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नादानियां मेरे यार की
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प्यार कभी परफेक्ट नहीं होता, लेकिन जब दो विपरीत दिल टकराते हैं, तो कहानी बनती है।
विराज, 24 साल का घुंघराले बालों वाला हैंडसम लेकिन शान्त और गंभीर लड़का, जो रेस्टोरेंट में काम करता है। दूसरी तरफ है 19 साल का चुलबुला, मासूम और नखरीला प्रीत, जि...
विराज, 24 साल का घुंघराले बालों वाला हैंडसम लेकिन शान्त और गंभीर लड़का, जो रेस्टोरेंट में काम करता है। दूसरी तरफ है 19 साल का चुलबुला, मासूम और नखरीला प्रीत, जि...
प्यार कभी परफेक्ट नहीं होता, लेकिन जब दो विपरीत दिल टकराते हैं, तो कहानी बनती है।
विराज, 24 साल का घुंघराले बालों वाला हैंडसम लेकिन शान्त और गंभीर लड़का, जो रेस्टोरेंट में काम करता है। दूसरी तरफ है 19 साल का चुलबुला, मासूम और नखरीला प्रीत, जिसे हर चीज़ में कमी निकालने की आदत है। विराज को उसकी यही नादानियां चिढ़ाती भी हैं और उसकी ओर खींचती भी हैं।
वहीं, 28 साल का रफ-टफ बॉक्सर पर्वत अपनी बेपरवाह और बदतमीज़ दुनिया में खोया रहता है, जब तक कि उसकी नजर 18 साल के समझदार लेकिन मासूम शिवांश पर नहीं पड़ती। पहली ही मुलाकात में पर्वत को उससे प्यार हो जाता है, लेकिन उनके रास्ते में कई उलझनें हैं—खुद पर्वत का अड़ियल स्वभाव और शिवांश के पिता चंद्र, जिनसे पर्वत की पहले ही अनबन हो चुकी है।
क्या ये चारों अपने-अपने प्यार को पा सकेंगे?
या फिर नादानियों और गलतफहमियों के बीच उनका रिश्ता उलझकर रह जाएगा?
एक हल्की-फुल्की, रोमांटिक और दिल छू लेने वाली कहानी, जो प्यार, तकरार और मासूमियत से भरी है—"नादानियां मेरे यार की"!
विराज, 24 साल का घुंघराले बालों वाला हैंडसम लेकिन शान्त और गंभीर लड़का, जो रेस्टोरेंट में काम करता है। दूसरी तरफ है 19 साल का चुलबुला, मासूम और नखरीला प्रीत, जिसे हर चीज़ में कमी निकालने की आदत है। विराज को उसकी यही नादानियां चिढ़ाती भी हैं और उसकी ओर खींचती भी हैं।
वहीं, 28 साल का रफ-टफ बॉक्सर पर्वत अपनी बेपरवाह और बदतमीज़ दुनिया में खोया रहता है, जब तक कि उसकी नजर 18 साल के समझदार लेकिन मासूम शिवांश पर नहीं पड़ती। पहली ही मुलाकात में पर्वत को उससे प्यार हो जाता है, लेकिन उनके रास्ते में कई उलझनें हैं—खुद पर्वत का अड़ियल स्वभाव और शिवांश के पिता चंद्र, जिनसे पर्वत की पहले ही अनबन हो चुकी है।
क्या ये चारों अपने-अपने प्यार को पा सकेंगे?
या फिर नादानियों और गलतफहमियों के बीच उनका रिश्ता उलझकर रह जाएगा?
एक हल्की-फुल्की, रोमांटिक और दिल छू लेने वाली कहानी, जो प्यार, तकरार और मासूमियत से भरी है—"नादानियां मेरे यार की"!
