The Devil's Obsession Ch. 2

The Devil's Obsession - Chapter 2

Posted by Krupali Kalsariya • Jun 17, 2026 11:36 AM

मुझे दर्द हो रहा है...!

अब आगे

है... नितिन कॉल कट करके अपने कैंप में सोने चला जाता

...मैसूर ...... एक आलीशान घर......

जहां की खूबसूरती का कोई अंदाजा नहीं लगा सकता... बाहर से जितना डरावना अंदर से उतना ही डरावना और खूबसूरत वहां के एक कमरे से लगातार एक लड़की की सिसकियां गूंज रही थी वह लड़की हाफते हुए कहती हैं... अभय प्लीज स्टोपेड... मुझे दर्द हो रहा है...

अभय हाफते हुए कहता है... फ्री में नहीं लाया हूं पैसे दिए है और सेटिस्फाई नहीं कर सकती... तो हा क्यों कहा पहले हा... बताओ चीनी...

चीनी गुस्से से चिल्लाते हुए कहती हैं... मैंने कहा था सेक्स करने के लिए... पति बनने के लिए नहीं... 8 बजे से लगे हो 11 बज चुके हैं... इतनी एनर्जी ल.... लाते कहा से हो ...!

अभय हंसते हुए कहता है... तुम्हें मुझसे मतलब नहीं होना... चाहिए बस मेरे साथ सोने से मतलब होना चाहिए और मैं तुम्हें सेटिस्फाई कर रहा हूं ना...

चीनी कहती हैं... इसे सेटिस्फाई नहीं कहते... इसे जान लेना कहते हैं मेरी जगह की वाट लगाकर रख दिया है... तो अभय कहता है... शट अप और उसे किस करता है और अपनी रफ़्तार बढ़ा देता है...

चीनी खुद से कहती हैं... हे भगवान क्यों शैतान से मैंने पैसे ले लिए... यह तो मेरी जान के पीछे पड़ा है... कोई आओ मुझे बचा लो वरना आज मैं मर ही जाऊंगी... लेकिन शायद भगवान उसके ऊपर मेहरबान था... उस कमरे का डोर नॉक होता है... चीनी खुश हो जाती है और अभय से कहती है... अभय दरवाजे पर कोई है

अभय कहता है... अभी 1 घंटे बाकी है ...!

चीनी कहती है... फिर कभी...!

तो अभय कहता है... नहीं अभी मतलब अभी... तभी डोर पर फिर से नॉक होता है.

अभय चिल्लाते हुए कहत हैं... कौन है एक डरा देने वाली आवाज बाहर से आती है... तेरा बाप हूं अभय की आंखें बड़ी हो जाती है और वह कहती है... अंश मैं आ रहा हूं... और चीनी के ऊपर से उठता है और अपने कपड़े पहनते हुए जाने लगता है...!

तो चीनी हंसते हुए कहती है... क्या हुआ...!

अभय कहता है... तुम्हें अपने काम से काम रखना चाहिए जाओ अब...!

चीनी कहती है... ठीक है लेकिन बचे हुए पैसे वापस नहीं करूंगी...

अभय उसे घूर के देखता है और कहता है... रख लो और तुरंत उस कमरे से निकल जाता है...

स्टडी रूम.

वहां पर चार लोग मौजूद थे... अभय दौड़ते हुए आता है और अंश के सामने खड़ा हो जाता है अंश उसे घूर के देखता है और कहता है... तुम्हारे कमरे के बाहर तक आवाज आ रही थी... क्या तुम फिर से लड़की लेकर आए थे या तुमने उसे मार डाला...

अभय उसके सामने खड़ा हो जाता है और कहता है... यार तू हमेशा मुझे गलत क्यों समझता है... मेरी भी अपनी जरूरतें हैं अगर सेक्स नहीं करूंगा...

तो बिना मतलब का हर जगह टपकता फिरेगा और लोगों के सामने देखा है ना... कैसे हो जाता है मेरा पेंट... ऐसा लगता है जैसे पता नहीं क्या-क्या भर के रखा है मैंने... इसीलिए उसे लेकर आया था... मैंने मारा नहीं है उसे पैसे से लाया था और वह चली गई तेरे कारण... अभी 1 घंटे बाकी थे मेरे...!

