भैया मिल जाएगी आपको उ लड़की।।
गुरु तब तक रेवा को देखते रहा जब तब उसकी क्या आंखों से ओझल ना हो गया।।
बंटी और राघव दोनों एक दूसरे को कंफ्यूजन में देखने लगा...।।
बंटी राघव को कंधे पर हाथ रखते हुए कहा अबे ई गुरु भैया को क्या हो गया , आज से पहले कभी किसी को माफ नहीं किया......!! चाहे वह कितना भी गिर गिरा ले...लेकिन आज उ लड़की के और उसके बाप को माफ कर जाने दिया ।।
बंटी की बात सुनकर राघव गुरु को आवाज देता है ।।लेकिन गुरु तो अभी भी बस रेवा के ख्यालों में खोया हुआ था ।।
इसलिए राघव गुरु को हिलाते हुए कहा "हे गुरु का हो गया बे तुमको , तुम ठीक तो हो ना ।।।तू उ लड़की को ऐसे कैसे जाने दिया ।।उसके बाप के देख था न कैसे बात कर रहा था तुमको से , बनारस में रहकर और यहां के गुरु भैया के सामने ही जबान चल रहा था वह बुद्ध,आज उसको सीधा कब्र में ही पहुंचा देते हैं..... हमको तो समझ नहीं आ रहा तुम उको जाने कहे दिए बे "।।
राघव के इतने सवाल के बावजूद भी गुरु कोई जवाब नहीं दिया इसलिए बंटी और राघव दोनों परेशान हो गए ।।
तभी गुरु जाकर जीप में बैठ गया ,उसके पीछे-पीछे राघव और बंटी भी जाकर बैठ गए।।
गुरु जिप लेकर वहां से निकल गया ,गुरु के जाने के बाद वहां के लोग भी धीरे-धीरे वहां से निकल गए ,क्योंकि गुरु की वजह से उन लोगों का भी गाड़ी वहीं पर अटका पड़ा था।।
गुरु जिप ले जाकर एक सुनसान रास्ते पर रोक दिया और जीप से बाहर निकाल कर जीप के बोनट पर बैठकर कुछ सोचते लगा ।।
उसके पीछे-पीछे बंटी और राघव भी निकल आए ।।वह भी राघव के अगल-बगल खड़े हो गए ।।
तभी बंटी गुरु को बियर का बोतल थमाते हुए कहा "क्या हुआ भैया जी आप कुछ परेशान लग रहे हैं ?आप ठीक तो है ना "!!
गुरु बंटी के हाथों से बियर का बोतल लेकर उसे पीते हुए कहा "नहीं हम नहीं ठीक है हमको लड़की चाहिए"।।
राघव और बंटी दोनों एक साथ बोल पड़े" मिल जाएगा भैया जी ......"!!!
लेकिन जैसे उन्हें रिलाइज होता है कि गुरु उनसे क्या मांगा है .....वह दोनों शॉक्ड होकर गुरु को देखने लगते हैं।।
वही गुरु उन दोनों को तिरछी नजर से देखते हुए कहा "क्या हुआ बे ऐसे कहे देख रहे हो .....लड़की मांगे हैं तुम्हारा जान नहीं मांगे हैं,जो आंखें फार फार कर देख रहे हो "!!
राघव और बंटी दोनों गुरु को जोर से गले लगाते हुए कहे "का बोले रहा हुआ गुरु तू अगर जान भी मांगते ना तुम वो भी दे देते ।।।लेकिन तुमको लड़की चाहिए ....मतलब उ हमारी भाभी हुई कहे बंटी "।।
तभी गुरु राघव और बंटी को खुद से दूर कर बियर का बोतल जीप के बोनट पर रख दिया ।।
बंटी और राघव की बातें सुनकर गुरु की आंखें गहरी हो गई ।।जिससे डर कर राघव और बंटी थोड़ा पीछे हो गए।।
लेकिन गुरु राघव और बंटी के कंधे को जोर से पकड़ लिया .....बंटी डरते हुए कहा "गुरु भैया माफ कर दीजिए हमको लगा कि वह लड़की आपको पसंद आ गई तो ....तो....आप उसको से शादी करेंगे" ।।।"इसलिए हम उसकी भाभी बोल दिए"!
