गोपाल राम गहमरी का 1929 में प्रकाशित मौलिक हिंदी जासूसी उपन्यास। चोरी हुए कीमती गहनों, बंद कमरे के रहस्य, छिपे पारिवारिक भेद और एक असाधारण अपराधी की गुत्थी को गेरुआ वेशधारी जासूस धैर्य और सूझ-बूझ से सुलझाता है। 15 अध्यायों का यह पाठ पूर्ण typed source और 111-page printed scan से सत्यापित है; मूल रचना भारत में public domain में है।
Hindi
Romance
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Chapter 1
अध्याय 1 -
Chapter 2
अध्याय 2 -
Chapter 3
अध्याय 3 -
Chapter 4
अध्याय 4 -
Chapter 5
अध्याय 5 -
Chapter 6
अध्याय 6 -
Chapter 7
अध्याय 7 -
Chapter 8
अध्याय 8 -
Chapter 9
अध्याय 9 -
Chapter 10
अध्याय 10 -
Chapter 11
अध्याय 11 -
Chapter 12
अध्याय 12 -
Chapter 13
अध्याय 13 -
Chapter 14
अध्याय 14 -
Chapter 15
अध्याय 15