क़ैद तेरे इश्क़ की - Chapter 3
**(तुम मुझे पागल कर रही हो)**
इतना कहते ही **सूर्यांश** ने फिर से उस लड़की के होंठों को अपने होंठों से दबोच लिया। दोनों के बीच अब एक इंच की भी दूरी नहीं बची थी। सूर्यांश की गर्म सांसें उसके कानों में गूंज रही थीं, साथ ही वो खुद को उसमे समा रहा था । अगले ही पल उसकी दर्द भरी चीख कमरे की दीवारों से टकराकर लौट आई, **"अह्ह्ह्ह, आह्ह्ह्ह..."**
सूर्यांश की आँखों में एक पल के लिए हैरानी छा गई। उसने उस लड़की की आँखों में गहराई से झाँका और बिना पलक झपकाए पूछा, **"Are you a virgin?"**
वो लड़की अब तक दर्द से कराह रही थी, उसका शरीर कांप रहा था, और उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे। वो कुछ भी कह पाने की हालत में नहीं थी, बस बेबस होकर बोली, **"मुझे बहुत दर्द हो रहा है... प्लीज..."**
सूर्यांश ने उसके माथे पर एक soft kiss देते हुए धीरे से कहा, **"रिलैक्स, ये तुम्हारा first time है, इसलिए pain हो रहा है। बस कुछ देर और... सब ठीक हो जाएगा।"**
सूर्यांश words ने उस लड़की को थोड़ा शांत किया, लेकिन उसका शरीर अब भी डर और दर्द से काँप रहा था। सूर्यांश अब रुकने वाला नहीं था, उसकी आँखों में पागलपन और ख्वाहिशों का सैलाब था। सूर्यांश अब रुकने वाला नहीं था। वह पूरी तरह से उसके ऊपर हावी हो गया, मानो अब वह उसे छोड़ने के लिए तैयार ही नहीं था।
उस लड़की को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था की ये रात उसकी लाइफ की सबसे लम्बी लम्बी रात होने वाली थी।पूरी रात उस रूम में उस लड़की की आहे गूंजती रही।ओर सूर्य उसके शरीर के है हिस्से पर अपनी छाप छोड़ता रहा।
इसी तरह पूरी रात गुजर गई।ना जाने किस पहर में सूर्य रुका तो वही वो लड़की पूरी तरह से पसीने में चूर सूर्य की बाहों में ढेर हो गई..... ।
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**अगली सुबह**
उस लड़की की आंख अचानक खुली। उसके सिर में तेज़ दर्द हो रहा था और शरीर थका हुआ लग रहा था। उसने खुद को बिस्तर में उलझा पाया, और जब उसने अपनी हालत देखी, उसकी रूह कांप गई। वो तेजी से उठी, और अपने आंसू रोकने की कोशिश की लेकिन वे काबू से बाहर थे। उसकी सांसें तेज़ हो गईं, और उसने घबराहट में अपने मुंह पर हाथ रख लिया।
उसकी आंखो के सामने वो सीन आ गया जब उसके पास एक वेटर जूस का ग्लास उसके पास ले कर आता है।वो लड़की पहले तो मना कर देती है।लेकिन वेटर के बार बार कहने पर वो उस जूस को पी लेती है।उसे जूस का टेस्ट कुछ अजीब लगता है।लेकिन फिर भी वो पी लेती है।ओर जूस को पीते ही उसका सर चकराने लगता है।उसे ऐसा लग रहा था जैसे की वो गिर जायेगी वो किसी तरह से लड़ाखाते हुए वाशरूम की तरफ चल देती है।
वही कुछ दूरी पर खड़े लड़के उस लड़की को देख रहे थे। उनमें से एक लड़का बोलता है यार आज तो सच में मजा ही आ जाएगा क्या मस्त माल है ये......आज की रात तो रंगीन होने वाली है।इतना बोलते ही दोनो के फेस पर घटिया सी स्माइल आ गई थी।
असल में कुछ देर पहले वो लड़के उस लड़की को देख रहे थे।तो वो एक वेटर को एक पाउडर देते है और उस लड़की के जूस में मिलाने के बदल बहुत सारे पैसे देते है वो वेटर भी पैसे के लालच में आ कर उस लड़की के जूस में वो पाउडर मिला कर दे देता है और जिसके बाद वो लड़की की हालत ऐसी हो गई थी।
Bed के दूसरी तरफ, कोई अजनबी आदमी उसकी तरफ पीठ किए लेटा हुआ था। उसकी आँखों में अजीब सा डर दौड़ गया। वह बिना कोई वक्त बर्बाद किए उठी और अपने कपड़े समेटते हुए। उस अंजान कमरे से बाहर निकलने के लिए भागी, उसके कदम लड़खड़ा रहे थे, पर उसने खुद को किसी तरह संभाला।
