" बेहद इश्क " - Chapter 3
थोड़ी देर में साहिल ने कार आकार मॉल के आगे रोक दी। पीहू ने उसकी ओर देखा और मुस्कुराते हुए जल्दी से कार से बाहर आ गई।
साहिल ने एक नज़र पीछे देखा और कार पार्किंग में लगाने चला गया।
पीहू वहीं खड़ी होकर चारों ओर देख रही थी। साहिल जैसे ही आया, पीहू उसे घूरने लगी।
साहिल: "चल ना अब।"
पीहू: "हाथ बांधकर...ये लोग भी हमारे साथ चलेंगे।"
साहिल: (मन में) सोचा नहीं था इसे पता लगेगा। "पीहू, चलने दे ना।"
पीहू: "हाथ बांधकर...अच्छा, ठीक है चलो। लेकिन अभी सिर्फ़ ये लोग शाम को मेरे साथ नहीं जाएँगे।"
साहिल: "हम्म। चल अब।"
पीहू बिना बोले पैर पटकते हुए साहिल के साथ अंदर आ गई।
साहिल एक तरफ़ खड़ा होकर बस पीहू को देख रहा था जो खुशी से कपड़े ले रही थी। साथ ही वह अपना फ़ोन देख रहा था जिसमें किसी के मैसेज दिखाई दे रहे थे। उन मैसेज को देख साहिल के चेहरे के भाव थोड़े अजीब हुए। लेकिन तभी पीहू उसके पास आकर...
पीहू: हाथों में कपड़े साहिल के हाथ में रखते हुए, "लीजिए और जल्दी से चेंज करके देखो कैसे हैं।"
साहिल: "तुम अपनी शॉपिंग करो, मेरे पास बहुत सारे कपड़े हैं।"
पीहू: "जाओ ना...और हाँ, दस मिनट में सब ट्राई कर लेना। अगर एक मिनट भी ज़्यादा लगाई ना तो और कपड़े दे दूँगी।"
साहिल: "ओके।" इतना बोलकर साहिल चेंजिंग रूम में चला गया।
पीहू अपने लिए कुछ कपड़े देखने थोड़ा साइड में चली गई।
साहिल ने कपड़ों को चेयर पर रखा और एक नज़र उन्हें देखने लगा। तभी उसके चेंजिंग रूम का दरवाज़ा खुला और एक लड़की उसकी ओर देखते हुए...
लड़की: "सॉरी, सॉरी। मैंने देखा नहीं था आप थे। आई एम सॉरी।"
इतना बोलकर वो लड़की जाने को पलटी तो साहिल ने उसका हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया और उसकी पीठ अपने सीने से लगाकर...
साहिल: "कहाँ जा रही हो?"
लड़की: "प्लीज़ मुझे छोड़िए। मैंने बोला ना मैं गलती से अंदर आ गई।"
साहिल: "हम्म...तो तुम गलती से यहां आई थी?" इतना बोलते हुए साहिल ने अपने दोनों हाथ उस लड़की के पेट पर कस लिए।
अचानक ही उस लड़की की आँखें बंद हो गईं। "हम्म..." इतना बोलकर उस लड़की ने अपने हाथ की कोहनी से साहिल के पेट पर जोर से मारा।
साहिल: "अरे, धीरे! लग गई मुझे।"
लड़की: "छोड़ो मुझे।"
साहिल: "मैं नहीं छोड़ूँगा।"
लड़की: "मेरा फोन क्यों नहीं उठाया कल?"
साहिल: "सॉरी, कल बिजी था ऑफिस में।"
लड़की: "हम्म...ठीक है। बहाने बहुत हैं तुम्हारे पास।"
साहिल: "सच्ची।" वैसे तुम यहां क्या कर रही हो?
लड़की: "जो तुम करने आए हो यहां।"
साहिल: (मुस्कुराते हुए) "हम्म...तो मैं करवा दूँ चेंज?"
लड़की: "पागल हो? नो, नो। मैं कर लूंगी।"
साहिल: "सच्ची?" इतना बोलकर उसने उसके बालों को पीछे करके अपने होंठ उसकी गर्दन पर रख दिए।
लड़की: "स...स...साहिल क्या कर रहे हो?"
