - Chapter 20
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मेरे हमसफ़र - Chapter 21
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मेरे हमसफ़र - Chapter 22
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मेरे हमसफ़र - Chapter 23
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मेरे हमसफ़र - Chapter 24
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मेरे हमसफ़र - Chapter 25
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मेरे हमसफ़र - Chapter 26
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मेरे हमसफ़र - Chapter 27
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मेरे हमसफ़र - Chapter 28
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मेरे हमसफ़र - Chapter 29
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मेरे हमसफ़र - Chapter 30
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मेरे हमसफ़र - Chapter 31
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मेरे हमसफ़र - Chapter 32
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मेरे हमसफ़र - Chapter 33
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मेरे हमसफ़र - Chapter 34
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मेरे हमसफ़र - Chapter 35
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मेरे हमसफ़र - Chapter 36
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मेरे हमसफ़र - Chapter 37
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मेरे हमसफ़र - Chapter 38
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मेरे हमसफ़र - Chapter 39
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 40
Free
मेरे हमसफ़र - Chapter 41
Free
तेगवंश राणा और गीत कंग – दो लोग, दो बिल्कुल अलग दुनिया।
वंश एक अमीर और प्रभावशाली परिवार का इकलौता बेटा है। ऐश्वर्य, रुतबा और अहंकार उसके व्यक्तित्व का हिस्सा हैं। दूसरी ओर है गीत कंग – एक अनाथ लड़की, जिसे हालात ने मजबूर किया, लेकिन जिसने अपनी आत्म-सम्मान को कभी नहीं छोड़ा।
वंश और गीत की शादी उनके अपने फैसले से नहीं, बल्कि वंश के पिता की ज़िद पर होती है। यह रिश्ता वंश को बेड़ियों जैसा लगता है। उसकी माँ, नीता राणा, भी गीत को स्वीकार नहीं कर पाती। वह चाहती है कि यह रिश्ता जल्दी से टूट जाए।
वंश के लिए गीत सिर्फ़ एक गरीब और अनपढ़ लड़की है, जिसके साथ वह कभी तालमेल नहीं बैठा सकता। लेकिन सच्चाई बिल्कुल अलग है—गीत एक प्रतिष्ठित परिवार से है, बेहद पढ़ी-लिखी और संस्कारी। किस्मत के एक हादसे ने उसे अनाथ बना दिया।
क्या वंश की नफरत कभी मोहब्बत में बदलेगी?
क्या गीत, जिसके लिए Self-Respect सबसे पहले है, ऐसे इंसान को अपना पाएगी जो उसे शुरुआत से स्वीकारने को तैयार नहीं था?
यह कहानी है अहंकार और आत्म-सम्मान के टकराव की, रिश्तों की जटिलता की, और उस प्यार की जो सबसे मुश्किल हालात में भी अपना रास्ता ढूंढ लेता है।
वंश एक अमीर और प्रभावशाली परिवार का इकलौता बेटा है। ऐश्वर्य, रुतबा और अहंकार उसके व्यक्तित्व का हिस्सा हैं। दूसरी ओर है गीत कंग – एक अनाथ लड़की, जिसे हालात ने मजबूर किया, लेकिन जिसने अपनी आत्म-सम्मान को कभी नहीं छोड़ा।
वंश और गीत की शादी उनके अपने फैसले से नहीं, बल्कि वंश के पिता की ज़िद पर होती है। यह रिश्ता वंश को बेड़ियों जैसा लगता है। उसकी माँ, नीता राणा, भी गीत को स्वीकार नहीं कर पाती। वह चाहती है कि यह रिश्ता जल्दी से टूट जाए।
वंश के लिए गीत सिर्फ़ एक गरीब और अनपढ़ लड़की है, जिसके साथ वह कभी तालमेल नहीं बैठा सकता। लेकिन सच्चाई बिल्कुल अलग है—गीत एक प्रतिष्ठित परिवार से है, बेहद पढ़ी-लिखी और संस्कारी। किस्मत के एक हादसे ने उसे अनाथ बना दिया।
क्या वंश की नफरत कभी मोहब्बत में बदलेगी?
क्या गीत, जिसके लिए Self-Respect सबसे पहले है, ऐसे इंसान को अपना पाएगी जो उसे शुरुआत से स्वीकारने को तैयार नहीं था?
यह कहानी है अहंकार और आत्म-सम्मान के टकराव की, रिश्तों की जटिलता की, और उस प्यार की जो सबसे मुश्किल हालात में भी अपना रास्ता ढूंढ लेता है।
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