Love Loyalty And Lies Ch. 3

Love Loyalty And Lies - Chapter 3

Posted by Diamond Shine • Apr 27, 2025 09:53 PM

विहान रिशान की इन हरकतों पर गुस्सा आ जाता है लेकिन उसे यह नहीं पता होता कि यही रिशान है जो उसके साथ बचपन में खेला करता था और उसे हमेशा प्रोटेक्ट किया करता था!!

 और जब रिशान खुद ही उसे इस तरह परेशान करता है तो वह गुस्से से कहता है

" आने दो रिशान को!! मै तुम्हारी शिकायत करूँगा उससे, जब वह तुम्हें आकर सबक सिखाएगा, तब जाकर तुम सुधरोगे!!"

विहान के मुंह से अपना ही नाम सुनकर रिशान के मुंह पर मुस्कान आ जाती है और वह कहता है

"तो तुम जाकर कहते क्यों नहीं हो अपने रिशान से!! उससे कहना मैंने उसे बुलाया है"

 विहान को इस वक्त रिशान पर बहुत गुस्सा आ चुका था और वह सीधा आर्यमन के पास जाता है जो उन्हें तब से इस तरह लड़ते झगड़ते देख रहा था और दूर खड़ा हुआ हंस रहा था!!

जब विहान आर्यमन के पास जाता है तो उसे अपने हाथ आपस बांधते हुए गुस्से में कहता है

" आर्यमन मुझे वह लड़का बिल्कुल पसंद नहीं है मुझे कब से परेशान किया जा रहा है!! और आपने तो कहा था कि रिशान थोड़ी ही देर में यहां आ जाएगा मैं कब से उसका इंतजार कर रहा हूं वह अब तक यहां आया ही नहीं है!! अगर वह यहां नहीं आया तो यह लड़का मुझे परेशान कर करके मार ही डालेगा" 

 विहान की बात सुनकर आर्यमन को हंसी आ जाती है वह कहता है

" तो रिशान आ चुका है तुम उसे जाकर शिकायत कर क्यों नहीं देते हो"

 आर्यमन की बात सुनकर विहान बहुत खुश होता है और उछलते हुए कहता है

"क्या सच में रिशान आ गया? बताओ ना मुझे वो कहां है? मैं अभी उसे इस लडके की शिकायत रिशान से लगाता हूं!! देखना रिशान इसके सारे दांत तोड़ डालेगा वह जैसे बचपन में उन सब के दांत तोड़ दिया करता था जो मुझे परेशान किया करते थे "

 आर्यमन विहान को उसी के पीछे इशारा करते हुए कहता है

"वह खड़ा रिशान!! जाओ तुम करो इसकी शिकायत " 

 विहान खुशी से पीछे मुड़ते हुए देखता है जहां उसे रिशान ही दिखाई दे रहा था लेकिन फिर लेकिन वह उसे नहीं पहचान पा रहा था कि वही रिशान है!!

और विहान को इस तरह कंफ्यूज देखकर रिशान और आर्यमन दोनों को बहुत हंसी आ रही थी!!

 और वह वापस से घूमते हुए आर्यमन से कहता है

"पीछे तो वही लड़का खड़ा है जो मुझे तब से परेशान किया जा रहा है!! मैं आपसे रिशान के बारे में पूछ रहा हूं आप रिशान के बारे में मुझे क्यों नहीं बता रहे हैं?"

 आर्यमन हंसते हुए विहान को उसके कंधों से पकड़कर घूमाते हुए रिशान की तरफ इशारा करते हुए कहता है

" यही रिशान है जो तुम्हें इतनी देर से परेशान किया जा रहा था " 

 आर्यमन की बात सुनकर विहान को एक जोर का झटका लगता है

 और वह वापस से आर्यमन की तरफ घूम कर कहता है

"यह रिशान है? मैं मान ही नहीं सकता यह रिशान है!! रिशान तो मुझे हमेशा प्रोटेक्ट किया करता था मेरा हमेशा ख्याल रखता था!! और यह मुझे तब से परेशान किया जा रहा है ऐसा लगता है जैसे मुझे रुला कर ही छोड़ेगा "

 आर्यमन विहान के बालों में हाथ फिराता है और कहता है

"यही रिशान है और तुम्हे तब से यही परेशान किया जा रहा था "

आर्यमन और विहान की बातें सुनकर रिशान को भी तेजी से हंसी आ रही थी!!

और पीछे से आते हुए रिशान ने आगे बढ़ते हुए विहान के गले में हाथ डाल लिया और कहा 

"तो बुलाओ तुम्हारे रिशान को? डर तो नहीं गया ना वह मुझसे? कहां पर है कंप्लेंट करो उससे मेरी? दांत तुडवाने वाले थे ना तुम मेरे उससे?"

