My jadui royals Ch. 2

My jadui royals - Chapter 2

Posted by anishka khandelwal • Nov 12, 2025 02:45 PM

ab आगे

अनिष्का टेरेस से नीचे आते हुए गुस्से में दांत पीसते हुए ख़ुद से बोली ,, सब लड़के मेरे ही पीछे क्यों पड़े हैं जबकि मैं तो खूबसूरत भी नहीं हूं? न तो मैं किसी से ढंग से बात करती हूं!

ahh... छोड़ो यार मुझे क्या जिससे मारना हैं मेरे मेरे पीछे ।

अभी अनिष्का बड़बड़ाते हुए जा ही रही थी कि किसी से टकरा जाती हैं । और गुस्से में कहती हैं "अरे कौन हैं यार ? आज का दिन ही खराब हैं एक मेरे लिए जान देने को तैयार हैं तो एक मेरी जान लेने को आह...।

वो लड़का उससे ध्यान से देखते हुए बोला ,, तुम...अभी बोला ही रहा था कि पीछे से आवाज आती हैं भैया जी ऊहा कहे खड़े हो ? इधर आईए !!! विपिन ने चिल्ला से एकाग्र को बोला ।

एकाग्र विपिन की बात पर उसकी तरफ मूड बोला "हम आ रहे हैं " !!

हां ठीक है : विपिन एकाग्र को देखते हुए बोला फिर वह से रेविन के साथ चल गया ।

एकाग्र जब सामने देखा तो पाया कि वह पर कोई नहीं था "यह देखा कर खुद से बोला "ये तो हमारी हार्ट हैं ?! पर यह कहा गई ?अभी तो थी यही पर "खैर छोड़ो वैसे भी कल तक मिला ही जाएगी हमारी हार्ट उफ्फ "!एकाग्र आपने बालों में हाथ ।।

वहीं दूसरी तरफ

बिहार में

एक राज महल की तरह एक विला था जहां पर बहुत सारे लोग तैनात थे उस महल के अंदर में किसी की चिल्लाने की आवाज आती हैं ;

मैडम जी हमारे साथ ऐसा मत करिए हम कहा पर रहेंगे हमारे छोटे बच्चे हैं उनके लिए हमने चोरी की थी मैडम जी इतना कहा वो आदमी मैडम जी के पैर को पकड़ लेता हैं ।

मैडम जी गुस्से में पैर को झटकते हुए बोली , हम तुम्हे माफ कर देते पर तुमने हमारा बेस कीमती चीज लिया है रामू ।

मैडम जी हमने बस आपकी थोड़ी सी अनाज लिया हैं और कुछ नहीं हम सच कहा रहे हैं !आपको यकीन नहीं हैं तो हम आपने बच्चे की कसम खाते हैं हमने अनाज के सिवाय कुछु न लिए ,,। रामू मैडम जी के सामने रोते हुए बोला ।

चलो ठीक हैं हमने तुम्हारी बात मान लिया तो हमारा वेश कीमती सोने का हार किसने चुरा लिया? रामू ? मैडम जी गुस्से में चिल्लाते हुए बोली ।

अरे मालती कहे इतना चिल्ला रही हैं ? हार ही तो हैं वो तो तू कभी भी बनवा सकती हैं रितेश से कहा कर ।एक बूढ़ी और आते हुए मालती उफ़..मैडम जी बोली ।

मां आप नहीं जानते हो वो हार हमने अपनी बहुरिया के लिए बनवाए थे और वो चोरी हो गई । मैडम जी नाराज हो कर बोली ।

रूपा जी मालती जी की बात पर कहा ,, मालती तुम्हे पता नहीं क्या इस घर में और भी लोग हैं जो तुम्हारे बहु से जलते हैं उन्हीं में से किसी ने चोरी की होगी । खामखां रामू पर शक कर रही हो ।

पर मां .....

पर वर कुछ नहीं पहले घर में जितने भी लोग हैं उसने तलाशी लो फिर तुम्हे मिला जाएगा । रूपा जी मालती से कहा और फिर रामू को जाने का इशारा किया ।

मालती तुम्हारी बहुरिया दिखती कैसी हैं ? रूपा ने मालती जी से पूछते हुए उससे देखने लगी ।

मां वो ...बहुत अच्छी हैं बस गुस्सैल हैं एकाग्र की तरह रंग सावला प्यारी सी मुस्कान ,आंखों में दुनिया जहां का सपना एक दम अपनी मम्मी की तरह ☺️।

hm.. बहुरिया की इतनी गुणगान मत कीजिए भाभी जी सब लड़की एक जैसी होती हैं वैसे भी वो तो ठाकुर खानदान की हैं जहां पर उनकी ही आपने ने उससे अपने से दूर किया हैं एक गलती के लिए ! ज्योति जी सामने वाले सोफे पर बैठते हुए जहरीली मुस्कान के साथ मालती जी को बोली।

ये है ज्योति इस घर की दूसरी बहु अच्छी भी और बुरी भी कब अच्छी बन जाती हैं समझा नहीं आती 🙄.।

ज्योति तुम आज कल कुछ ज्यादा नहीं बोलती हो !?, मेरी बहु के बारे में बोला तो दिया खैर तुम अपने आई हुई बहु पर ध्यान दो जो रोज कुछ न कुछ बहना कर आपने रूम में ही रहती हैं नहीं तो फिर घूमने निकल जाती हैं । मालती जी ने उससे टोन में जवाब दिया ।

सीन चेंज

रीत एक लड़के के गले में हाथ डाले हुए फ्लर्ट करते हुए बोली,, वैसे तुम बहुत हॉट हो पता हैं तुम्हे रोहित ?

