शादी ,आस्था सिद्धांत के रूम में
आस्था नहीं प्रोफेसर में तो ऐसी ही .... जिसे सुन कर सिद्धांत ऐसे ही क्या आप जैसे लड़की डॉक्टर बन ने लायक ही नहीं है।।
आप यहां गलती से आ गई क्या ।। आस्था को गुस्सा तो आता है लेकिन बस सॉरी कह देती है।।।
सिद्धांत गुड गलती कर ने पर माफ़ी मांगना तो आता है कह कर वहां से पोडियम के तरफ निकल जाते है।।।
उन के जाते ही आस्था जैसे ही बैठ ने ही वाली होती है की सिद्धांत मुड़ कर मिस हम ने बैठ ने को नहीं कहा है ।।
जैसे ही आस्था सुन थी है बैठ ते बैठ ते रुक जाती है सिद्धांत गुड पूरी क्लास इस ही तरह खड़े रह कर सुनो आप वैसे नाम क्या है आपका।।।
आस्था धीरे से आस्था कपूर ।।।
सिद्धांत लिसन मिस कपूर जब थक में नहीं कहता रोज मेरी क्लास इस ही तरह खड़े रह कर सुन न होगा तुम्हे कह कर अपनी क्लास लेने लगते है।।
बिचारी आस्था तो खड़े होकर अपनी क्लास सुन ने लगती है।।।
उसे गुस्सा तो बहुत आ रहता लेकिन कुछ कर भी नहीं सकती छुप छप खड़े होकर सुन ने लगती है।।।
जैसे ही क्लास खत्म होते ही सिद्धांत सीधा बाहर निकल जाते है।।।
उन के जाते ही आस्था एक धाम से बैठ जाती है सारे स्टूडेंट उसे देख ते हुए ऐसा क्या कर दिया पहली ही दिन प्रोफेसर के नजरों में आ गई ।।
आस्था मेरी किस्मत ही खराब है सुबह सुबह इन से बहस हो गया है मेरा कह कर सारी क्लास को सब बता ने लगती है।।
उस में से एक लड़की खड़े होकर बिचारी डॉक्टर बने आई हो लेकिन देख न कही मेडिकल की पढ़ाई पूरे होने थक तुम खुद पेशेंट न बन जाओ।।।
आस्था ऐसा तो मात बोलो यार डॉक्टर बन मेरी मोम की सपना है।।।
देख न एक दिन अच्छी डॉक्टर बन जाऊंगी।।।
वही इस तरह एक एक कर के क्लास पूरी हो जाती है।।
आस्था पहला दिन तो अच्छा था एक सिद्धांत का क्लास को छोड़ कर जैसे ही घर जाती है।।
घर को इतना साझा हुआ देख कर उस की आंखे बड़े बड़े हो जाती है।।
खुद से ही हमारे घर में क्या हो रहा है ये घर को सजाया क्यों इतना।।।
भाई की शादी तो नहीं है कह कर जैसे ही घर के अंदर जाती है अपनी डैड को देख कर।।
जो कि काम कर रहते डैड ये क्या हो रहा है यहां।।।
भाई की शादी है क्या।। पीछे से जी मेरी नई तुम्हारी ।।
आस्था जैसे ही सुन थी है हस्ते हुए अच्छा मज़ाक है तुझे इसे अच्छा मज़ाक आता नहीं है क्या।।
गौतम मज़ाक नहीं बेटा सच है ।। जैसे ही आस्था अपनी डैड के मुंह से ये सुन थी है।। हैरान होकर अपनी डैड को देख ने लगती है।।
गौतम जी हां बेटा सच है तेरी शादी है वो भी आज रात को।।।
जैसे ही आस्था ये सुन थी है उसे तो झटक ही लग जाता है हैरान होकर क्या लेकिन क्यों डैड अचानक क्यों मेरी age देखी है सिर्फ 18 की हूं अचानक क्यों डैड।।
गौतम कुछ अचानक नहीं है बेटा सब पहले से ही बात हुई है बस तुम्हे नहीं बताया।।।
अब बोल दिया न चलो अच्छा बच्चा रेडी हो जाओ सब भाई ने रेडी कर दिया है।।
अमन लेकर जा इसे.....
