mafias dark desire - Chapter 1
अध्याय १
बैंगलोर, भारत। रात का समय था।
"बैंगलोर को भारत का सबसे जाना-माना और बड़ा शहर कहा जाता है। यहाँ हर चीज़ बेहद खूबसूरत है। बड़ी-बड़ी इमारतें वहाँ की खूबसूरती को चार-चाँद लगा रही थीं।"
"लेकिन कहते हैं ना, कभी-कभी बड़े महलों में खुशियाँ नहीं, बेहिसाब दर्द होता है। महलों में रहने वाला हर कोई शहज़ादा नहीं होता। कभी-कभी उन महलों में इंसान के रूप में राक्षस भी रहते हैं।"
बैंगलोर में एक बड़ा सा विला था, जो काफी खूबसूरत था। उस विला के बाहर एक नेम प्लेट थी जिसमें बड़े-बड़े अक्षरों में 'A.K विला' लिखा था, जो रात की रोशनी में और चमक रहा था। उस विला के आस-पास काफी टाइट सिक्योरिटी थी, जो विला के चप्पे-चप्पे पर नज़र बनाए हुए थी। यह विला एक बिलियनेयर का था, जिसके हज़ारों दुश्मन थे।
उसी विला के एक मास्टर बेडरूम में एक आदमी एक लड़की के ऊपर था। लड़की की सिसकियाँ और चीखें किसी के भी रूह को हिला सकती थीं। वह लड़की दर्द में तड़पते हुए उस आदमी को दूर करने की कोशिश कर रही थी।
वह जितना उस आदमी को दूर करने की कोशिश कर रही थी, वह आदमी उसके साथ और रफ़ हो रहा था। ना जाने रात के किस पहर उस लड़की की सिसकियाँ बंद हुईं। वह लड़की दर्द की शिद्दत को सहन कर बेहोश हो गई। वह आदमी उसे अपनी बाहों में भरकर सो गया।
अगली सुबह।
धूप की हल्की किरण उस आदमी के चेहरे पर पड़ी। धूप पड़ते ही वह आदमी उठा और एक नज़र उस लड़की को देखा। उसने अपना लोअर पहनकर जिम चला गया।
जिम एरिया में वह आदमी पसीने से लथपथ जिम कर रहा था। उस आदमी के सिक्स पैक्स इस बात के गवाह थे कि वह घंटों जिम करता है। उसका बेदाग़ गोरा चेहरा, उसकी भूरी आँखें जो भावहीन थीं, तीखी नाक, सख्त पतले नेचुरल पिंक होंठ, उसे और भी हॉट बना रहे थे। उसकी उम्र छब्बीस साल थी।
वह बिलकुल परफेक्ट था। वह इतना हैंडसम था कि हर लड़की उसे पाने की चाहत रखती थी, लेकिन वह किसी को अपने आस-पास भी भटकने नहीं देता था।
यह आदमी हमारी कहानी का नायक, अबीर खन्ना है। अबीर का नाम बिज़नेस की दुनिया में हर शहर, हर देश में फैला हुआ है।
अबीर तौलिये से पसीना साफ़ करते हुए कमरे में आया। वह लड़की अभी भी बेड पर सो रही थी। उसने एक नज़र उसे देखा और शावर लेने चला गया।
कुछ देर बाद वह तैयार होकर सीढ़ियों से उतरता हुआ आया। उसने एक ब्लैक कलर का बिज़नेस सूट पहना हुआ था। वह नीचे आया और डाइनिंग टेबल पर बैठ गया।
इसके आते ही सभी नौकर एक-एक करके नाश्ता लगाने लगे।
कुछ देर बाद उसने नाश्ता किया और नैपकिन से हाथ साफ़ करते हुए एक नौकरानी से कहा, "मैडम उठ जाएँ तो उन्हें कह देना ऑफिस आ जाएँ।"
"जी साहब," नौकरानी ने सर झुकाकर कहा।
अबीर नाश्ता करके ऑफिस चला गया। वहीं मास्टर बेडरूम में उस लड़की की आँख खुली। वह बेड से उठी तो उसकी जोरदार चीख निकल गई। वह दर्द की शिद्दत से आँखें बंद कर लीं। कुछ आँसू उसके गाल पर लुढ़क कर आ गए। वह लड़की अपने आँसू साफ़ कर, ब्लैंकेट लपेटकर लड़खड़ाते हुए बाथरूम में घुस गई।
वह लड़की गरम पानी का शावर ऑन कर बाथटब में बैठ गई। कुछ देर में वह मिरर के सामने खड़ी थी और अपने शरीर को देख रही थी। उसके शरीर पर जगह-जगह काटने के निशान थे। उसके ज़ख्म बता रहे थे कि रात अबीर ने उसके साथ किस तरह दरिंदगी की है।
वह लड़की अपने आँसू को साफ़ करके बोली, "कंट्रोल मायरा, कंट्रोल। ये पहली बार नहीं हुआ जब मिस्टर खन्ना ने ऐसी दरिंदगी की है।"
जी हाँ, यह है हमारी कहानी की नायिका, मायरा वर्मा। यह एक मिडिल क्लास फैमिली से बिलॉन्ग करती है। इसकी उम्र उन्नीस साल है। मायरा का रंग गोरा और चेहरा बेदाग़ है। उसकी तीखी नाक, मुलायम पिंक होंठ, हर लड़का अपना दिल हार जाए उस पर। वह इतनी खूबसूरत थी।
मायरा अपनी आँखें बंद कर अपनी पिछली ज़िंदगी के बारे में सोचने लगी।