हौले हौले हो जाएगा प्यार ❤️❤️ - Chapter 1
बस गाड़ी स्टार्ट ही की थी कि एक लड़की ने सीधा उनकी गाड़ी में स्कूटी ठोक दी और खुद स्कूटी के साथ नीचे गिर पड़ी थी।
उस लड़की के गाड़ी को ठोकने पर सैम जल्दी से सैम गाड़ी से नीचे उतरा । वह नीचे उतरकर अपनी गाड़ी देखने लगा।गाड़ी की अगली लाइट टूट गई थी और और गाड़ी पर काफी निशान भी पड़ गए थे। सैम का सारा ध्यान गाड़ी पर था।उसने सामने लड़की पर ध्यान नहीं दिया। वह अपनी गाड़ी देखने लगा ।
"... कैसे आदमी हो आप ... एक लड़की गिरी पड़ी है ...उसे उठने में हेल्प तो कर दो ..."उस लड़की ने कहा।क्योंकि वह लड़की नीचे थी। उसके ऊपर स्कूटी थी और लड़की से उठा नहीं जा रहा था।
"...जब स्कूटी चलानी नहीं आती है ...तो उसे चलाती ही क्यों हो... मेरी पूरी गाड़ी तोड़ दी तुमने ..."सैम गुस्से से उसे बोला और साथ में ही स्कूटी साइड पर करके, उसने लड़की की उठने में हेल्प करने लगा। क्योंकि लड़की नीचे थी और उसके ऊपर स्कूटी थी। लड़की उठना चाहती थी। मगर उस से उठा नहीं जा रहा था। सैम गुस्से में था फिर भी वह उसकी हेल्प करने लगा। सैम का गुस्सा उसके चेहरे से पूरी तरह से दिखाई दे रहा था।
"...जदों किसे दी हेल्प कर दे आ... तब गुस्सा नहीं कर दे... बिना गुस्से तो हेल्प करनी चाहिए... हमेशा आराम नाल बिना गुस्से दे हेल्प करनी चाहिए ..." वह लड़की उठती हुई बोली।"... तुम मेरी गाड़ी तोड़ने के बाद तुम मुझे लेक्चर दे रही हो... तो किसी की गाड़ी भी नहीं तोड़नी चाहिए... अगर स्कूटी चलानी नहीं आती तो मत चलाओ... किसी को मार दोगी... फिर क्या होगा..."सैम को और गुस्सा आ गया। फिर भी सैम ने उस लड़की की खड़े होने में हेल्प कर दी थी। लड़की अब खड़ी हो चुकी थी ।
सैम की बात सुनने के बाद वह लड़की झुक कर टूटी हुई गाड़ी देखने लगी ।
"...लौ हो गया सियापा ... मैं ऐनी कोशिश कीती सी कि... स्कूटी साइड से निकालूं ...मगर पता ही नही चला कि मैं गाड़ी नाल टक्कर मारती ..."वह लड़की बोली। "... पता है कितनी महंगी गाड़ी है..."
"... गड्डी तां जरूर महंगी होगी ...पर अकेली लाइट ही तां टूटी है... थोड़े से निशान पड़े हैं ... पूरी गाड़ी थोड़ी ना थोड़ी है.. इतना गुस्सा नहीं करना चाहिए..."वह लड़की बोल रही थी।
...पता है इसका सामान कितना महंगा आता है..."सैम को समझ नहीं आ रहा था कि वह इस लड़की का क्या करें। वह अजीब से जवाब दे रही थी । सैम को उसके साथ बहस करनी ही ठीक नहीं लग रही थी। "...बेवकूफ लड़की... खुद आता है नहीं... दूसरों को लेक्चर देती है..." वह अपने मन में बोल रहा था।
कैसे मिलेंगे मुझे हमारे एरोगेंट हीरो सिकंदर खन्ना ♥️ और प्यारी सी लड़की स्नेह प्रीत शर्मा ♥️
कैसे होगा इन दोनों का मिलन? मगर कोई नहीं जानता था कि सैम को तो स्नेहा से पहली नज़र में ही प्यार हो गया था। सैम को भी यह बात पता नहीं थी।😂😂😭😭😭
इन दोनों की मुलाकात कोई एक्सीडेंट नहीं था, उनकी तकदीर में लिखा था इनका मिलन।
story shuru karte Hain