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**उधर सूर्यांश**
सूर्यांश की आंखों पर सुबह की किरणें पड़ीं, जिससे उसकी नींद खुली। उसने बिस्तर के दूसरे हिस्से को खाली पाया, तो एक अजीब बेचैनी ने उसे घेर लिया। **"वो कहां चली गई?"** ये सवाल बार-बार उसके दिमाग में गूंज रहा था। पहली बार, सूर्यांश जैसा इंसान भी खुद को इतना असहाय महसूस कर रहा था।
उसने अपना फोन उठाया और अक्षय को कॉल किया। दूसरी तरफ से अक्षय ने चिंतित स्वर में कहा, **"सूर्यांश, तू ठीक तो है ना? कल रात जो लड़की तेरे लिए आनी थी, उसके साथ कुछ problem हो गई थी, इसलिए मैं उसे भेज नहीं पाया..."**
सूर्यांश का चेहरा पल भर के लिए सफेद पड़ गया। उसकी आवाज़ कांपने लगी, **"क्या? मतलब... वो लड़की जो कल मेरे साथ थी, वो तेरी भेजी हुई नहीं थी?"**
अक्षय ने हैरान होकर जवाब दिया, **"नहीं भाई, मैं तो तुझे यही बताने वाला था!"**
सूर्यांश ने एक पल के लिए सब कुछ रुकते हुए महसूस किया। उसने बिना कुछ कहे कॉल काट दी। उसके दिमाग में अब बस एक ही ख्याल था – **"वो लड़की कौन थी?"**
सूर्यांश के अंदर एक अजीब सा सनक भरा सन्नाटा पसर गया। उसने किसी को कॉल लगाते हुए कहा, **"इस होटल में जो भी लड़कियाँ कल रात आई थीं । सब का पता लगाओ । मुझे वो लड़की चाहिए किसी भी कीमत पर ।"** उसकी आंखों में एक पागलपन भरी चमक आ गई थी, और होंठों पर एक सनकी मुस्कान तैरने लगी थी।
**"चलो, देखते हैं कौन है वो अजनबी जिसने मुझे, इस हार्टलेस सूर्यांश को पागल बना दिया।"** इतना बोल कर उसकी आंखो के सामने उस लड़की के साथ बिताई हुई रात के पल घूम जाते है।वो उन पलों को याद करते हुए आंखे बंद करके ही बोलता है.......
पूरी रात मैंने गुजारी तेरे साथ,
तेरा गोरा बदन मेरे बदन से रगड़ा जा रहा था,
कितना हसीन वो लम्हा था,
तेरे जाने के बाद हर लम्हा वो याद आ रहा है,
तेरे होंठो पर मेरे होंठ,
खूबसूरत सी वो रात थी,
तेरा मेरा एक होना,
कितने हसीन पल और कितनी हसीन रात थी।
(Credits For Shayari ✍️✍️✍️✍️Kapil saroha)
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**उधर, वो लड़की**
उधर, लड़की एक छोटे से घर के सामने आकर रुकी। उसने घर का दरवाजा खोलते ही खुद को कमरे में बंद कर लिया। उसकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे, और वह रोते हुए खुद को कोस रही थी, "मैंने क्या कर दिया... अब मैं किसे मुंह दिखाऊंगी?"
वो बेबस-सी उठी और वॉशरूम में जाकर जैसे ही अपने कपड़े उतारने लगी, उसकी आँखों में खौफ भर गया। उसके शरीर पर जगह-जगह निशान थे, जो उसकी रात की कहानी बयां कर रहे थे। उसने शावर चालू किया और अपने शरीर को बुरी तरह से रगड़ने लगी, जैसे वह उन निशानों को मिटा देना चाहती हो। पर निशान इतने गहरे थे कि उन्हें मिटाना मुमकिन नहीं था।
वह शावर बंद करके बाहर निकली। उसकी आँखें रो-रो कर सूज चुकी थीं, और चेहरा थकावट और दर्द से भर गया था।
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**क्या सूर्यांश उस लड़की को ढूंढ पाएगा? और जब वो लड़की उसके सामने आएगी, तब क्या होगा?**
Guy's अपको क्या लगता है सूर्य ढूंढ पायेगा उस लड़की को?क्या होगा जब वो लड़की आयेगी सूर्य के सामने?कैसा होगा दोनो का आमना सामना?
Guy's अगर स्टोरी पसंद आ रही है तो स्टोरी को लाइक कमेंट और शेयर जरूर करे।ओर रिव्यू भी जरूर दे।बाय guys