Billionaire 's obsessed love Ch. 3

Billionaire 's obsessed love - Chapter 3

Posted by stuty Kumari • May 02, 2025 03:14 PM

अब आगे:-

मुंबई 

एक छोटी सी सोसायटी मे दो बच्चे जिनकी उम्र लगभग पांच  साल  है । वह बाहर लगे नल मे नहा रहे थे।वह दोनो बच्चे जुडवा  थे। वह सोसाइटी मे लगे काॅमन नल मे खेल रहे थे। वह  दोनो बच्चे एक दो बेडरूम  वाली एक छोटे से अपार्टमेंट  मे रहते है। वह अपार्टमेंट  बहुत  ही साधारण  है। उसमे केवल  जरूरत  की चीजे ही है।

यह अपार्टमेंट  थर्ड  फ्लोर पर था। इसमे सिक्योरिटीज  नही था। यहा लोग अपने फ्लैट  की देखभाल  खुद  ही करते थे।

तभी उसकी मा आकर उसे अंदर ले आती है। उसी समय उस औरत  का हसबैंड अपने आफिस  जाने का कपडा  पहन कर  आया।

" पारुल  मेरी जान,  क्या हुआ  जो इतना गुस्सा हो?"

पारुल-"  सक्षु  और  शुश्रू  ने दिमाग  खराब  कर दिया है। जब देखो बाहर ही जाकर  खेलना होता है। अभी बाहर  जाकर  सारे कपडे गंदे कर दिए  है। "

चलिए  इन लोगो का इंट्रोडक्शन  करा देती हू।

यह शयश की फैमिली है। शयश की फैमिली मे उसके मा पापा भी रहते है।

शयश मेहरा इस कहानी के मैन लीड है। इनकी उम्र  लगभग  तीस साल  है।इनकी हाइट  लगभग  सात  फीट  है। इनकी आंखे काले रंग  की है। इनका स्कीन  गोरा है। इनके चेहरे पर हल्की बियर्ड  है। यह एक शानदार  पर्सनालिटी  के मालिक  है। यह बहुत  अट्रेक्टिव  है। यह पी एस इंटरनेशनल के मालिक  पहल राजपूत  के पी ए है।

शयन के डैड का नाम शुंभाकर  मेहरा है। इनकी उम्र लगभग  पचपन  साल है। यह एक सरकारी कंपनी मे क्लर्क  है। यह एक साधारण  शक्ल सूरत  के इंसान  है। ये बहुत  मेहनती और  ईमानदार  शक्स  है। यह अपनी फैमिली को बहुत  प्यार  करते है।

इनकी वाइफ  का नाम  रुपा है। रुपा अपने नाम की तरह  ही सुंदर है। शयश  की खुबसूरती  अपने मा पर गई  है। ये पचास  साल की उम्र  मे भी किसी अप्सरा से कम नही है। यह बहुत  टैलेंटेड  है। यह एक बेहतरीन  सिंगर है। यह कई बार  स्टेट लेबल सिंगिंग  कंपटीशन  जीत चुकी है।

इनकी एक ही संतान है जो शयश  है। शयश  अपने माम  डैड  से बहुत  प्यार  करता है।

शयश  की शादी हो चुकी है। उसकी वाइफ  का नाम  पारुल मेहरा है। यह लगभग  चौबीस  साल  की बहुत  खुबसूरत और  टैलेंटेड  औरत है। यह नेशनल  लेवल कराटे चैंपियन  है। यह एक मल्टी नेशनल  कंपनी मे कैशियर  का काम करती है।

इनके दो जुडवा बच्चे है,दोनो की उम्र  लगभग पांच  साल है।एक बच्चे का नाम  सक्षम  मेहरा है। इसकी आंखे नीली है। यह बहुत  गोरे है।

दूसरे बच्चे का नाम शुश्रुत  मेहरा है। यह बिल्कुल  दिखने मे सक्षम  की तरह  ही है ,बस आंखो का कलर चेंज  है। इसकी आंख का कलर  ब्लैक  है।

ये दोनो बच्चे बहुत  शरारती है। पूरे परिवार  की जान इन दोनो मे थी।

........

