Rise of the Bold Mom Ch. 2

Rise of the Bold Mom - Chapter 2

Posted by anju Kumari • Mar 16, 2025 09:55 PM

आठ साल बाद.

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी सिटी में आज निरव्या ने अपनी एक अलग ही पहचान बनाली थी।

आज उस रात को बीते 8 साल हो चुके थे, निरव्या अपने केबिन में बैठी लैपटॉप पर कुछ कर रही थी,तभी बिना नोक किए कोई सीधे उसके केबिन के चला आया वो जानती थीं ये उसका बेटा था, शैतान लेकिन उतना ही इंटेलिजेंट,दिखने में किसी पेंटिंग की तरह ही खूबसूरत और बेहद क्यूट, महज़ सात साल का वो लड़का किसी शैतान से कम नहीं था।

"ईरान बेटा धीरे चलो ओके, एंड मोम अभी बिज़ी है तो आप सीधा विष्का आंटी के साथ घर जाओगे नो आर्गुमेंट अंडरस्टुड।" निरव्या अपने बेटे को आदेश देते हुए बोली।

"मोम नोट अगेन ओके, आप बार बार भूल क्यू जाति हो।"ईरान ने अपनी क्यूट सी आवाज में कहा लेकिन उसकी आवाज में नाराजगी साफ जलक रही थी।

"ओके ओके सॉरी मिस्टर ईरान हम भूल गए थे अब हमारे बेटे छोटे नही रहे।"निरव्या ने एक मुस्कुराहट लिए कहा,तभी उसके केबिन में विष्का दौड़ती हुई आई उसे इस देख निरव्या और छोटू सा ईरान दोनो हैरान हो गए।

"आंटी मैनर्स सीखो प्लीज़ वरना मुझे मोम को रिक्वेस्ट कर आपको फायर करना होगा। ईरान अपने छोटे छोटे हाथो को अपनी कमर पर रख कर बोला।

"जस्ट.जस्ट शट अप ओके लिटल डेविल, बॉस बॉस वो इन. इंडिया से कॉल है।"विष्का अपनी बढ़ती सांसों को कंट्रोल करते हुए निरव्या को फ़ोन दे कर बोली।

एक पल के लिए तो निरव्या वही जम गई,आखिर aj इतने साल बाद इंडिया से उसका कोनसा रिश्तेदार जाग चुका था,क्युकी टीना तो उसके आफिस फ़ोन पर कॉल करती नही थी और बाकी किसी को उसके सिडनी होने का पता नही था।

"हैलो."निरव्या ने धीमी आवाज़ के कहा।"तुम्हारा दिमाग बोहोत चलता है ना मिस निरव्या उर्फ नोरा ,तुमसे कहा था मेरे मामले से दूर रहो लेकिन तुम सुधरोगी नही,वैसे कैसी मां हो तुम अपने एक बच्चे को तो अपने पास आराम से रखा हैं तुमने और दूसरे को रोने  ने के लिए छोड़ दिया,ये सही नही किया तुमने।"इतना बोल वो आदमी ज़ोर ज़ोर से हसने लगा।

"क्या बकवास कर रहे, ऐसा ऐसा कैसे हो सकता है।" निरव्या अपनी चेयर से खड़ी हो चुकी थी,वही अपनी मोम को इस देख नन्हा ईरान भी अपनी मोम के पास आ फायर रिसीवर निरव्या के पास था तो दूसरा उसने चुपके से उठा लिया और ध्यान से सब सुनने लगा,उसकी चालाकी देख विष्का हैरान थी,उसे ये आइडिया क्यू नही आया वो भी ईरान के पास जा कर कान लगा कर सुनने लगी।

"बकवास नही सच्चाई है,अभी इंडिया में ही है तुम्हारा दूसरा बच्चा तुमने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था उस रात,अगर तुम हमारी मदद करो तो में वादा करता हु की तुम्हे तुम्हारे दूसरे बच्चे से जरूर मिलवाउगा।"सामने से आवाज़ आई जिसे सुन तीनों ही हैरान हो गए।

कॉल काटने के बाद निरव्या अपने बेटे की तरफ देखती है जो उसे ही देख रहा था,उसे अपने आप पर गुस्सा आ रहा था की वो अपने एक बच्चे को 7 साल पहले खो चुकी थी लेकिन उसे इस बात का एहसास तक नहीं था, कैसी मां थी वो अंदर ही अंदर उसे ये बात खाए जा रही थी,ईरान बखूबी अपने मां के अंदर चल रहे तूफान को समझ रहा था।

"मोम रिलेक्स आपकी गलती नही है,जो हुआ सो हुआ बट नाउ वी हेव टू फाइंड माय ट्विन ब्रो ओर सीस जो भी हो। ईरान की प्यारी सी आवाज सुन कर निरव्या के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान आ गई,भगवान अगर कुछ छीनता भी है तो बोहोत कुछ अच्छा दे भी देता है।

उसका बेटा जो इतना प्यारा था,उसकी समझ बाकी आम बच्चो के लेवल से कही ऊपर थी उसकी उम्र के बच्चे अभी 2nd क्लास में पढ़ते थे,लेकिन अपनी मां की तरह स्मार्ट होने पर वो अभी 5th क्लास में पढ़ रहा था, स्कूल एथॉरिटी वाले भी हैरान थे,उसकी आईक्यू लेवल बोहोत हाय था।

"विष्का इंडिया जाने के लिए दो टिकट बुक कराओ,जल्द से जल्द।"निरव्या ने बेहद ठंडी आवाज़ में कहा वो अब तक खुद पर गुस्सा थी।

