Billionaire 's obsessed love - Chapter 1
मुंबई
रातो मे सुबह का अहसास कराते हुए मशहूर होटल Khurana's paradise hotel मे एक बहुत ही आलीशान पार्टी चल रही थी।
उस पार्टी मे हडकंप सा मच गया ,जब उस पार्टी मे एंट्री हुई, मेरे फेवरेट इंसान अतिशय खुराना की। मै विभा ऑबेराय हू जो अतिशय की बचपन की दोस्त है और उसे पाना चाहती है।मै उससे बहुत प्यार करती हू।
विभा जैसे ही अतिशय के पास आने लगी, अतिशय ने एक हाथ से उसे दूर रहने का इशारा कर देता है।उसे ज्यादा लोगो का अपने करीब रहना बिल्कुल पसंद नही था।
अतिशय खुराना जिसकी उम्र लगभग चौबीस साल है। वह नीली आंखोवाला लडका है जिसकी आंखो मे समुंदर सी गहराई है।वह लगभग छह फुट की हाइट का हाइट, दूध सा फेयर स्कीन और दमदार पर्सनालिटी का बंदा है। उसकी चेहरे मे हमेशा गुस्सा भरा रहता है।
यह इंडिया के नंबर वन बिजनेस मैन है। इनकी खुबसुरती लोगो को दीवाना कर देती है। यह किसी को भी अपनी ओर attract कर सकते है। इनकी कंपनी का नाम खुराना इंडस्ट्रीज है जो इनके दादा जी ने बनाई थी। इनके माम डैड की मौत तभी हो गई थी जब ये दो साल के थे। उसके बाद से ही उसकी परवरिश इनके दादा प्रीतम खुराना और दादी प्रीति खुराना ने की है।
अतिशय अपने पैसे और रुतबा के बल पर इंडिया का मोस्ट पॉपुलर मैन है। वह इंडिया का मोस्ट एलीजिबल बैचलर है। पर ये प्यार मे यकीन नही रखता है।
वह आते ही उस तरफ चला जाता है जहा पर शांति थी।वह अपने अंगुलियों के बीच वाइन का गिलास लिए हुए था। वह बीच बीच मे उससे एक सिप लगा रहा था।
वह अचानक ही बोल पडा -" कितना शोर करते है? पार्टी मे मुझे बिल्कुल मन नही लगता ,पर मजबूर हू। कुछ तो अपने आप को सोशल दिखाना ही पडता है। बस यह गिलास वाइन खत्म हो जाए और मै इस पार्टी से निकल जाऊगा।"
कुछ देर बाद वह अपने असिस्टेंट के साथ उस पार्टी से जाने लगा। तभी वह अपने सामने से आते इंसान से टकरा कर गिरने लगा।
तभी उस इंसान ने अतिशय को उसकी कमर से पकड़कर अपनी ओर खींच लिया।उसके इस तरह खींचे जाने से अतिशय अपने को संभाल नही पाया और जाकर उस शक्स के सीने से टकरा गया।
वह जैसे ही उससे टकराया ,अतिशय की सांसे अपने आप बढ गई। उसका दिल जोरो से धड़क गया। वह अपनी धडकने साफ साफ सुन पा रहा था।
वह शक्स उसे अपने से अलग कर सीधा खडा कर देता है।फिर सामने खडा शक्स अपनी प्यारी सी आवाज मे कहता है-
" साॅरी सर ,मेरा ध्यान नही था।मै अपने बाॅस को ढूंढ रहा हू। "
उसकी आवाज सुन कर अतिशय लगातार अपने सामने खडे शक्स को देखने लगा। उसके सामने लगभग तीस साल का एक बेहद ही हैंडसम चेहरा था। उसकी काली आंखे ,गोरा स्कीन और हल्के बियर्ड अतिशय को अपना दिवाना बना गए थे। उसकी हाइट लगभग सात फीट के लगभग थी। उसकी बाॅडी बिल्कुल परफेक्ट थीउसकी आवाज सुन कर अतिशय लगातार अपने सामने खडे शक्स को देखने लगा। उसके सामने लगभग तीस साल का एक बेहद ही हैंडसम चेहरा था। उसकी काली आंखे ,गोरा स्कीन और हल्के बियर्ड अतिशय को अपना दिवाना बना गए थे। उसकी हाइट लगभग सात फीट के लगभग थी। उसकी बाॅडी बिल्कुल परफेक्ट थी।