पी एस इंटरनेशनल 

यह एक शानदार  आफिस  था। यह बहुत  लग्जीरियस  आफिस  था। पहल अपने केबिन  मे बैठ  कर फाइल  देख रहा था, उसी समय  शयश एक प्यारी सी स्माइल  लिए  आता है और  कहता है-" गुड मार्निग सर, हैव ए नाइस  डे।

उसकी आवाज सुन कर  पहल उसकी तरफ  देखते हुए  कहता है-" शयश  आज भी पूरे पंद्रह  मिनट  लेट हो। कभी तो टाइम  पर आया करो। तुम जानते हो ना कि तुम मेरे असिस्टेंट  हो, मेरा पूरा शेड्यूल  तेरे पास  ही होता है,उसपर  तुम लेट आओगे तो काम  कैसे खत्म  होगा। अब जल्दी से शेड्यूल  बनाओ।"

शयश  जाकर  अपनी जगह पर  बैठ  कर  पूरे ध्यान  से शेड्यूल  तैयार  करने लगा। साथ  ही साथ  वह कुछ  फाइल  भी पढ रहा था और  इंपोर्टेंट  प्वाइंट  नोट कर रहा था। करीब  आधा घंटे बाद वह  सब रेडी कर लेता है।

कुछ देर बाद वह  पहल को उसकी पूरा  शेड्यूल  समझा देता है। उसके बाद  भी वह वही पर खडा था। उसे एसे ही खडा देख कर  पहल  को अजीब  लग  रहा था।

पहल-" ऐसी क्या बात  है जो तुम  कहना चाह रहे थे।पर कह नही पा रहे हो"

शयश-" सर ,अचानक  ही हमारी कंपनी के सेल घट गए  है। खुराना इंडस्ट्रीज  के इस फील्ड  मे उतरने का हमे बहुत  नुकसान  हो रहा है। अगर ऐसा ही रहा तो हमारे शेयर  भी लुढ़क  जाएगे।"

पहल-" तुम  बताओ, हमे क्या करना चाहिए "

शयश-" सर, हमे एक बार  खुराना इंडस्ट्रीज  से बात करनी चाहिए।  मेरे ख्याल  से अगर दोनो कंपनी पार्टनर  बन जाए  और साथ मे काम करे तो दोनो कंपनी इस मार्केट  की बेताज बादशाह  बन जाएगी। "

पहल-" मुझेभी तुम्हारा ये आइडिया  बहुत  पसंद  आया। तुम तुरंत  ही इस आइडिया पर काम शुरु करो।तुम  मि खुराना के साथ  एक मीटिंग फिक्स  करो।"

शयश-" ओके सर"

सर क्या मुझे छुट्टी मिल सकती है,मेरे इन ला घर आ रहे है। मुझे उन्हे रिसीव  करने स्टेशन  जाना है। अगर मै नही गया तो परी नाराज  हो जाएगी।  मैने सारे चीजे शेड्यूल  कर दिए  है, किसी को भी कोई  प्राब्लम  नही होगी।"

पहल-" आज तक किसी चीज के लिए  मना किया है ,जो आज मना करुगा। आज शाम  को तेरे घर डिनर  करने आ रहा हू। बहुत  दिन  से मैने और तेरी भाभी ने आंटी के हाथ  का चटपटा  खाना नही खाया है।"

शयश-" जी जरुर  सर,मै वेट करुगा। पर अभी मै जाता हू।" यह कहकर वह  निकल  गया।

कुछ देर बाद  शयश  रेल के आने का इंतजार  करता  हुआ,  प्लेटफार्म पर खडा था। उसी समय  पारुल  का फोन आता है ।

पारुल-" शयश,  माम डैड आ गए "

शयश-" अभी नही आए है। मै स्टेशन  पर  ही हू। उन्हे लेकर  सीधे घर पहुंचा दूंगा और  नाश्ता पानी भी करा दूंगा। अपने घर लेकर गया तो वहा महाभारत  होने लगेगा। मेरी मा और तेरी मा जानी दुश्मन  है।"

कुछ देर बाद  ट्रेन  आ जाती है। पारुल  के माम डैड  ने सारा लगेज शयश को ही पकडा दिया था। वह खुद  आराम  से चल रहे थे। शयश  उन लगेज को कैरी करते हुए  ट्रैक्सी मे रखता है और  फिर  उन्हे उनके घर छोड देता है।

वहा से वो वापस  अपने काम  पर चला गया। वह कभी भी फालतू की छुट्टी नही बर्बाद  करता था।वह अपना काम  खत्म कर  वापस  आफिस  पहुंच  जाता था। उसके इसी आदत के कारण  शयश  के बाॅस ने कभी उसे छुट्टी देने से मना नही किया था।

वह पहल के केबिन  मे जाकर  कहता है- " सर एक गुड न्यूज  है।"

अगले भाग  मे जारी.......

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