वो तो मुझे भी पता हैं रीत beby' रोहित रीत के कमर पर हाथ रखते हुए बोला ।

hmm.. वैसे बात तो ठीक कही तुमने रोहित पर तुमने गलत जगह पर हाथ रखा हैं इतना कहा रीत गुस्से में रोहित के हाथ को पकड़ बहुत जोर से मरोड़ देती हैं ।

आह.... पागल लड़की ये तुम क्या कर रही हो अह मेरा हाथ छोड़ो तुम रीत यार छोड़ मेरा हाथ दर्द हो रहा हैं मैं पक्का आगे से कमर पर हाथ नहीं रखूंगा ।

हां ठीक है छोड़ दिया इतना कहा रीत जोर से हाथ को झटकती हैं फिर रोहित से कहती हैं बेटा जितना मैं प्यार से बात करती हूं न तो तू उतने में ही खुश रहा कर ज्याद आगे मत बढ़कर इतना कहा वो वह से आगे चली जाती है ।

चुड़ैल कही की दोनों के दोनों चुड़ैल हैं एक वो अनिष्का जिससे मैं प्यार से बात कर लू तो मुंह पे बेज़्जती कर देती हैं और एक ये जो खुद आ कर फ्लर्ट करती है। इतना कहा वो भी आपने हाथ को सहलाते हुए चला जाता हैं ।

एकाग्र सामने प्रिंसिपल के खुर्सी पर बैठे हुए बोला ,, वैसे प्रिंसिपल जी आपको नहीं लगता आपको हमारे लिए कुछ करना चाहिए ? उप्स चाचा जी ?

प्रिंसिपल जी एकाग्र के बात कर बोला ,, एकाग्र तुम यह पर क्यों आए हो ?

एकाग्र अपनी green hygiene eyes से प्रिंसिपल को घूरते हुए बोला,, चाचू वो क्या हैं आपकी बड़ी याद आ रहा था तो सोचा चाचा जी से मिल लू ? फिर याद आया कि मुझे तो अभी आगे की पढ़ाई करना हैं इस लिए यह पर आ गया ।

प्रिंसिपल जी एकाग्र की बात पर नहीं में सिर हिला देता हैं फिर कहता हैं एकाग्र हम अच्छा से जानते हैं तुम पहले से ग्रेजुएट हो चुके हो जरूर तुम किसी कारण वर्ष ही आए हो !! अगर तुम बता देते हो तो हम कुछ मदद कर देगे ।

इसकी कोई जरूरत नहीं हैं चाचू बस इतना मदद कीजिए यह पर जितने भी स्टूडेंट है उनकी डीटेल्स मुझे दे दीजिए एकाग्र मुस्कुराते हुए बोला फिर चेयर से उठते हुए बोला चाचू कल सुबह तक हमारे पास चाहिए आप समझा रहे हैं न ? हम क्या कहा रहे हैं ?फिर वह से चला जाता हैं ।

प्रिंसिपल के केविन से निकलते ही एकाग्र कॉलेज को देखने लगता हैं जो बहुत ही बड़ा था कॉरिडोर से होते हुए वो ग्राउंड फ्लोर में आ जाता हैं जहां पर कुछ लड़के किसी लड़की के साथ में रैंकिंग कर रहे थे । जिससे देखकर एकाग्र का मुंह के कोने मूड जाते हैं ।

फिर कुछ सोच कर एकाग्र ऊंची आवाज में बोला ,, यह पर हो क्या रहा हैं ? जिससे सुन वो लड़के एक दूसरे के मुंह देखने लगे फिर उसमेसे एक में कहा ,, आपने देखा नहीं क्या। जो पूछ रहे हो ? हम लोग इस लड़की के साथ में बाते कर रहे हैं ।इतना कहा वो लड़का लड़की के पास आ कर उससे पूछा बताओ beby हम लोग तुमसे बात कर रहे हैं न ? भैया जी को बता दो ।

वो लड़की डरते हुए बोली ,, प्लेज mujhe जाने दो !! मैं इन भैया को कुछ नहीं बताऊंगी i promise!!

hmm okk jao na fir hamne kaha tumhe Roka hain ? vo लड़का मुंह बनाकर बोला ।

चलो re यह से वैसे भी शाम हो गई हैं ।कल मिलते हैं बेबी बाय इतना कहा वो लड़के वहां से चले जाते हैं ।

एकाग्र उस लड़की के पास जा कर बोला उन लड़कों से दूर रहा करो वो लड़के अच्छे नहीं हैं । वो लड़की डरते हुए बोली ,, भैया वो लोग मेरे पास आए थे मैने कुछ नहीं किया

।

hmm..

so kal milte hain by by 🌷 story kaisi lagi jara bata dena । meri exam chala rahi hain is liye aur story ko de nahi paa rahi hun sorry leta dene ke liye by 🥰😘🫶☺️💗💗

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