एक ट्रांसजेंडर की आपबीती - Chapter 3
नशे में कही गई कि केशव की इन बातों को उसके शराबी दोस्तों ने आग की तरह लोगों में फैला दिया,,,,
जब लोगों को इस बारे में पता चला तो सब लोग हैरान रह गए कि आज तक उनसे यह सब सच छुपा हुआ था और आखिरकार आग की तरह यह खबर पूरे शहर में फैल गई,,,,,
अब लोग आते जाते जो कभी शिव के पापा को सलाम किया करते थे, वे लोग अब शिव के पापा रामविलास पर ताने कसने लगे,,,,,
शिव के घर वालों को बाहर निकलना बंद हो गया उनकी काफी बदनामी हुई लोग उन्हें नफरत की निगाह से देखने लगे,,,,
एक दिन गुस्से में शिव की बहन घर आई और अपना बैग गुस्से में जोर से एक तरफ फेंका, उसे गुस्से में देख कर उसके पापा बोले क्या हुआ बेटा सावित्री तुम इतने गुस्से में क्यों हो,,,,,
यह सुनकर सावित्री रोने लग गई और बोली पापा तुम्हारे उस बेटे की वजह से तुम्हें पता है मुझे कितनी बदनामी सहन करनी पड़ी आज मेरी सब दोस्तों ने सबके सामने मुझे एक हिजड़े की बहन कह कर मेरा मजाक बनाया,,,
तुम्हारे उस बेटे की वजह से हमारी जिंदगी नरक हो गई है हम घर के अंदर घुट घुट कर जीने पर मजबूर हो गए हैं लोगों ने हमारा बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है,,,,,
यह सुनकर आकाश बोला हां पापा उसकी वजह से मुझे भी ना जाने कितने तानों का सामना करना पड़ता है लोग आते-जाते मेरा मजाक उड़ाते हैं लोगों का कहना है कि वह एक हिजड़ा है और हम लोग उसे जबरदस्ती लोगों के सामने एक मर्द साबित करने पर लगे हुए हैं,,,,,
यह सुनकर शिव के माता पिता दोनों ही परेशान हो गए ,तब शिव की मम्मी बोली लेकिन बेटा,,,,,
तब उसकी बात बीच में ही काटते हुए सावित्री बोली आप तो रहने ही दो मम्मा आपने ही बचपन से हमेशा उसकी तरफदारी की है, उसका पक्ष लिया है कहीं ना कहीं आज जो कुछ भी हो रहा है उसमें आप भी भागीदार हो क्योंकि आप न हीं बचपन से उसे अपने सिर पर जो चढ़ाया है,,,,,
दरवाजे के पीछे छुप कर उनकी बातें सुन रहा शिव भी अपने आंसू नहीं रोक सका कि अगर भगवान ने उसे ऐसा बनाया है और वह ऐसा है तो उसमें उसकी क्या गलती है जिसकी वजह से अब उसके खुद के घर वाले उसके भाई-बहन भी उससे नफरत करने लगे हैं, उन लोगों को अब वह एक काला धब्बा नजर आता है,,,,,
शिव के दर्द को उसकी मां के अलावा और कोई नहीं समझता था लेकिन उसकी मां भी शायद घरवालों और समाज के आगे मजबूर थी इसलिए वे चाह कर भी शिव का साथ नहीं दे पाती थी,,,,,
शिव के माता-पिता को यह तो अच्छे से मालूम था कि शिव का शरीर पूरी तरह एक पुरुष का है जबकि उसकी आत्मा एक औरत की है,,,,,
आखिरकार उन लोगों ने काफी सोच समझ कर फैसला लिया की शिव की शादी कर दी जाएगी, अब शिव की उम्र भी 22 साल हो गई है,,,,
ऐसे में अगर शिव की शादी कर दी जाएगी और उसकी बीवी से शिव के दो-तीन बच्चे हो गए तब लोगों की जुबान अपने आप हो बंद हो जाएगी और शायद अपनी बीवी के आने से शिव में भी कुछ बदलाव आ सके इसलिए उन लोगों ने काफी सोच समझकर शिव की शादी करने का फैसला लिया,,,,,
अब तक आपने पढ़ा कि कैसे शिव के मम्मी पापा शिव की शादी करने का फैसला लेते है, लेकिन शिव की बदनामी की वजह से कोई भी अमीर और खानदानी परिवार अपनी बेटी शिव को देने के लिए तैयार नहीं था,,,,,
