Deadly Desire our forever ended 18+ Ch. 2

DEADLY DESIRE

Posted by iskibutterfly iskibutterfly • Sep 26, 2026 10:02 PM

Episode 2 — हमारी छोटी सी दुनिया

अगली सुबह स्कूल की घंटी बजने से करीब दस मिनट पहले ही सायरा डेमिर स्कूल के गेट पर खड़ी थी।

उसके कंधे पर बैग था और हाथ में अपना लंच बॉक्स।

वह बार-बार अपनी घड़ी देख रही थी।

“आज ये लड़का लेट कैसे हो सकता है?”

तभी पीछे से आवाज आई—

“किस लड़के का इंतजार हो रहा है?”

सायरा ने पलटकर देखा।

रुद्राक्ष ओबेरॉय हाथ में अपना बैग लिए बिल्कुल आराम से खड़ा था।

सायरा ने आंखें छोटी कर लीं।

“तुम्हारा।”

रुद्राक्ष मुस्कुराया।

“इतना miss किया मुझे?”

“नहीं। बस तुम्हारे बिना मेरी सुबह boring होती है।”

“Same thing.”

“Overconfident!”

दोनों साथ-साथ स्कूल के अंदर चल पड़े।

क्लास में पहुंचते ही सायरा ने अपना बैग रखा और बोली,

“आज स्कूल के बाद कहीं चलेंगे?”

रुद्राक्ष ने किताब निकालते हुए पूछा,

“कहां?”

“समुद्र किनारे।”

“फिर?”

“फिर ice cream।”

“फिर?”

“फिर street food।”

“फिर?”

सायरा ने उसे घूरा।

“फिर तुम अपने घर और मैं अपने घर।”

रुद्राक्ष हंस पड़ा।

“Perfect plan.”

लंच ब्रेक में दोनों स्कूल के पीछे बने छोटे से garden में बैठ गए।

सायरा ने अपना टिफिन खोला।

“आज मेरी मां ने तुम्हारे लिए भी बनाया है।”

रुद्राक्ष ने तुरंत उसकी तरफ देखा।

“क्या?”

“Cheese sandwich।”

“पहले क्यों नहीं बताया?”

“क्योंकि मैं देखना चाहती थी कि तुम कितने भूखे हो।”

रुद्राक्ष ने बिना पूछे sandwich उठा लिया।

सायरा ने तुरंत उसका हाथ पकड़ लिया।

“एक मिनट! ये मेरा है।”

“अभी तो कह रही थी मेरे लिए है।”

“एक तुम्हारे लिए है। पूरा डिब्बा तुम्हारे लिए नहीं।”

“तुम बहुत कनजूस हो।”

“और तुम बहुत greedy।”

रुद्राक्ष ने आधा sandwich उसे वापस दिया।

“लो।”

सायरा ने उसे देखा।

“अब ये क्यों?”

“क्योंकि अगर तुमने पूरा खा लिया तो मुझे दूसरा नहीं मिलेगा।”

सायरा हंसते-हंसते बोली,

“तुम्हें अपने खाने की ज्यादा चिंता है या मेरी?”

“मेरे खाने की।”

“झूठ!”

“सच।”

दोनों फिर हंस पड़े।

स्कूल की छुट्टी होते ही रुद्राक्ष अपनी कार की तरफ बढ़ा।

सायरा पीछे से दौड़ती हुई आई।

“रुको!”

रुद्राक्ष ने कार का दरवाजा खोलते हुए पूछा,

“क्या हुआ?”

“हमारा समुद्र वाला plan भूल गए?”

“मैं नहीं भूला। लेकिन तुम्हें घर से permission मिली है?”

सायरा ने गर्व से सिर हिलाया।

“मम्मा ने खुद कहा है कि enjoy करके आना।”

“तो चलो।”

दोनों कार में बैठ गए।

कुछ ही देर बाद शहर की भीड़ पीछे छूटने लगी और समुद्र की ठंडी हवा खिड़की से अंदर आने लगी।

सायरा ने खिड़की खोल दी।

“Wow!”

रुद्राक्ष ने उसकी तरफ देखा।

“इतनी खुशी किस बात की?”

“आज पूरा दिन perfect है।”

“अभी ice cream बाकी है।”

“और beach भी।”

“तो फिर जल्दी खुश मत हो।”

समुद्र किनारे पहुंचते ही सायरा जूते उतारकर रेत पर दौड़ने लगी।

“रुद्राक्ष! जल्दी आओ!”

रुद्राक्ष धीरे-धीरे उसके पीछे आया।

“तुम कभी normal तरीके से चल सकती हो?”

“नहीं!”

“मुझे पता था।”

सायरा पानी के पास जाकर रुक गई।

छोटी-छोटी लहरें उसके पैरों को छूकर वापस जा रही थीं।

वह मुस्कुराकर बोली,

“कितना सुंदर है ना?”

रुद्राक्ष ने चारों तरफ देखा।

“हां।”

“तुम समुद्र को देखकर क्या सोचते हो?”

