मीरजा उद्दीन मिर्जा, लखनऊ के छोटे नवाब और अपनी मां के चश्मों चिराग जब लंदन से इंडिया लौटता हैं तो लखनऊ में ही उसकी मुलाकात एक साधारण सी लड़की मनमीत मिश्रा से होती हैं । अपने पिता नवाब साहब की हर बात सिर झुकाए मान लेने वाले मीरजा की आंखों में पहली बार मनमीत के लिए बगावत नजर आयेंगी लेकिन जब उसे पता चलेगा कि मनमीत तो अपनी जिंदगी में किसी और को लिख चुकी हैं तो क्या करेगा वह ? यह तुफान क्या मीरजा और मनमीत की जिंदगी को एक साथ जोड़ देगा या नवाबी मान मर्यादा हमेशा के लिए जुदा कर देगी दो दिलों को ? क्या हो अगर मनमीत , मीरजा की जिंदगी में शामिल होने से साफ इंकार कर दे ? जानने के लिए पढ़िये - " मीत ए मीरजा "
Victorian Historical Fiction
Hindi
Romance
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Chapter 1
मीत ए मीरजा - Chapter 1 -
Chapter 2
मीत ए मीरजा - Chapter 2 -
Chapter 3
मीत ए मीरजा - Chapter 3 -
Chapter 4
मीत ए मीरजा - Chapter 4 -
Chapter 5
मीत ए मीरजा - Chapter 5 -
Chapter 6
मीत ए मीरजा - Chapter 6 -
Chapter 7
मीत ए मीरजा - Chapter 7 -
Chapter 8
मीत ए मीरजा - Chapter 8 -
Chapter 9
मीत ए मीरजा - Chapter 9 -
Chapter 10
मीत ए मीरजा - Chapter 10