साहिल: "जो तुम यहां करने आई थी।" इतना बोलकर साहिल ने उस लड़की को पकड़कर सीधा किया।
लड़की: उसकी नाक खींचकर, "ज़्यादा बनो मत। समझे नहीं तो जो तुम यहां करने आए हो वो मैं कर दूंगी। समझे ना?"
साहिल: "सच्ची में तो भूल गया। वो पीहू आती होगी अभी। उसने कहा था दस मिनट में चेंज करने हैं वरना वो लाकर देगी।"
वो लड़की वहीं साइड में टेक लगाकर हँसने लगी।
साहिल: "अच्छा, अब बाहर जाओ।"
लड़की: "यहीं कर लो मेरे सामने।"
साहिल: "पागल! जाओ यहां से।"
लड़की: "ठीक है, जा रही हूँ।" इतना बोलकर जैसे ही उसने दरवाज़ा खोला तो अचानक से पीहू से टकरा गई।
पीहू उसे मुँह खोले देख रही थी कि अचानक ही उसने अपने हाथ बाँधे और एक आईब्रो उठाकर उस लड़की को देखा।
वो लड़की: अपनी नज़रें नीचे करके, "हाय पीहू।"
पीहू: "हैलो वेदु भाभी।" इतना बोलकर पीहू ने स्माइल की और वापस कहा, "मिल लिए भाई से?"
वेदिका: "हाँ, तुम बताओ।"
पीहू: "मैं बहुत अच्छी हूँ। भाई आपको टाइम नहीं देते ना, इनके कान पकड़कर खींचा करो।"
वेदिका उसकी बात पर हँस रही थी।
तभी पीछे से आकर साहिल ने पीहू के कान पकड़कर, "अच्छा जी, मैं बताऊँ तुझे?"
पीहू: "क्या भाई? मेरे कान क्यों पकड़े हैं? छोड़ो ना, वरना टूट जाएँगे। फिर लोग कहेंगे देखो साहिल की बहन का एक कान नहीं है।" इतना बोलकर पीहू खिलखिलाकर हँसने लगी। (उसकी हँसी बहुत प्यारी थी। जब भी वो हँसती तो किसी छोटे बच्चे जैसी मासूम लगती थी। उसके गाल पर पड़ते डिम्पल...)
साहिल और वेदिका दोनों उसे हँसता हुआ देख रहे थे।
साहिल: "चले?"
पीहू: "हाँ, मैंने सब खरीद लिया और काउंटर पर रख दिया।"
वेदिका: "मैं भी चलती हूँ।"
पीहू: "आप भी हमारे साथ चलिए ना।"
वेदिका बस साहिल को देख रही थी।
साहिल: "चलो।"
इतना बोलकर तीनों काउंटर के पास आ गए। पीहू वहीं काउंटर के पास खड़ी हुई थी। साहिल किसी से फोन पर बात कर रहा था।
पीहू के थोड़ी ही दूरी पर रुद्र और शिवांश खड़े हुए थे। रुद्र के हाथ बार-बार पीहू के बालों को छू रहे थे।
पीहू ने बिल लिया और देखा तो दांतों तले जीभ दबाकर...मर गई।
वो लड़का: "मैम, बिल पे कर दीजिए।"
पीहू: "बिल में नहीं, वो पे करेंगे।" इतना बोलकर पीहू ने बिल हाथ में लिया और साहिल के आगे आकर खड़ी हो गई।
साहिल: (फ़ोन पर) "अच्छा, मैं आपसे बाद में बात करता हूँ।" इतना बोलकर साहिल ने फ़ोन पॉकेट में रखा और पीहू को देखकर कहा, "क्या हुआ?"
पीहू: उसके आगे बिल देते हुए...
साहिल: साहिल ने जैसे ही बिल देखा उसने एक नज़र पीहू को देखकर कहा, "ओह! इतना बिल? मेरे प्यारे महीने की इनकम नहीं है ये।"
पीहू: "हाँ, वही तो! एक दिन की तो है ना! अब पे करो।"
साहिल: "अगर मैं तुझे हर हफ़्ते शॉपिंग करवाऊँ ना तो मैं रोडपति हो जाऊँगा।"
पीहू: "जाओ अब!" साहिल का हाथ पकड़कर ले जाते हुए...