तभी गुरु उन दोनों को गले लगा कर खुश होते हुए कहा "अबे तुम माफी कहे मांग रहे हो ,तुमको क्या लगता है हमको ऐसा वैसे लड़का है "।।।अरे हम गुरु राठौर हैं अगर कोई लड़कियों को पसंद आ गई ,तो और राठौर खानदान की बहू बनेगी और मेरी बीवी..... तुम सब हमारे जिगरी भाई हो तो तुम सब की भाभी हो ना बे"!!!
राघव और बंटी दोनों एक दूसरे को देखते हुए कहें "ठीक है भैया मिल जाएगी आपको लड़की"।।
कुछ देर बात करने के बाद वो लोग वहां से जीप लेकर निकल गए ।।
दूसरी तरफ रेवा का घर ,
रीवा अपनी सर पकड़ कर अपनी मम्मी से कहीं "मम्मी यहां के लोग कितने खतरनाक है ना बात-बात पर गण निकाल देते हैं .....देख कैसे वो लड़का सड़क के बीचों-बीच गण निकाल दिया था" ।।
शकुंतला जी रेवा का बाल में कंघी करते हुए कहें" वाकई यहां के लोग बहुत खतरनाक है ,तू भी कॉलेज बहुत संभाल कर जाना फालतू किसी से दोस्ती या बात करने के चक्कर में मत रहना"।। क्योंकि मुझे ये जगह कुछ ठीक नहीं लग रही है....!!
तभी राजेश जी सोफे पर बैठते हुए रेवा के सर पर हाथ फेरते हुए कहें" हां बेटा मैं भी तुम्हारी मां की बात से पहली बार सहमत हूं ,तुम संभाल कर ही कॉलेज जाना"।।
रेवा स्माइल करते हुए कहीं" ठीक है पापा"!!
रेवा की मां किचन में खाना बनाने चली गई ।।रेवा वहां अपने पापा से तब तक बैठकर बात करने लगी ।।
आधे घंटे के बाद रेव की मां उसे आवाज देते हुए कहीं "आप दोनों डाइनिंग टेबल पर आ जाओ खाना रेडी है"।।
तीनों लोग एक साथ बैठकर डिनर करने लगे ।।
तभी रेवा की मां शकुंतला जी राजेश जी से कहीं "कल से आपको भी अपनी ऑफिस ज्वाइन करनी है ना और रेवा तुम्हें भी कल से कॉलेज जाना है ।।तुम्हारे पापा ने यहां पर एडमिशन करवा दिया है ।।कोई दिक्कत नहीं हुई है अभी अभी जस्ट सेमेस्टर स्टार्टिंग हुआ है"।।
डिनर करते हुए तीनों लोग आपस में बातें किया और फिर तीनों लोग सोने चले गए ।।
राठौर हवेली ,
गुरु जैसे ही घर आया है, बिना किसी के तरफ देख और बात किए अपने रूम में चला गया।।
वो अपने रूम में आकर फोन बेड पर पटका और सीधे वॉशरूम में चला गया।। गुरु जो भी अपनी आंखें बंद के सवर के नीचे खड़ा था ।।उसकी आंखों के सामने बार-बार रेवा नजर आ रही थी।। रेवा के वह पतले गुलाबी होठ उसका परफेक्ट फिगर,ठंड और डर से कांपते उसके हार्ट शेप लिप्स के ऊपर कला तिल ....!!
गुरु की आंखें एक झटके से खुल गए ,उसकी आंखें हद से ज्यादा लाल नजर आ रही थी ।।जैसे अंदर से काफी ज्यादा बेचैन हो।। और उसकी लाल आंखें उसकी बेचैनी को साफ दिख रहीथी।।
चाह कर भी गुरु के ख्यालों से रेवा नहीं जा पा रही थी।। इसलिए गुरु फ्रस्ट्रेटेड होकर अपने कमर पर टावर **** करते हुए कहा" तुम जो कोई भी हो क्यूटी पाई इस गुरु राठौर का चेन और सुकून छीनकर अच्छा नहीं किया।। इसकी सजा तुम्हें मिलेगी और बहुत जल्द में वह सजा तुम्हें दूंगा..."!!!कहते हुए गुरु के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई ।।
ज्यादा से ज्यादा कमेंट कीजिए कैसे लगा आपको ये चैप्टर ??💋💞