Devil forsed arrange marriage - Chapter 1
आरव सिंग रायजादा देश का मशहूर businessman ओर रायजादा industries का CEO हाइट 6'2 इंच, गोरा रंग, भूरी आँखें, मस्क्यूलर body, हल्की दाढ़ी पतले होंठ, दिखने में बिल्कुल हीरो है। अगर एक बार कोई लड़की आरव को देख ले तो उसकी दिवानी हो जाए। आरव दिखने में बिल्कुल शांत लगता है लेकिन इसका गुस्सा बहुत खतरनाक है बिल्कुल भगवान शिव की तरह। आरव लड़कियों को अपने आस पास भटकन तक नहीं देता है। आरव सिंग रायजादा business industry का किंग होने के साथ साथ एक माफिया या यू कहे कि अंडरवर्ड ka King है। जिससे अंडरवर्ल्ड की दुनिया में सब लोग डरते हैं। आरव का बिजनेस कई बड़े शहरों ओर देशों में फैला हुआ है। दिल्ली रायजादा हवेली दिखने में किसी राजा के महल से कम नहीं है। अब मिलते है आरव के परिवार से आरव के परिवार में उसकी दादी देवकी जी जिनसे अआरव बहुत प्यार करता है और उनकी सारी बात मानता हैं। इनके अलावा घर मे आरव की मां वसुधा जी पापा आनंद सिंग रायजादा, चाचा रणवीर सिंग रायजादा, चाची कांता जी,ओर आरव की छोटी बहन आरवी, रणवीर जी के दो जुड़वा बच्चे हैं। लक्ष्य ओर समीर ये दोनों भाई हसमुख ओर मजाकिया स्वभाव के हैं। ये दोनों आरव से डरते हैं लेकिन आरव से प्यार भी बहुत करते हैं। इन तीन भाइयों की लाड़ली है इनकी बहन आरवी। आरवी से ये तीनों भाई बहुत प्यार करते है। आरव अपनी दादी का लाडला है। सुबह का वक्त आरव black पेंट, white shart ओर ब्लैक कोट पहने बिल्कुल हीरो लग रहा था। वो सीढ़ियां से नीचे हॉल मे आ रहा था। तभी दादी की आवाज आती है आरव पहले इधर आओ ओर नाश्ता करो। फिर ऑफिस जाना अपने काम में इतने भी मगन मत हो जाओ कि खाना पीना ही छोड़ दो। आरव अपनी दादी के बोलने पर डाइनिंग एरिया कि तरफ आता है ओर चेयर पर बैठे कर नाश्ता करने लगता है। आरव नाश्ता कर रहा होता हैं तभी आरव की मां बोलती है। आरव बेटा अब तो तुम शादी कर लो।25 साल के हो चुके हो। अब तो तुम्हारे शादी की उमर भी हो गई हैं। अगर तुम अब शादी नहीं करो जी तो कद करोगे, शादी की बात सुनते ही आरव के हाथ खाना खाते होय रोक जाते है। आरव एक शांत लेकिन कड़क आवाज में कहता है मॉम मैने आप से कितनी बार कहा है।की मुझे शादी करने में कोई इंट्रेस्ट नहीं है। में अभी अपने काम ओर बिजनेस में ध्यान देना चाहता हूं। तो आप मुझे बार बार शादी के लिए मत खा कीजिए। तभी दादी जी की गुस्से से भरी आवाज आती है आरव बस बहुत हुआ तुम्हारा हमने सोचा कि कभी तो तुम शादी के लिए मान जाओ पर नहीं तुमने तो बस अपनी चलानी है। हमें कुछ नहीं पता अब तुम्हे शादी करनी ही होगी चाहे तुम्हारी मर्जी हो या न हो। इतना बोला देवकी जी चुप हो जाती हैं लेकिन अपनी दादी की ये बात सुन कर आरव की आँखें गुस्सा से लाल हो जाती है। जिस देख वहां पर बैठे सभी लोगों आरव के गुस्सा का अंदाज लगा चुके थे। आरव ने नाश्ता बीच में छोड़ कर वहां से चला गया।