 रिशान की बात सुनकर विहान उसका हाथ अपने गले से दूर छटक देता है और कहता है

" मैं मानने को ही तैयार नहीं हूं कि तुम रिशान हो!! तुम रिशान हो ही नहीं सकते हो "

और इतना कहते हुए विहान उससे दूर चला जाता है और अपने आप से कहता रहता है

"यह रिशान है? मैं मान ही नहीं सकता यह रिशान है!!  अगर यह रिशान होता तो मेरे साथ कभी इतनी शैतानियां नहीं करता!! ऐसे कोई भी अपने आप को रिशाना बतायेगा और मैं मान लूंगा कि वही रिशान है " 

 विहान अपने मन में ही बड़बड़ाता हुआ चल रहा था और तभी एक जगह बिखरे हुए पानी से उसका पांव फिसलने लगता है!! और जैसे ही वह गिरने लगता है रिशान उसे अपनी बाहों में थाम लेता है और विहान को गिरने से बचा लेता है!!

विहान इस तरह रिशान की बाहों में उसके चेहरे की तरफ ही देख रहा था और वही रिशान भी विहान के इस मासूमियत और क्यूट से चेहरे में खो गया था!!

और विहान को ज़ब यह पता चलता है कि उसे किस ने पकड़ कर रखा है!! तो वह रिशान से दूर हटने की कोशिश करता है क्योंकि उसे इस बात का यकीन ही नहीं था कि सामने खड़ा शख्स ही उसका रिशान है!!

 रिशाल उसे बार-बार ऐसी इस तरह से छटपटाने से मना कर रहा था क्योंकि इस वक्त वहां पर बहुत ज्यादा पानी गिरा हुआ था!! लेकिन विहान नहीं मानता और इसी बीच रिशान और विहान दोनों ही पानी में फिसल कर नीचे गिर जाते हैं!!

जब राधा वहां आती है तो उन दोनों को देखकर उसे बहुत हंसी आती है और कहती है

" रिशान? विहान क्या कर रहे हो तुम? घर में शादी की तैयारी हो रही है और तुम खेल रहे हो? ये कोई खेलने का वक्त है क्या? "

जब राधा उस लड़के को रिशान कहकर बुलाती है जिसे तब से विहान कोई गुंडा समझ रहा था!! तब उसकी आंखें फटी की फटी रह जाती है और उसकी यह हैरानी देखकर रिशान को बहुत हंसी आती है!!

रिशान अपनी जगह से उठता है और खड़े होते हुए वह विहान को भी अपना हाथ खड़े होने के लिए देता है!! विहान पहले तो उसकी तरफ हैरानी से देखता है और फिर उसकी तरफ अपना हाथ बढ़ा देता है!! और रिशान उसे भी खड़ा करता है थोड़ी देर बाद वह दोनों अपने कपड़े बदलकर वापस से शादी की रस्मों में शामिल हो जाते हैं!! 

विहान बचपन से ही आर्यमन के ज्यादा करीब था लेकिन रिशान भी उसे बचपन में प्रोटेक्ट किया करता था!! और बड़े होने के बाद रिशान दोनों से अलग होकर इंग्लैंड में चला गया!!

और आर्यमन को उसकी सौतेली मां जो उसे अपने सगे बेटे की तरह मानती थी उसे उसने विहान की जिम्मेदारी दी और उसे भी उसके साथ ही अमेरिका भेज दिया!! 

 वक्त बीतता गया और आर्यमन के साथ ही विहान अमेरिका मे ही बड़ा हुआ!! और जब सब सालों बाद एक शादी में इस तरह मिले तब तक सब बड़े हो चुके थे!!

लेकिन वक्त के बीतने के साथ विहान का दिल आर्यमन के लिए धड़कने लगा!! लेकिन वही रिशान का दिल विहान के लिए धड़कने लगा!!

और जब सालों बाद आज रिशान ने विहान को देखा तो उससेउसे दुबारा से प्यार हो गया था!!  विहान दिखने में बहुत ज्यादा क्यूट और चार्मिंग था!! विहान का बचपन हमेशा रिशान और आर्यमन के साथ ही बीता था!!

 एक और जहां आर्यमन शांत और समझदार था, वहीं रिशांत थोड़ा गुस्सैल था!! विहान को जब भी कोई स्कूल में परेशान करता था तो आर्यमन हमेशा विहान को शांत रहने के लिए कहता था!!

और हमेशा यही कहता था कि अच्छे के साथ जो लोग बुरा करते हैं उनके साथ भी बाद में बुरा होता है!! लेकिन रिशान बहुत गुस्सैल था उसे विहान को चिढ़ाने और परेशान करने वाले लोग बिल्कुल पसंद नहीं थे!!

और वह उन लोगों की पिटाई कर दिया करता था जो विहान को परेशान करते थे!! और इसी वजह से उनके पापा सबसे ज्यादा रिशान को ही डांटा करते थे!!