Chapter
7
Words
13.6K
Updated
2 months ago
Published
Feb 17, 2025
Published Chapters
नादानियां मेरे यार की - Chapter 1
Free
नादानियां मेरे यार की - Chapter 2
Free
नादानियां मेरे यार की - Chapter 3
Free
नादानियां मेरे यार की - Chapter 4
Free
नादानियां मेरे यार की - Chapter 5
Free
नादानियां मेरे यार की - Chapter 6
Free
नादानियां मेरे यार की - Chapter 7
Free
प्यार कभी परफेक्ट नहीं होता, लेकिन जब दो विपरीत दिल टकराते हैं, तो कहानी बनती है।
विराज, 24 साल का घुंघराले बालों वाला हैंडसम लेकिन शान्त और गंभीर लड़का, जो रेस्टोरेंट में काम करता है। दूसरी तरफ है 19 साल का चुलबुला, मासूम और नखरीला प्रीत, जिसे हर चीज़ में कमी निकालने की आदत है। विराज को उसकी यही नादानियां चिढ़ाती भी हैं और उसकी ओर खींचती भी हैं।
वहीं, 28 साल का रफ-टफ बॉक्सर पर्वत अपनी बेपरवाह और बदतमीज़ दुनिया में खोया रहता है, जब तक कि उसकी नजर 18 साल के समझदार लेकिन मासूम शिवांश पर नहीं पड़ती। पहली ही मुलाकात में पर्वत को उससे प्यार हो जाता है, लेकिन उनके रास्ते में कई उलझनें हैं—खुद पर्वत का अड़ियल स्वभाव और शिवांश के पिता चंद्र, जिनसे पर्वत की पहले ही अनबन हो चुकी है।
क्या ये चारों अपने-अपने प्यार को पा सकेंगे?
या फिर नादानियों और गलतफहमियों के बीच उनका रिश्ता उलझकर रह जाएगा?
एक हल्की-फुल्की, रोमांटिक और दिल छू लेने वाली कहानी, जो प्यार, तकरार और मासूमियत से भरी है—"नादानियां मेरे यार की"!
विराज, 24 साल का घुंघराले बालों वाला हैंडसम लेकिन शान्त और गंभीर लड़का, जो रेस्टोरेंट में काम करता है। दूसरी तरफ है 19 साल का चुलबुला, मासूम और नखरीला प्रीत, जिसे हर चीज़ में कमी निकालने की आदत है। विराज को उसकी यही नादानियां चिढ़ाती भी हैं और उसकी ओर खींचती भी हैं।
वहीं, 28 साल का रफ-टफ बॉक्सर पर्वत अपनी बेपरवाह और बदतमीज़ दुनिया में खोया रहता है, जब तक कि उसकी नजर 18 साल के समझदार लेकिन मासूम शिवांश पर नहीं पड़ती। पहली ही मुलाकात में पर्वत को उससे प्यार हो जाता है, लेकिन उनके रास्ते में कई उलझनें हैं—खुद पर्वत का अड़ियल स्वभाव और शिवांश के पिता चंद्र, जिनसे पर्वत की पहले ही अनबन हो चुकी है।
क्या ये चारों अपने-अपने प्यार को पा सकेंगे?
या फिर नादानियों और गलतफहमियों के बीच उनका रिश्ता उलझकर रह जाएगा?
एक हल्की-फुल्की, रोमांटिक और दिल छू लेने वाली कहानी, जो प्यार, तकरार और मासूमियत से भरी है—"नादानियां मेरे यार की"!
Sapna Vaishnav
नादानियां मेरे यार की - Chapter 7 • 3 months ago
Sapna Vaishnav
नादानियां मेरे यार की - Chapter 6 • 3 months ago
Sapna Vaishnav
नादानियां मेरे यार की - Chapter 1 • 3 months ago
Sapna Vaishnav
3 months ago
inka alg hi h ek bl chahte h or ek iske khilaf
0 likes • नादानियां मेरे यार की - Chapter 6
Sapna Vaishnav
3 months ago
oo teri itna gussa sach me bhut khdus h
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ek dam sahi kaha vikrm ne future damad
0 likes • नादानियां मेरे यार की - Chapter 7