nightmare tales - Chapter 1
पहला चैप्टर....
बरसात की एक ठंडी रात थी। घड़ी में ठीक 12:07 बजे थे। पहाड़ियों के बीच बसे छोटे-से गाँव देवगढ़ पर घना कोहरा छाया हुआ था।
हवा इतनी तेज़ चल रही थी कि पुराने पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकराकर अजीब-सी आवाज़ें निकाल रही थीं ।
गाँव के लोग एक रास्ते से रात होने के बाद कभी नहीं गुजरते थे।
उस रास्ते के आखिर में एक सूखा बरगद का पेड़ था। कहते थे, हर अमावस्या की रात उस पेड़ की एक डाल पर लाल चुन्नी लहराती दिखाई देती है।
जिसने भी उस चुन्नी को छूने की कोशिश की... वह फिर कभी पहले जैसा नहीं रहा।
लेकिन शहर से आया आरव इन बातों पर विश्वास नहीं करता था। वह एक पत्रकार था और उसे लगता था कि यह सब अंधविश्वास है। सच जानने के लिए वह कैमरा लेकर उसी रास्ते पर निकल पड़ा।
जैसे ही वह बरगद के पास पहुँचा, हवा अचानक थम गई।
चारों तरफ़ ऐसा सन्नाटा छा गया कि उसे अपनी साँसों की आवाज़ भी साफ़ सुनाई देने लगी।
तभी...
बरगद की ऊँची डाल पर सचमुच एक लाल चुन्नी हवा के बिना ही धीरे-धीरे हिल रही थी।
आरव ने कैमरा उठाया और उसकी तस्वीर लेने लगा।
कैमरे की स्क्रीन पर उसे चुन्नी के नीचे एक लड़की खड़ी दिखाई दी...
लेकिन जब उसने कैमरे से नज़र हटाकर सामने देखा...
वहाँ कोई नहीं था।
उसका दिल तेज़ी से धड़कने लगा।वह दोबारा कैमरे की स्क्रीन देखने लगा। इस बार लड़की मुस्कुरा रही थी...
और धीरे-धीरे कैमरे की तरफ़ बढ़ रही थी।
आरव घबराकर पीछे हटा।
तभी उसके कान के बिल्कुल पास किसी लड़की की धीमी आवाज़ गूँजी—"क्या तुम भी मेरा इश्क़ अधूरा छोड़ दोगे...?"
आरव ने पलटकर देखा...
और उसके हाथ से कैमरा ज़मीन पर गिर पड़ा।
कैमरा ज़मीन पर गिरते ही उसकी स्क्रीन अपने-आप जल उठी। टूटी हुई स्क्रीन पर वही लड़की दिखाई दे रही थी। इस बार उसकी मुस्कान गायब थी।
उसकी आँखों से खून जैसे लाल आँसू बह रहे थे।
आरव ने काँपते हाथों से कैमरा उठाया, लेकिन स्क्रीन अचानक काली हो गई।
तभी पीछे से पायल की धीमी-धीमी आवाज़ सुनाई दी...
छन... छन... छन...
वह धीरे-धीरे पलटा।बरगद के नीचे एक लड़की खड़ी थी। उसने लाल चुन्नी ओढ़ रखी थी।
उसका चेहरा लंबे बालों से ढका हुआ था। हवा बिल्कुल नहीं चल रही थी, फिर भी उसकी चुन्नी अपने-आप लहरा रही थी।
"तुम... कौन हो?" आरव ने काँपती आवाज़ में पूछा।
लड़की ने कोई जवाब नहीं दिया।
उसने बस अपना दायाँ हाथ उठाया और जंगल की ओर इशारा कर दिया।अचानक आरव के कैमरे से अपने-आप एक फोटो निकलकर ज़मीन पर गिर गई।
उसने फोटो उठाई... उसकी साँसें थम गईं।फोटो में वह अकेला नहीं था।
उसके ठीक पीछे वही लाल चुन्नी वाली लड़की खड़ी थी... और उसके चेहरे पर एक डरावनी मुस्कान थी।तभी दूर मंदिर की घंटी अपने-आप बजने लगी।
गाँव के एक बूढ़े ने दौड़ते हुए चिल्लाकर कहा—"भाग जाओ! आज अमावस्या है... वह अपना अधूरा इश्क़ पूरा करने निकल चुकी है!"
आरव कुछ समझ पाता, उससे पहले लाल चुन्नी वाली लड़की अचानक उसकी आँखों के सामने से गायब हो गई...
लेकिन उसके कान के पास फिर वही आवाज़ आई—
"अब तुम मुझसे बच नहीं सकते..."
यह.. यह सब क्या हो रहा है मेरे साथ ... आरव घबराते हुए खुद में बोला ।
आरव के कानों में वही आवाज़ गूँज रही थी..."अब तुम मुझसे बच नहीं सकते..."!!उसकी साँसें तेज़ हो गईं। उसने डरते हुए चारों तरफ़ देखा,।
लेकिन वहाँ कोई नहीं था। बरगद का पेड़ फिर से बिल्कुल शांत खड़ा था, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
तभी उसके हाथ में पकड़ा कैमरा अपने-आप चालू हो गया।
स्क्रीन पर एक पुराना वीडियो चलने लगा।वीडियो में वही बरगद का पेड़ था। उसके नीचे लाल चुन्नी ओढ़े एक लड़की किसी का इंतज़ार कर रही थी। कुछ देर बाद एक युवक वहाँ आया। दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराए। ऐसा लग रहा था जैसे वे एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हों।
अचानक वीडियो काँपने लगा...एक ज़ोरदार चीख सुनाई दी...और स्क्रीन काली हो गई।आरव के शरीर में सिहरन दौड़ गई।"ये कौन लोग हैं...?" उसने खुद से कहा।
तभी पीछे से किसी ने उसका नाम पुकारा ।
"आरव..."वह पलटा।सामने वही बूढ़ा खड़ा था, जिसने उसे भागने के लिए कहा था।
बूढ़े की आँखों में डर साफ़ दिखाई दे रहा था।"बेटा, जितना देखा है, उतना ही काफ़ी है।
इस गाँव के कुछ राज़ ऐसे हैं जिन्हें जानने वाला कभी चैन से नहीं जीता।"
"लेकिन वो लड़की कौन है? और वह मुझे ही क्यों दिखाई दे रही है?"