 और रिशान कई बार इतनी गलतियां कर देता था कि उसके पापा दुष्यंत उसे कमरे में बंद कर दिया करते थे!! और उसे खाना देने के लिए मना करते थे!!

लेकिन आर्यमन और विहान कुछ ना कुछ जुगाड़ लगाकर उस तक खाना पहुंचा ही दिया करते थे!! आर्यमन अपने छोटे भाई से बहुत प्यार करता था सौतेले भाई होने के बावजूद उनके इस प्यार को देखकर कोई नहीं कह सकता था कि यह दोनों सौतेले भाई हैं!!

 इसीलिए जब सब सो जाया करते थे तो आर्यमन बास्केट में खाना डालकर रस्सी से टॉप फ्लोर पर जाकर उसे कमरे के बालकनी के सामने पहुंचा दिया करता था जहां पर रिशान को बंद किया जाता था!!

 और उसके इस काम में विहान उसकी मदद किया करता था!! आर्यमन और विहान को राधा गोयनका ने एक तौर पर अपनी ही औलाद मान लिया था!!

लेकिन यह चीज राधा गोयनका के भाई बलवंत साहवी को बिल्कुल पसंद नहीं थी!! उसे आर्यमन से नफरत थी उसे हमेशा दौलत से ही प्यार हुआ करता था!! और वह यही चाहता था की सारी पावर, पोजीशन और पैसा सिर्फ रिशान के ही पास रहे!!

आर्यमन से बेवजह नफरत किया करता था और विहान को तो वह अपनी आंखों के सामने बर्दाश्त ही नहीं किया करता था!! उसकी नजर में विहान एक फकीर था और वह जब भी उसे अकेला देखता था तो उसे थप्पड़ मार दिया करता था!!

 राधा ने उसे कई बार मना किया कि वह विहान के साथ ऐसा ना करें  क्योंकि राधा विहान को भी अपना बेटा ही मानती थी!! लेकिन बलवंत अपनी आदतो से मजबूर था!!

 उसे हमेशा ही विहान और आर्यमन से नफरत रहती थी!! वह उन्हें हमेशा भिखारी और नाजायज कहा करता था!!:उसने कई बार अतीत में चाले चली कि आर्यमन की मौत हो जाए और सब कुछ रिशान को मिले!! और विहान को तो वह रास्ते से हटा ही देगा!! उसके लिए तो विहान सिर्फ एक मुनीम का बेटा था जो ज्यादा मायने नहीं रखता था!!

 लेकिन बलवंत के ये पतरे हमेशा उसी पर भारी पड़े और कभी भी वह रिशान और आर्यमन के बीच दरार लाने में सफल नहीं हुआ!! और राधा के बार-बार वॉर्न करने के बाद भी वह नहीं सुधरा!!

 विहान की उम्र दोनों से छोटी थी!! साथ ही वह उन दोनों भाइयों की प्रायोरिटी भी रहा करता था!! और इसी तरह आर्यमन ने और रिशान ने दोनों ने मिलकर विहान को हमेशा ही प्रोटेक्ट किया था!!

 और वही दोनों उसके रक्षक थे लेकिन कौन ही जानता था कि रिशान एक वक्त बाद विहान का रक्षक नहीं भक्षक बन जाएगा!!

 जब आर्यमन 10th स्टैंडर्ड में हो गया था उस वक्त रिशान 9th स्टैंडर्ड में था और विहान 7th स्टैंडर्ड में! आर्यमन हमेशा डॉक्टर बनना चाहता था इसीलिए दुष्यंत गोयनका ने उसे अमेरिका भेज दिया और रिशान को लंदन भेज दिया!!

 विहान अकेला पड़ गया था उसका मन नहीं लगता था दोनों के बिना!! वह खोया खोया रहता था और परेशान रहता था!! साथ ही बाकी लड़कों ने उसे सताना करना शुरू कर दिया था क्योंकि अब उसे बचाने के लिए रिशान और आर्यमन दोनों ही नहीं थे!!

 और इसलिए ही विहान स्कूल भी नहीं जाता था और रोया करता था!! उस पर तरस खाकर रिशान की मां राधा गोयनका ने उसे आर्यमन के पास अमेरिका भेज दिया और आर्यमन ने ही उसे अपने पास रखकर पढ़ाया और उसकी जिम्मेदारियां उठाई!!

 वक्त के साथ-साथ विहान को आर्यमन से प्यार होने लगा!! लेकिन आर्यमन उसकी फीलिंग से अनजान था आर्यमन ने उसे हमेशा अपने छोटे भाई की तरह माना था!!  और उसी की तरह उसकी केयर किया करता था लेकिन विहान आर्यमन को दिलो जान से चाहने लगा था और एकतरफा प्यार करने लगा !! इस बात से अंजान कि रिशान उसे एकतरफा प्यार करता है!! 

CHAPTER END...........

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Thank you from Auther for reading🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏.......

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