वो अभी अपनी कार में बैठा ही था तभी उसके असिस्टेंट रवी का call आया। आरव ने रवि का call उढ़ाया तो दूसरी तरफ़ से रवि बोला बॉस mr. गुप्ता के साथ आपकी मीटिंग आज दोपहर 2 बजे है। आरव ने रवि की बात सुन बस hmm कहा ओर call कट कर दिया। रवि आरव का सबसे वफादार आदमी था जो आरव के सारे काम देखता था फिर चाहे वो कंपनी के हो या अंडरवर्ल्ड के रवि ओर आरव के भाइयों के अलावा ये बात कोई नहीं जानता था कि आरव अंडरवर्ल्ड का बेताज बादशाह है। दूसरी तरफ हमारी प्यारी हिरोइन इनायत मिश्रा उम्र 20 साल, बिल्कुल गोरा रंग, बड़ी बड़ी काली आँखें, गुलाबी होंठ, कमरे तक आते लंबे काले घने बाल, 5'3इंच हाइट , पतली कमर, दिखने में किसी आसमान से उतरी अप्सरा लगती हैं। अशोक मिश्रा अपनी बेटी इनायत को आवाज लगते हैं। इनायत, बेटा इनायत जल्दी नीचे आओ वरना तुम कॉलेज के लिए लेट हो जाओगी इनायत, तभी इनायत pink अनारकली सूट पहने हुए सीढ़ियां से नीचे आती है और अपने पापा के गले लग बोलती हैं good morning papa, और अपने छोटे भाई ईशान के सर पर चपत मार कर बोलती हैं good morning chhote।to ईशान बोलता है क्या h दीदी हर वक्त मुझे मरती रहती हैं आप।तभी इनायत बोली चुप कर जा ईशान ओर मुझे शान्ति से नाश्ता करने दे वरना में कॉलेज के लिए लेट हो जाएगी। तभी इनायत की मां आशिका जी बोलती हैं इनायत इतनी बड़ी हो गई है लेकिन तुम्हारी हरकते बिल्कुल बच्चों जैसी है। पता नहीं तुम कब बड़ी होगी ओर एक तुम्हारे पापा के प्यार ने तुम्हे बिगड़ रखा है।तभी अशोक जी बोले क्यों बच्ची पर गुस्सा हो रही है आप वो इतना ही बोले कि पीछे से इनायत की बेस्ट फ्रेंड राशि की आवाज आई बिल्कुल सही बोला आंटी आप ने ये बिल्कुल बच्चों जैसी है। राशि की आवाज सुन सब ने उसकी तरफ देखा और उसकी बात पर मुस्कुरा देत हैं इनायत ओर राशि स्कूल टाइम से साथ थी ओर अब कॉलेज में भी दोनो साथ में पढ़ती थीं। इनायत or राशि दोनो मिडिल क्लास फैमिली से थीं। इनायत के पापा एक टीचर थे । अशोक जी अपनी बेटी इनायत से बहुत प्यार करते थे वो इनायत की हर ख्वाइश पूरी करते थे। इनायत के लिए उसके पापा उसकी पूरी दुनिया थे।राशि के आते ही आशिका जी कहती हैं। आओ राशि तुम भी नाश्ता कर लो देखो मैने आज आलू के परांठे बनाए है।तो राशि बोली अरे वहा आंटी क्या बात है आपके हाथ के आलो के परांठे कितने टेस्टी होते है मेरे तो फेवरेट है। वैसे तो में नाश्ता करके आई थी पर अब जब आप ने आलू के परांठे का नाम ले ही लिया है तो में जरूर नाश्ता करना ही होगा। राशि की बात सुन सब एक बार फिर मुस्कुरा देते है।
आगे क्या हुआ जानने के लिए मेरे साथ बने रहिए।😊
ये कहानी बहुत दिलचस्ब है।❤️