अमन जी डैड....चल अस्तु ।।
आस्था हैरान होकर ये सब क्या चल रहा है डैड मुझे कुछ समझ में नहीं आ रह है।। मेरी आज कॉलेज का पहला दिन है और आप ये सब क्या चल रहा है।।। मुझे समझ में नहीं आ रहा है।।।
अमन तेरी पढ़ाई पर कोई प्रब्लॉम नहीं होगी वो लोग मन गए है तू परेशान मात होना ।।।
आस्था शॉक से क्या लेकिन जल्दी से होश में आकर लेकिन मुझे तो कल से हॉस्टल में रहना होगा न कॉलेज में परमिशन नहीं मिलेगी पता है न आपको।।
गौतम हम ने बात कर ली तुम्हारी कॉलेज में बेटा सब मन गए।।। जैसे ही आस्था सुन थी है शॉक से हां मन गए लेकिन में नहीं करूंगी डैड शादी।।।
गौतम उस की गाल पर हाथ रखते हुए करना पड़ेगा बेटा वरना तुम हम दोनो का मारा हुआ चेहरा देखोगी ।।।
जिसे सुन कर तो आस्था का चेहरा पिला ही पढ़ जाता है।।।
लेकिन गुस्से बंद करिए डैड पूरा ने फिल्म की तरह बाते करना आप ऐसा कुछ नहीं करेंगे।।।
जिसे सुन कर गौतम जी जोर जोर से हस्ते हुए ऐसा लगता है क्या तुम्हे बेटा तो गलत लगता है।।।
देख न चाहोगी डैड क्या कर सकते है क्या देखो कह कर अपनी रूम में जाकर जहर की बॉटल लेकर आते है।।।
देखो बेटा ये जहर है पता तो होगा कि डॉक्टर बन ने जा रही है ये में पी लेता हूं कह कर उसे खोल कर जैसे ही पीने लगते है की।।।
ये देख कर आस्था एक धाम शॉक होकर डैड आप ये क्या कर रहे है कहते हुए जैसे ही उन के तरफ जाने लगती है की लेकिन तब थक लेट हो चुका था गौतम जी जहर पी चुके ते।।।
ये देख कर आस्था डैड कह कर जोर से चिल्लाकर उन के पास आकर उस बॉटल को फेक देती है आप चलिए मेरे साथ हॉस्पिटल डैड चलिए डैड कह कर जैसे ही उन की हाथ पकड़ ने ही वाली होती है की गौतम जी।।
उस की हाथो को झटक कर नहीं बेटा जब थक तू शादी के लिए हां नहीं करोगी तो हॉस्पिटल नहीं जाऊंगा।।।
जिसे सुन कर आस्था गुस्से बंद करिए बकवास अपनी भाई के तरफ देख कर भाई देख क्या रहा है चल डैड को हॉस्पिटल लेकर चल ते है।।।
जिसे सुन कर अमन नहीं डैड जो कह रहे है तुझे वो करना ही होगा हां बोल शादी के लिए।।
जिसे सुन कर आस्था गुस्से बंद करिए बकवास लेट हो रहा है भाई कहते हुए उस की आंखो से आंसू निकल रहते गुस्से रोते हुए चलिए डैड लेट हो रहा है please डैड।।।
गौतम जी नहीं जब थक हां नहीं कहती में नहीं जाऊंगा कहते हुए जोर जोर से खांस ने लगते है कि ये देख कर आस्था की सांस अटक जाती है।।।
जल्दी से हां हां करूंगी शादी करूंगी सुन लिया आपने।।।
अब चलिए आप मेरे साथ।।। जिसे सुन कर अमन खुश होकर डैड नहीं डॉक्टर को बुला था हूं यही है माथुर अंकल के घर आए है उन की चेक अप करने कह कर लेकर वहां से भाग जाते है।।
ऐसा लग रहता ये सब पहले ही डिसाइड कर चुके ते ऐसा ही कुछ होगा इसलिए पहले ही डॉक्टर को बुला लिया था।।।
कुछ ही देर में डॉक्टर आकर गौतम जी को चेक करते है।।।
वो कुछ ही देर में ठीक भी हो जाते है ।।। ये देख कर आस्था जोर जोर से रोने लगती है रोते हुए आप ने ये ठीक नहीं किया है डैड आपको इस के लिए माफ नहीं करूंगी कह कर वहां से भाग कर निकल जाती है।।।
