A story of Romance, Pain and Extreme Obsession..❤️ “हर कहानी की शुरुआत मोहब्बत से हो, ये ज़रूरी तो नहीं… कुछ कहानियाँ मजबूरियों की दीवार से शुरू होती हैं, और खत्म सिर्फ दीवानगी पर होती हैं।” राजस्थान के रईस और ताकतवर खानदान का 30 साल का वारिस—कुशाग्र सिंह राणा। शांत, cold और रिश्तों से दूर रहने वाला इंसान। वहीं दूसरी तरफ, अपने ही घर में सौतेली माँ और बहन के बीच घुटन भरी जिंदगी जीती निर्विका राजावत। जब दादा सा के एक हुक्म के आगे दोनों की जिद और मजबूरियाँ मिलती हैं, तो देखते ही देखते निर्विका की शादी कुशाग्र से हो जाती है। कुशाग्र के लिए ये शादी सिर्फ एक समझौता थी, जहाँ वो निर्विका को देखना भी पसंद नहीं करता था। लेकिन उसके जहन में किसी लड़की का एक साया हमेशा रहता था जिसका राज़ वक्त के साथ आगे खुलना बाकी था।। एक तरफ बेपरवाह कुशाग्र, और दूसरी तरफ इस रिश्ते से कोई उम्मीद न रखने वाली निर्विका… जब ये दोनों एक छत के नीचे आते हैं, तो नफरत और दूरियों के बीच एक ऐसा खतरनाक दीवानापन जन्म लेता है, जो आहिस्ता-आहिस्ता दोनों पर इस कदर तारी हो जाता है कि उससे बच पाना नामुमकिन हो जाता है।। क्योंकि कुछ रिश्ते सिर्फ समझौतों से शुरू होते हैं… और उनके अंजाम पर सिर्फ इश्क़ का कब्जा होता है।
-
Chapter 1
इश्क़ तेरा हम पे तारी... - Chapter 1