कहानी 1944 की है दयाल और उसके दोस्तो की दयाल की शादी बचपन में हो गई थी। उनके बड़े होने तक दयाल की पत्नि को मायके में रहना था दयाल उसे देखने के लिए मेले के बहाने गया वह कुछ घटनाक्रम के चलते वह मिले थे। जब दयाल वापस आया तो उसकी माँ भाई की हत्या कर दी गई थी। दयाल क्रांतिकारियों के लिए खाने पीने का समान पहुंचाने का काम करने लगा था।
Victorian Historical Fiction
Hindi
Romance
No chapters available.