“कि अगर तुम यहां गिर गईं तो तुम्हें निकालने में मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ेगी।”

सायरा ने पानी उछालकर उसके ऊपर फेंक दिया।

“तुम्हारी सारी seriousness खत्म हो जाए!”

रुद्राक्ष पीछे हट गया।

“सायरा!”

“क्या?”

“अब तुम गई।”

वह भी पानी में उतर गया और दोनों एक-दूसरे पर पानी उछालते हुए हंसने लगे।

कुछ देर बाद दोनों थककर रेत पर बैठ गए।

सायरा ने आसमान की तरफ देखते हुए कहा,

“हम बड़े होकर भी ऐसे ही घूमने आएंगे?”

रुद्राक्ष ने बिना ज्यादा सोचे कहा,

“बिल्कुल।”

“और अगर तुम बहुत busy businessman बन गए तो?”

“तब भी time निकालूंगा।”

“Promise?”

रुद्राक्ष ने अपनी छोटी उंगली आगे की।

“Promise.”

सायरा ने अपनी उंगली उससे मिला दी।

“Forever friends?”

“Forever.” उसने ने सायरा के गाल पर एक छोटी सी किस किया और बोला बाकी हम 18 के हो जाएंगे तब होगा ,,,सायरा ने शर्माकर अपना छोटा सा सर उसके सीने में छुपा लिया ,,

थोड़ी देर बाद दोनों एक छोटे से food stall पर पहुंच गए।

सायरा ने menu उठाया।

“मुझे sandwich चाहिए।”

“अभी तो खाया था।”

“वो lunch था।”

“और ये?”

“Evening snack।”

रुद्राक्ष ने सिर पकड़ लिया।

“तुम दिन में कितनी बार खाती हो?”

सायरा ने बड़ी मासूमियत से कहा,

“जितनी बार भूख लगे।”

दोनों ने fries और ice cream order की।

सायरा ने अपनी ice cream का पहला bite लिया और आंखें बंद कर लीं।

“Yumm!”

रुद्राक्ष ने अपनी ice cream उसकी तरफ बढ़ा दी।

“ये भी taste करो।”

सायरा ने चखा।

“ये ज्यादा अच्छी है।”

“तो बदल लेते हैं।”

“Okay!”

दोनों ने अपने cups बदल लिए।

फिर सायरा ने अचानक पूछा,

“अगर कभी हमारी लड़ाई हो गई तो?”

रुद्राक्ष ने fries खाते हुए कहा,

“पांच मिनट से ज्यादा नहीं चलेगी।”

“क्यों?”

“क्योंकि तुम पांच मिनट से ज्यादा मुझसे बात किए बिना रह ही नहीं सकती।”

सायरा ने हंसते हुए उसकी तरफ fries फेंक दी।

“बहुत attitude है तुममें!”

“और तुममें बहुत drama।”

शाम होने लगी थी।

दोनों वापस समुद्र के किनारे आकर बैठ गए।

सूरज धीरे-धीरे नीचे जा रहा था।

सायरा ने कहा,

“रुद्राक्ष…”

“Hmm?”

“एक बात बोलूं?”

“बोलो।”

“जब हम बड़े हो जाएंगे ना, तब भी हमारी friendship ऐसी ही रहनी चाहिए।”

रुद्राक्ष ने उसकी तरफ देखा।

“कुछ चीजें बदल सकती हैं।”

सायरा का चेहरा थोड़ा उतर गया।

रुद्राक्ष तुरंत मुस्कुराया।

“लेकिन हमारी दोस्ती नहीं।”

सायरा ने राहत की सांस ली।

“पक्का?”

“पक्का।”

“तो आज से rule है—हम चाहे कितने भी बड़े हो जाएं, हर साल एक दिन सिर्फ हमारी outing होगी।”

“Done।”

“Beach, food और unlimited ice cream।”

“और तुम्हारा पूरा bill?”

सायरा ने तुरंत कहा,

“Obviously तुम्हारा।”

रुद्राक्ष ने हंसते हुए कहा,

“मुझे पहले ही पता था।”

दोनों हंसते हुए वापस कार की तरफ बढ़ गए।

उनकी दुनिया अभी बेहद छोटी थी।

एक स्कूल, कुछ दोस्त, ढेर सारी मस्ती, समुद्र की लहरें, ice cream और एक ऐसी दोस्ती जिसे दोनों हमेशा के लिए अपना समझते थे।

उन्हें नहीं पता था कि जिंदगी आगे उन्हें कितना बड़ा कर देगी।

लेकिन अभी नहीं।

अभी तो उनके पास जीने के लिए सिर्फ खूबसूरत दिन थे।

और उन दिनों में सबसे खास था—

रुद्राक्ष और सायरा का साथ।

स्टोरी में बहुत दर्द ,,, इमोशन से भरा हुआ है कुछ चैप्टर तक फिर रोमांस ,,

100%