"में भी साथ चलूंगी,में तुम्हे अकेला नहीं छोड़ सकती।"विष्का ने धीमी आवाज में कहा,भले विष्का उसकी असिस्टेंट थी लेकिन उसकी दोस्त भी थी।

"ओ कम ऑन आंटी मोम अकेले थोड़ी है,में हु ना उनके साथ उनका ख्याल बोहोत अच्छे से रख सकता हु।"छोटे से ईरान ने अपने छोटे छोटे हाथ अपनी कमर पर रख कर कहा।

लिटल डेविल जस्ट शट योर माउथ ओके,में साथ चलूंगी बस ये मेरा आखिरी फैसला है।"विष्का ने ऊंची आवाज में कहा,अगर विष्का की जगह कोई और होता तो निरव्या उसे जिंदा गाढ़ देती,लेकिन उसे मालूम था की विष्का उसकी कितनी फिक्र करती है।

"तुम जानती हो सिद्धार्थ है नही अभी तो में किसके भरोसे कंपनी छोड़ूं,तुम जानती हो हमारे काम में नजर हटी दुर्घटना घटी।"निरव्या की कंपनी दुनिया की बेस्ट सिक्योरिटी प्रोवाइड करने वाली कंपनी थी द फ्लाई सिक्योरिटी,इसलिए निरव्या ने ऐसा कहा।

तभी पीछे से कैसी लड़के की आवाज़ आई "हाय स्वीट हार्ट किसने कहा की में नही हु यहां, तुम मुझे पुकारो एंड में ना आऊ ये कैसे हो सकता है।"इतना बोल सिद्धार्थ निरव्या की तरफ बढ़ने लगा तभी उसे अपने पैरो पर हल्का सा दर्द महसूस हुआ,ईरान ने उसके पैर पर अपने छोटे से पैर से ज़ोर से मारा था।

"हेय चुपकु अंकल स्टे इन यौर लिमिट ओके,मेरी मोम से फ्लर्ट किया ना तो आई विल कील यू ओके। ईरान में अपनी छोटी छोटी आंखे और छोटू सी करते हुए कहा।

"में कहा फ्लर्ट करता हु लिटल डेविल,में तो एक सीधा साधा सा हेंडसम लड़का हु क्यू मिस विष्का?"सिद्धार्थ ने अपने अंदाज के मुताबिक अपनी तारीफ करते हुए विष्का से पूछा।

"में हम तीनो के जाने का इंतजाम करती हु।"विष्का वहा अब 1 मीनट भी रूक नहीं सकती थी।

"यार नोरा ये तुम्हारी असिस्टेंट मुझे इस इग्नोर क्यू करती है,जैसे मेने इसका खानदान खत्म कर दिया हो।"सिद्धार्थ की बात को फुल्ली इग्नोर कर निरव्या केबिन  से बाहर निकल जाती हैं।

"यू चिपकू अंकल इतना भी नही समझते शी लाइक यू बट नोट लाइक यौर चीपनेस।"ईरान भी अपनी मोम के पीछे पीछे जाते हुए बोला,वही ईरान की बात का सिद्धार्थ पर इतना असर पड़ा की वो चेयर से सीधा नीचे आ गया।

वही इंडिया में रावत अंपायर में।

बिल्डिंग के 140th फ्लोर पर सीईओ ऑफिस में एक हेंडसम सा लड़का अपनी चेयर पर बैठा था,उसका चेहरा ऐसा था जो एक बार देखने पर भुला ना जाए कभी,उसकी सबसे ख़ास बात थी उसकी हल्की नीली आंखे और उसके डिंपल जो usk हल्का सा मुस्कुराने पर भी दिख जाते,वो एक पेंटर की नायब पेंटिंग की तरह था,जिस लोग दूर से देख पाते लेकिन खरीदना उसके बस की बात नहीं थी।

उसके सामने एक उसी की उम्र का लड़का पैर पर पैर चढ़ाए बैठा था।

"वर्धान - वर्धान तुम ये कॉन्ट्रेक्ट पर साइन करदो बस बाकी का हम पर छोड़ दो,अरे हमरा नाम तत्सम त्रिवेदी है सन ऑफ़ विभीषण त्रिवेदी समझे क्या?"तत्सम ने बड़े ही घमंड के साथ कहा।

"तत्सम. तत्सम लगता है तुम्हारे बाप ने तुम्हे अक्ल के साथ साथ तमीज़ भी नही दी, कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे अपनी ओकात मत भूलो।"वर्धान ने बेहद ठंडी आवाज़ में उसके अंदाज में ही कहा!

"तेरी इतनी हिम्मत."इसके पहले की आगे वो कुछ और बोलता वर्धान का सिक्योरिटी चीफ कैलाश खींचते हुए उसे बाहर ले जाने लगता है।

"है छोड़ो मुझे,ये तुम ठीक नहीं कर रहे,तुम जानते नही हो मेरे पापा को वो तुझे दो बस दो दिन में खत्म कर देंगे तुम्हे।"कहते वक्त तत्सम अपने आप को छुड़ाने की पूरी कोशिश कर रहा था लेकिन कैलाश की पकड़ से छूट पाना उसके लिए नामुमकिन था।

"क्यू रे बॉस क्या 2 दिन की मोबाइल गेरेंटी है जो दो दिन में

खत्म हो जाएंगे,चल निकल यहां से वरना तू अभी खत्म हो जाएगा।"कैलाश ने कहा और उसे बाहर खड़े गार्ड के हाथो छोड़ वापिस अंदर चला गया।

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