वह शक्स उसे एक्सक्यूज कर पार्टी हाल मे अंदर चला गया।उसे अंदर जाता देख कर अतिशय भी अंदर चला गया। वह जाकर उसी जगह खडा हो गया ,जहा पर वह अब से कुछ देर पहले खडा था।
उसकी आंखे अभी भी उसी शक्स पर बनी थी।उसी समय एक लगभग चालीस साल का इंसान आकर उस शक्स के कंधे पर हाथ रख देता है।
उसके इस तरह हाथ रखने से पहला शक्स चिहुंक जाता है। जब वह अपने कंधे पर हाथ दिए शक्स को देखता है तो उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
उसके इस तरह हाथ रखने से पहला शक्स चिहुंक जाता है। जब वह अपने कंधे पर हाथ दिए शक्स को देखता है तो उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। शयश यह सुनकर स्माइल के साथ बोलता है-" सर ,आपके अलावा मै यहा किसी को जानता हू जो किसी और को ढूंढूगा। मै आपको ही खोज रहा था। सर मैने आपको हाल मे खोजा तो भी आप नही थे ,ना ही बाहर या गार्डन मे थे।"
वह शक्स शयश का बाॅस पहल राजपूत था जो कि एक हैंडसम इंसान है। उसकी कंपनी पी एस इंटरनेशनल इंडिया की एक जानी मानी कंपनी है। यह देश की टाप टेन कंपनी मे से एक है। शयश मेहरा पहल का पर्सनल असिस्टेंट है।
फिर उन दोनो के बीच बाते होने लगी। पहल शयश को ड्रिंक ऑफर करता है जिसे स्माइल के साथ मना करते हुए शयश कहता है-" सर ,मुझे इतनी जल्दी नही मरना है। अभी मेरी उम्र भी ज्यादा नही है। बुढापा मे आराम से मरुगा ।"
उसकी बात सुनकर पहल भी हसने लगा और शयश भी उसका साथ देने लगा।वह दोनो सबसे बेफिक्र होकर हंस रहे थे।
उसकी हंसी देख कर अतिशय बोल पडा-"
जब से उसे देखा
धड़कन ही बढ गई
दिल मे उसकी छवि बस गई
एक बार देख कर असर यो हुआ
उसको बार बार देखने की
तमन्ना जगा गया
वो अंजान मेरे दिल पर छा गया
अपने बाॅस को इस तरह शायरी करता देख, उसका असिस्टेंट मेहुल सदमे मे आ गया । वह अपनी आंखे फाड़कर अपने सामने खडे शक्स यानी अपने बाॅस को देख रहा था जो कि आज बियर्ड बिहेव कर रहा था।आज उसके चेहरे पर गुस्से की जगह स्माइल थी। वही वह किसी को अपनी आंखो से स्टाक कर रहा था।
वह जाकर अतिशय के पास कहता है-" सर आप ठीक तो है?"
अतिशय-" आज ही तो ठीक हुआ हू।आज ही समझ आया कि मेरे दिल को भी धडकना आता है।"
फिर वह शयश को देखते हुए कहता है-"
तू जरूरत है मेरी
जैसे जिंदगी हो मेरी
तुझे देख कर धडका करे
धडकनो को जरूरत तेरी
मेरी रुह तक समायी है
मेरी सांसो पर छायी है
तेरा इश्क इबादत है
दिल से दिल तक
तेरी राहत है
मै तुझको चाहू
फितरत है मेरी
इस दिल को
जरूरत है तेरी
जिस्म की बात नही
मेरे रुह की राहत है
तेरे सिवा कोई और ना मेरा
मेरी धड़कन भी अब है तेरी
दिल से दिल तक राहत है तेरी
उसकी बाते मेहुल के सिर के उपर से जा रही थी। वह मन ही मन कहता है-" लगता है यह डीमन पागल हो गया है। बेटे अब तुझे और संभल कर रहना होगा।" यह सोच कर ही उसके पूरे बदन मे सिहरन हो जाती है। कुछ देर बाद पार्टी खत्म हो जाती है और सारे लोग घर लौट गए।
अगले भाग मे जारी.........
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