शिव के मम्मी पापा ने काफी कोशिश की लेकिन शिव के लिए कोई भी रिश्ता नहीं आया सभी बहुत परेशान थे,,,,
तभी अचानक एक दिन शिव के मामा ने शिव के पापा के पास फोन किया और कहा जीजाजी क्या जो कुछ मैंने शिव के बारे में सुना वह सच है,,,,
यह सुनकर शिव के पापा ने कोई जवाब नहीं दिया, तब शिव के मामा बोले मुझे पता है कि आप कितने दुखी है अरे शिव आखिर में हमारा भी बेटा है आप चाहे मुझे ना बताओ लेकिन एक बार जब शिव हमारे यहां आया था तो मैंने एक रात उसे चोरी छुपे अकेले में अपनी मामी के कपड़े पहन कर सिंगार कर सजदे हुए देख लिया था,,,,
उसे इस रूप में देख कर मैं काफी हैरान रह गया जब मैंने उससे बात की तुम मुझे सच्चाई का पता चला लेकिन आपको कोई ठेस ना पहुंचे इसलिए आपको कुछ नहीं बताया था,,,,,
यह सुनकर शिव के पापा रो पड़ा और कहने लगा क्या बताऊं शिव की वजह से हमारी शहर में काफी बदनामी हो गई है, कोई भी उसे अपनी बेटी देने के लिए तैयार नहीं है अब इसका तो एक रास्ता है कि अगर शिव की शादी हो जाए और उसके बच्चे हो जाए तो लोगों का मुंह अपने आप ही बंद हो जाएगा,,,,,
शिव के पापा की बात सुनकर शिव के मामा ने कुछ देर सोचा और फिर कहां अगर जीजा जी आप बोले तो एक रिश्ता है मेरी नजर में,,,,,
यह सुनकर शिव के पापा को जैसे मुंह मांगी मुराद मिल गई हो वह झट से बोला तो बताओ ना,,,,,
तब शिव के मामा बोले कि मेरे ससुराल में है एक अनाथ लड़की गंगा काफी सुंदर संस्कारी और सुशील लड़की है यही कोई 20 साल की होगी उसके माता-पिता तो बचपन में ही मर गए,,,,,
उसके चाचा चाची ने उसे पाल पोस कर बड़ा किया ,अब बे लोग चाहते हैं की किसी भी तरह गंगा की शादी हो जाए जिससे उनका गंगा से छुटकारा मिले,अगर आप चाहे तो मैं बात चलाऊं,,,,
यह सुनकर शिव के पापा बोले अरे इसमें कहने सुनने की क्या बात है जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी यह रिश्ता करवा दो,,,,,
तब शिव के मामा बोले तो बस आप रिश्ता पक्का ही समझिए,,,,,,
यह कहकर उसने फोन काट दिया जब शिव के पापा ने यह सारी बात सबको बताई तो सब बहुत खुश हुए केवल शिव को छोड़कर,,,,,
शिव ने मना कर दिया कि मैं किसी भी हालत में शादी नहीं करूंगा और ना ही किसी लड़की की जिंदगी बर्बाद करूंगा,,,,,
तब शिव के पापा ने उसे डांटा तो शिव रोते हुए बोला क्यों आप लोग मुझे इतनी मजबूर कर रहे है क्यों मुझे आप मेरे हिसाब से जिंदगी जीना नहीं देना चाहते, जो कुछ मेरे साथ हुआ जैसा मैं हूं उसमें आखिर मेरी क्या गलती है,,,,,
तब शिव के पापा बोले चुप बिलकुल चुप तुम्हारी वजह से हमारी पहले ही बहुत बदनामी हो चुकी है अब क्या तुम चाहते हो कि हम जीते जी ही मर जाए,,,,,
अगर तुम चाहते हो ना कि हम खुश रहे तो बिना कोई ना नाकुर किए शादी कर लो और हां याद रखना अगर तुमने फिर से कोई ऐसा काम किया जिससे हमारी रही सही इज्जत भी चली जाए तो तुम हमारा मरा मुंह देखोगे,,,,,
शिव के पापा गुस्से में बोली तब शिव कुछ कह ना सका, आखिरकार शिव मामा ने उस लड़की के चाचा चाची से बात कर रिश्ता पक्का कर दिया,,,,