"...देखो, जो मैं कह रहा हूँ...करना तो तुम्हें वैसा ही पड़ेगा...याद रखो...वरना मैं तुम्हें पूरी जायदाद से बेदखल कर दूँगा...मेरी इस बात को तुम सीरियसली लेना...ऐसे मत समझ लेना मुझे..." रवि खन्ना गुस्से से बोल रहे थे।
"...मगर डैड, जिसको मैं जानता नहीं हूँ...जिन्दगी में कभी मिला नहीं...मैं उससे शादी नहीं कर सकता...आपको अच्छी तरह से पता है कि मैं किसी और को पसंद करता हूँ...आप मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं...?" रवि खन्ना के बेटे रणबीर खन्ना ने कहा।
"...यह ठीक कह रहा है...आप इसकी मर्ज़ी के बिना इसकी शादी के बारे में कैसे सोच सकते हैं...कौन सी दुनिया में रहते हैं आप...आपका कभी समझ में नहीं आया..." रणवीर की माँ रत्ना जी बोलीं।
"...तुम लोग अच्छे से जानते हो...जब हम लोग पटियाला में रहते थे...शिव की वाइफ़ तो तुम्हारी बहुत अच्छी सहेली थी...तो अब टाइम आ गया है...हम लोग उनसे मिलने के लिए पटियाला जा रहे हैं...तुम लोगों की आपस में कभी बात नहीं हुई...मगर हम दोनों दोस्तों की बात होती रहती है...मैं कौन सा कह रहा हूँ कि शादी ही करनी है...एक बार इन बच्चों को मिल तो लेना चाहिए..." रवि जी बोले।
"...मुझे पता है, जब इतने बड़े बिज़नेसमैन के बेटे से उनकी बेटी की शादी होने की बात होगी...वह तो एक मिनट में हाँ कह देंगे...मुझे तो वहाँ जाने से ही डर लग रहा है..."
"...अगर तुम ही ऐसा बोलोगी तो शादी के लिए वो कैसे हाँ कहेगा? और जिस लड़की से ये शादी करना चाहता है...उसको भी मैं अच्छे से जानता हूँ...वह भी हमारे पैसे की ही पीछे है...मुझे उनके बारे में हर बात पता है..."
उनकी बात सुनकर नीचे आता हुआ सिकंदर बोला, "...क्या बात है चाचू? किस बात पर सुबह-सुबह बहस हो रही है...?"
"...कोई बात नहीं बेटा..." "...फिर भी क्या बात है? आप मुझे बताएँ, मैं आपकी प्रॉब्लम सॉल्व कर दूँगा..."
"...तुम्हें याद होगा जब हम पटियाला में रहते थे...हाँ पापा, मुझे अच्छे से याद है, चाहे मैं उस वक़्त बहुत छोटा था..." "...तब मेरे दोस्त शिव कुमार, जो कॉलेज में लेक्चरर था, उसकी बेटी के साथ बचपन में इसकी शादी तय की थी...अब उस बात को आगे बढ़ाने का टाइम हो गया है...और ये माँ-बेटा मेरी बात ही नहीं सुन रहे..."
"...मुझे लगता है आज के ज़माने में ऐसी शादियाँ नहीं होती...आपको पहले का टाइम नहीं है...अगर ये शादी जबरदस्ती हो भी जाती है...तो कितने दिन चलेगी...मैं सीधी बात कहने में यकीन रखता हूँ..." सिकंदर ने कहा।
"...तुम्हारी बात ठीक है...मगर एक बार मिल तो सकते हैं..." "...बिल्कुल मिलना चाहिए...वैसे क्या नाम था उस लड़की का?...मुझे थोड़ा-थोड़ा याद है..."
"...स्नेहा...स्नेहा नाम है उसका..." रवि खन्ना ने कहा।
"...बहुत मोटी हुआ करती थी वह...राइट चाचू..." सिकंदर याद करते हुए बोला।
"...पापा, आप उसकी मोटी लड़की की बात कर रहे हैं...अब वह पूरी टुनटुन हो गई होगी...माँ, समझाएँ पापा को...ऐसे नहीं हो सकता..." रणबीर अपनी माँ से बोला।
उम्मीद करती हूं मेरी सीरीज आपको पसंद आएगी। दो ऐसे लोगों की कहानी जो एक साथ हो जाते हैं अचानक हुई शादी से उन्हें लगता है कि वह एक दूसरे से प्यार नहीं ।