वीर कहता है.... तो मैं चला जाऊं क्या तेरे 1 घंटे के लिए...

अभय उसे घूर के देखता है और कहता है... तू चुप रह समझा...

अंश चुपचाप बैठा उन सब का तमाशा देख रहा था वह जोर से गुर्राते हुए कहता है... तुम सभी किसी काम के नहीं हो एक ने उस लड़की को छोड़ दिया और दूसरा लड़कियों के साथ सोते फिर रहा है... लगता है तुम सबको पता नहीं है कि हम लोग यहां आए क्यों थे...

शौर्य कहता है... सॉरी ब्रो...

अंश कहता है... क्या वह काम हो गया जिसके लिए मैंने तुम्हें कहा था शौर्य...

शौर्य कहता है... हां मैंने उस लड़की के पीछे अपने कुछ जासूस लगा दिए थे... और उसके एकोडिंग मुझे पता चला है... कि वह होश में आते ही हमारे बारे में उन सबको बता चुकी है... क्या करना है उसके साथ

अंश एक गहरी सांस लेता है और कहता है... उठा लो उसे

शौर्य है में सिर हिलाता है और तो वहां से चला जाता

है...

अभय जिसके दिमाग में हमेशा कुछ और ही चलता था वह अंश की तरफ देख कर कहता है... क्या वह खूबसूरत है या तुम उसके साथ सोना चाहता है...

अंश उसे अपनी पीली आंखों से उसे घूरते हुए कहता है... यह सब फालतू काम तुम जैसा डॉग को सूट करता है मुझ पर नहीं... और अगर वह लड़की प्रेग्नेंट हो तो उसकी जिम्मेदारी तुम लोगे...

अभय हकलाते हुए कहता है... न... नहीं मैंने उसे मेडिसिन खाने को बोलना भूल गया... फिर जल्दी से कहता है... नहीं ऐसा नहीं होगा वह प्रेग्नेंट नहीं होगी... मैंने कंडोम यूज़ किया था...!

अंश कहता है... पैकिंग करो हम दिल्ली जा रहे हैं...!

तो अभय कहता है... लेकिन डैड ने तो नहीं कहा कि हम लोग दिल्ली जा रहे हैं...

अंश उसकी तरफ देख कर कहता है... यह मेरी मर्जी है कि हम लोग कब जाएंगे और कब नहीं जाएंगे... मेरा जितना भी सब्र था वह सब टूट चुका है...

3 साल की उम्र से मां-बाप से दूर है... 4 साल से यहां पड़ा हुआ हूं... अब मैं वापस दिल्ली जा रहा हूं और तुम सभी जा रहे हो... इट्स माय फाइनल डिसीजन और अंकल से कह देना कि मैं उनके रिस्पेक्ट करता हूं यह कहकर हो वहाँ से चला जाता है........।

वीर एक गहरी सांस लेता है और अभय की तरफ देख कर कहता है... वैसे तू तेरे डैड की तरह है ना मतलब जिया बुआ से तेरी तरह वाइड बिहेव करता था...

लेकिन अब देखा है कितना प्यार करते हैं... वह अभय उसकी तरफ देखता है और कहता है... तू अपना मुंह बंद करेगा हर्ष बहुत अच्छा है समझा...

वीर कहता है... तू फिर से अपने डैड का नाम ले रहा है... अगर उन्हें पता चला... तो इस बार पता नहीं वह क्या करेंगे...!

अभय कहता है... तू तो बड़ा शरीफ निकला... वीर कहता है... मतलब मैं समझा नहीं...

अभय कहता है... मैंने सुना तू ने उस लड़की को वापस उसके कैंप तक छोड़ने गया था... कहीं बीच रास्ते में कुछ ऐसा वैसा तो नहीं किया ना तूने...