बूढ़े ने गहरी साँस ली।"क्योंकि उसने तुम्हें चुना है... अपने सच का गवाह बनाने के लिए।"
"क्या मतलब? "बीस साल पहले उसकी मौत नहीं हुई थी... उसका कत्ल हुआ था।"आरव के पैरों तले ज़मीन खिसक गई।"किसने किया उसका कत्ल?"
बूढ़ा जवाब देने ही वाला था कि अचानक तेज़ हवा चलने लगी।बरगद की डालियाँ ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगीं।
पेड़ के पीछे से वही लाल चुन्नी वाली लड़की धीरे-धीरे बाहर आई।
इस बार उसके चेहरे पर मुस्कान नहीं थी...
उसकी आँखों में सिर्फ़ दर्द था।उसने अपना हाथ उठाया...
और सामने की मिट्टी की ओर इशारा किया।अगले ही पल ज़मीन अपने-आप फटने लगी।
मिट्टी के अंदर से एक पुराना चाँदी का लॉकेट बाहर आ गया।आरव ने काँपते हाथों से लॉकेट उठाया।जैसे ही उसने उसे खोला...
उसके अंदर एक तस्वीर थी।
तस्वीर में वही लाल चुन्नी वाली लड़की थी.।लेकिन उसके साथ खड़ा युवक कोई और नहीं...खुद आरव जैसा दिख रहा था।आरव की आँखें हैरानी से फैल गईं।"ये... ये कैसे हो सकता है?"।
तभी लड़की की आवाज़ फिर गूँजी—"सच की शुरुआत हो चुकी है..."।
और अगले ही पल वह धुएँ की तरह हवा में गायब हो गई।
आरव के हाथ से लॉकेट गिर पड़ा...।।और दूर मंदिर की घंटी अपने-आप बजने लगी।
अब आगे
ठक... ठक... ठक...
ऊपर से आती कदमों की आवाज़ पूरे सन्नाटे में गूँज रही थी।
आरव ने टॉर्च कसकर पकड़ी और धीरे-धीरे सीढ़ियाँ चढ़ने लगा। हर सीढ़ी पर उसके कदमों के साथ पुरानी लकड़ी चर्र... चर्र... की आवाज़ कर रही थी।ऊपर पहुँचते ही उसे एक कमरा दिखाई दिया।
दरवाज़ा आधा खुला था।जैसे ही उसने दरवाज़े को धक्का दिया, बर्फ जैसी ठंडी हवा उसके चेहरे से टकराई।
कमरे के बीचों-बीच एक पुरानी लकड़ी की मेज़ रखी थी।
उस पर धूल से ढकी एक डायरी पड़ी थी।आरव ने काँपते हाथों से डायरी खोली।
पहले पन्ने पर लाल स्याही से लिखा था—
"अगर तुम यह डायरी पढ़ रहे हो... तो समझ लो कि अब लौटना आसान नहीं होगा।"
आरव का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा।उसने अगला पन्ना पलटा।
"मेरा नाम राधिका है।
मैंने सिर्फ़ एक इंसान से प्यार किया... लेकिन मेरे उसी प्यार ने मेरी ज़िंदगी छीन ली। जिस पर मैंने सबसे ज़्यादा भरोसा किया, उसी ने मुझे मौत के रास्ते पर छोड़ दिया..." ।
अचानक...
डायरी के सारे पन्ने अपने-आप तेज़ी से पलटने लगे।
फड़... फड़... फड़...
कमरे की खिड़कियाँ अपने-आप खुल गईं।
तेज़ हवा चलने लगी।
टॉर्च बुझ गई।
घुप अँधेरे में किसी लड़की के रोने की आवाज़ सुनाई दी।
"मुझे इंसाफ़ चाहिए..."
आरव ने टॉर्च दोबारा जलाने की कोशिश की।
जैसे ही रोशनी हुई...उसने देखा...
कमरे के कोने में वही लाल चुन्नी वाली लड़की खड़ी थी।
इस बार उसने धीरे-धीरे अपना चेहरा ऊपर उठाया...
और पहली बार आरव ने उसका चेहरा साफ़ देखा।
लेकिन उसे देखकर उसके होश उड़ गए।
क्योंकि वह चेहरा...
डायरी में लगी तस्वीर से बिल्कुल मिलता था।
तभी लड़की ने काँपती आवाज़ में कहा—
"कातिल अभी ज़िंदा है..."
इतना कहते ही वह धुएँ की तरह गायब हो गई।
आरव ने घबराकर डायरी उठाई और भागने लगा।
लेकिन जैसे ही वह हवेली के बाहर पहुँचा...
उसे लगा कि कोई उसकी पीठ के पीछे खड़ा है।
उसने धीरे-धीरे पीछे मुड़कर देखा...
और उसके हाथ से डायरी फिर ज़मीन पर गिर गई।
लाल चुन्नी वाली दुल्हन की कातिल कौन है ?? आगे जानने के लिए follow me...
यह लाल चुन्नी वाली लड़की कौन है ? आगे पढ़ने के लिए
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