रात का वक्त।।।
कपूर मेंशन में कही सारे कार्स आकर रुक थी है जिस में से कही सारे लोग उतर कर अंदर आते है।।
जहां हाल में मंडप रेडी था।।
उन के आते ही गौतम जी अमन आकर उन की वेलकम करते हुए आइए आइए हर्ष जी संध्या जी आइए ।।
पूर्वी वैसे भाभी कहां है मेरी ......अमन अंदर है आप जाइए उस तरफ रूम है उन का रेडी हो रही है।।।
पूर्वी अभी अति हूं मोम कह कर वहां से निकल जाती है।।।
अमन आगे आकर जीजू चलिए पंडित जी आपका ही वेट कर रहते चलिए।।।
सिद्धांत hmm....कह कर जाकर बैठ जाते है मंडप पर।।।
शादी की विधि विधान शुरू हो जाती है।।।
सिद्धांत के चेहरे पर कोई भाव थी ही नहीं था ऐसा लग रहता उन्हें इस शादी से कोई लेना ही देना ही बस अपनी फैमिली के लिए ये शादी कर रहते।।।
जैसे आस्था कर रहती।।।
तभी पंडित जी दुलहन को बुला ते है कुछ ही देर में आस्था को मंडप पर लेकर आते है आस्था की नजरे नीची थी उस ने अभी थक सिद्धांत को देखा थक नहीं।।।
न ही सिद्धांत उसे देखा था।।।
जैसे ही आस्था आकर उन की साइड में आकर बैठ थी एक एक कर के रस्मे होने लगते है ।।
जैसे ही वरमाला पहना ने को कहते है पंडित जी दोनो ही खड़े हो जाते है।।
जैसे ही वरमाला दोनो ही हाथों में लेते है ।।
तब जाकर दोनो एक दूसरे को देख ते है ।। जैसे ही आस्था सिद्धांत को देख थी है उस की आंखे एक धाम से बड़ी हो जाती है शोक से।।।
वही सिद्धांत के फेस पर एक छोटी स्माइल आ जाती है जिसे देख कर आस्था की सांस तो अटक ही जाती है।।।
सिद्धांत वारमल गले में डाल देते है आस्था भी पहना देती है लेकिन उसे सिद्धांत की वो स्माइल देख कर उस की रूह थक कांप जाता है।।।
कस कर अपनी लहंग को मुट्ठी में बंद कर लेती है।।
उस की अंदर हिम्मत ही नहीं थी कि सिद्धांत के आंखो में देखे छुप छप बैठ जाती है।।।
देख ते ही देख ते सारे रस्में होने लगते है शादी भी हो जाती है।।।
दोनो ही मिल कर बढ़ोके आशीर्वाद लेते है ।। विधाई भी हो जाती है।।
आस्था का हल तो रो रो कर बुरा हो चुका था एक तो पहले ही उस की शादी हो चुकी थी वो भी खुद की प्रोफेसर के साथ ।।
जिसे वो पसंद ही नहीं करती है।।
घर आकर भी एक एक कर के रस्मे हो जाती है।।
संध्या जी पूर्वी से भाभी को लेकर भाई के रूम में जा उसे रेस्ट करना होगा।।
पूर्वी जी मोम कह कर लेकर जाती है।।
पूर्वी जैसे ही रूम से बाहर जाने लगती है की।।
ये देख कर आस्था आप यही रुकिए न प्लीज़।।।
पूर्वी भाभी नहीं रुख सकती आप समझिए न आप की आज फास्ट नाइट है अगर मां को पता चला न तो मेरी खैर नहीं में चल थी हूं आप डरिए मात भाई सब देख लेंगे।।।
वैसे आपको कुछ करने की जरूरत नही भाई सब कर लेंगे डरिए मात कह कर पूर्वी अपनी कंधे से कंधे मार कर आस्था को छेड़ ने लगती है।।
जिसे देख कर आस्था को और ज्यादा डर लगने लगता है
पूर्वी वहां से निकल जाती है ।। ।
उस के जाते ही कुछ बीस मिनट बाद सिद्धांत अपनी रूम में आ जाता है।।।
आगे क्या होगा कॉमेंट एंड रिव्यू दीजिए प्लीज प्लीज़ प्लीज़ यार रिव्यू दीजिए