वीर उसे घूर के देखता है और कहता है... तेरी तरह नहीं हूं समझा बिना मर्जी के किसी को नहीं छूता मैं और एक बात वह बच्ची है यार... कितनी प्यारी थी उसकी वह काली गहरी आंखें उसका डरा हुआ चेहरा और उसका वह दूध जैसा गोरा बदन... वो लगभग 23 साल की थी वीर अभय की तरफ देखते हुए कहता है...

यह सब छोड़ जहां तक मुझे पता है तू तो कभी कंडोम यूज़ करता नहीं तो तूने अंश के सामने झूठ क्यों कहा...

अभय कहता है... मरना है क्या मुझे और वैसे भी वह लड़की के बहुत सारे कस्टमर है और वह पिल्स तो ले ही लेगी... लेकिन कोई नहीं मैं उसे कॉल करके बोल दूंगा... कि वह दवाई ले ले अगर नहीं लेगी और प्रेग्नेंट हुई तो... वह जाने मैंने पैसे दे दिए थे... उसे

वीर कहता है... वैसे कितने पैसे दिए थे तूने उसे...

अभय नजरें चुराते हुए कहता है... मैं उसे 5 घंटे के लिए लाया था 500000 दिए थे...

वीर उसकी तरफ देखकर हैरानी से कहता है... क्या 500000 अबे क**** हम लोग इतने अच्छे दिखते हैं... कि सारी लड़कियां हमारे आगे पीछे घूमती हैं... तुझे पता है ना जब हम वेगास में थे...

तब सभी वहां की लड़कियां हमारे साथ सोने के लिए मरी जाती थी... और तू ₹500000 में एक लड़की को लेकर आ रहा है...!

अभय कहता है... तो क्या करूं और वैसे भी तुझे तो पता है ना हम लोग कौन हैं... और देखना यह मेरी पर्पल आंखें कितनी अच्छी लगती हैं ...

वीर कहता है... तुझ से बात करना बेकार है अब मैं चलता हूं अपने लिए शिकार खोजने यह कहकर वह वोल्फ बनके जंगल की तरफ चला जाता है...

. जंगल, सुबह का वक़्त

सभी दोस्त अपना अपना कैंप को समेट रहे थे... क्योंकि सभी दिल्ली वापस आने के लिए निकल रहे थे... अवनी मुंह लटकाए हुए बैठी थी...

क्योंकि उसे जाने का मन नहीं था नितिन कहता है... फिर कभी चलेंगे ना चलो अभी यह कहकर वह उसे अपनी गोद में उठाता है और गाड़ी में बैठा देता है... सभी दिल्ली के लिए निकल जाते हैं...!

इधर अंश, शौर्य, वीर, अभय और विमल वह पांचों भी दिल्ली के लिए निकल चुके थे... अंश का अपना खुद का एक प्राइवेट जेट था ।

वीर उसकी तरफ देख कर कहता है... कि हम सब कॉलेज अटेंड करेंगे...

अंश उसकी तरफ देखता है और कहता है... मेरे मास्टर्स बाकी हैं सोच रहा था दिल्ली में कर लू या फिर ऑफिस ज्वाइन कर लेता हूं...

अभय अंश से कहता है... वैसे अंश भाई मैं एक सवाल पूछू

अंश उसकी तरफ देखता है और कहता है... नहीं...!

अभय उसकी बात को इग्नोर कर कहता है... हम सभी तो बॉयज हॉस्टल में पढे हैं ना... तो हम दोनों को लड़कियों से बात करना बहुत अच्छे से आता है... लेकिन आप तीनों को लड़कियों से बात करना बिल्कुल नहीं आता तो आप तीनों कैसे करोगे...!

अंश उसकी तरफ देखकर सरकास्टिक इस्माइल करता है और कहता है... मेरी शक्ल पर तुझे बेवकूफ लिखा है... तुम लोगों की तरह में हवस का पुजारी नहीं हूं लेकिन एक बात है जो लड़की मुझे पसंद आ जाए...

वह मेरे बेड तक आ ही जाती है... प्यार से हो चाहे जबरदस्ती और बकवास बंद करो और चलो यह कहकर वह अपनी आंखें बंद कर लेता है और पुरानी यादों में खो जाता है......!

क्रमश:

The devil's obsession

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