रुद्र वहीं खड़ा बिल पे कर रहा था। उसके हाथ की वो रिंग बार-बार पीहू के बालों से खेल रही थी।
पीहू अभी भी वहीं साहिल के साथ खड़ी थी। उसने बिना देखे जोर से कहा, "आह! मेरे बाल!"
पर इस पर रुद्र का न तो ध्यान गया ना ही पता था।
साहिल: "तो कर दो बिल पे। अब डिनर के लिए चलें।"
वेदिका: "आप दोनों जाओ, मैं घर चली जाती हूँ।"
साहिल: "पर...?"
पीहू: बीच में ही, "घर क्यों? क्या काम है? मैंने बोला ना आप मेरे साथ डिनर पर चलोगे, मतलब चलोगे।" (पीहू को बार-बार बोलने की आदत नहीं है!)
साहिल: "हाँ, पीहू ने बोला ना एक बार..." उसके कान के पास जाकर, "रुक जाओ ना प्लीज़!"
वेदिका साहिल की बात सुनकर मुस्कुराने लगी।
पीहू: "उम्मम्म...अब कोई इतने प्यार से प्लीज़ बोल रहा है तो आपको रुकना चाहिए।"
पीहू की बात सुन साहिल तुरंत वेदिका से दूर हो गया। (मन में) "ओह गॉड! ये लड़की भी ना..."
पीहू: "चलो अब, मुझे भूख लगी है।"
साहिल: "हम्म...चलो।"
इतना बोलकर तीनों मॉल से बाहर आ जाते हैं और कार में बैठ जाते हैं। साहिल कार ड्राइव कर रहा था। वेदिका उसके बगल वाली सीट पर बैठी थी। और पीहू पीछे बैठी कभी अपना फोन चला रही थी तो कभी खिड़की से बाहर अपना हाथ, तो कभी अपना सिर निकाल रही थी। ये सब करते हुए पीहू एकदम मासूम लग रही थी।
साहिल कब से उसे विंडो से ये सब करते देख मुस्कुरा रहा था।
थोड़ी ही देर में तीनों एक होटल में आ गए। साहिल और वेदिका आमने-सामने थे और पीहू बगल में।
थोड़ी ही देर में वेटर ऑर्डर लेने आया तो पीहू ने सब के पसंद का खाना मँगवाया।
साहिल: (वेटर से) "भैया मिर्च मत डालना।"
वेटर: "जी सर।" इतना बोलकर वहाँ से चला गया।
पीहू हल्का सा मुस्कुरा देती है।
थोड़ी ही देर में तीनों डिनर करके वहाँ से निकल गए थे।
पीहू कार में बैठते ही, "भाई..."
साहिल: "हम्म...बोलो।"
पीहू: "इनको साथ नहीं ना अब?"
वेदिका: "मैं यहाँ से चली जाऊँगी।"
साहिल: "वो तुम्हारे लिए नहीं बोल रही, वो बॉडीगार्ड्स के लिए बोल रही है।"
पीहू: "हाँ, आपके लिए नहीं बोला। और भाई प्लीज़ बोलो अब उन्हें..."
साहिल: "ओके।" इतना बोलकर साहिल ने किसी को फोन किया और माना कर दिया।
थोड़ी देर में तीनों अपनी कार से एक सुनसान सड़क पर आ गए जहाँ कुछ ही लोग आ जा रहे थे। साहिल ने कार एक साइड लगाई और पीहू की ओर देखा जो कार से बाहर आ गई थी।
पीहू: "आप दोनों यहाँ टाइम स्पेंड कीजिए, मैं अभी आती हूँ।" इतना बोलकर पीहू ने कुछ बैग्स लिए और चली गई।
साहिल ने उसके जाते ही किसी को फोन करके कुछ कहा और वेदिका को कार से बाहर आने को बोला। खुद कार से टेक लगाकर खड़ा हो गया।