मिले ना मिले हम - Chapter 3
'खन्ना इंडस्ट्रीज' का कारोबार दिन-दूना रात-चौगुना बढ़ता जा रहा था। अकेले राहुल के लिए पूरे बिज़नेस और सेक्रेटरी के काम को संभालना मुश्किल हो रहा था।
केबिन में काम के दौरान राहुल ने तेजस की तरफ देखा, "सर, मैं सोच रहा हूँ कि वैसे तो आपके सेक्रेटरी का काम मैं देख ही रहा हूँ... मगर हमें एक और सेक्रेटरी की ज़रूरत है। इससे मेरा काम भी थोड़ा आसान हो जाएगा और आपको भी मैनेजमेंट में बहुत मदद मिलेगी।"
तेजस ने अपनी फ़ाइल बंद की और ठंडे लहजे में बोला, "तो ठीक है... एक नई सेक्रेटरी के लिए इंटरव्यू रख लो।"
राहुल उसे अचरज से देखता रह गया। उसे यकीन नहीं हुआ कि तेजस इतनी आसानी से मान जाएगा! वह सोचने लगा कि आख़िर तेजस खन्ना के दिमाग में क्या चल रहा है, क्योंकि इतनी जल्दी किसी बात के लिए हाँ कहना उसके स्वभाव में शामिल नहीं था।
"तो ठीक है सर... हमारे ऑफिस में वह शिव कुमार है ना? वह मुझे इस पोस्ट के लिए एकदम सही लगता है। बाक़ी आप जैसा कहें..." राहुल ने सलाह दी।
"नहीं! बिल्कुल नहीं!" तेजस ने मुस्कुराते हुए कहा, "एक लड़का तो तुम हो ही... अब मुझे सेक्रेटरी के रूप में एक स्मार्ट और टैलेंटेड लड़की चाहिए। तुम्हें पूरा दिन देखकर मैं बोर हो जाता हूँ।"
राहुल ने सिर पकड़ लिया, "सर... क्यों? दफ़्तर में काम करने वाले लोग वैसे ही बहुत हैं। सेक्रेटरी के रूप में किसी लड़की को रखने की क्या ज़रूरत है?"
"मैंने सोच लिया... तो सोच लिया। बात खत्म," तेजस ने अपने अंदाज़ में हुकुम सुना दिया।
कुछ ही देर में पूरे ऑफिस में यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई कि सीईओ 'तेजस खन्ना' की पर्सनल फीमेल सेक्रेटरी का इंटरव्यू होने वाला है।
ऑफिस की कई लड़कियों के दिल की धड़कनें तेज़ हो गईं। सब सोचने लगीं कि अगर उन्हें यह जॉब मिल गई, तो करियर में बड़ा उछाल आएगा—मोटी तनख्वाह के साथ-साथ सीधे सीईओ के साथ काम करने का मौका मिलेगा!
मेनका, जो पिछले 2 साल से ऑफिस में काम कर रही थी, खुद को रोक नहीं पाई।
"मे आई कम इन, सर? मैं यह फ़ाइल लेकर आई थी..." मेनका ने मुस्कुराते हुए कहा।
"फ़ाइल रख दो और जाओ," तेजस ने बिना नज़र उठाए कहा।
"सर... मुझे आपसे एक ज़रूरी बात करनी थी," मेनका केबिन के अंदर आकर मेज़ के पास खड़ी हो गई।
तेजस ने अपनी नज़रें ऊपर उठाईं, "हाँ... बोलो।"
"मैंने सुना है कि हमारे ऑफिस में सेक्रेटरी का इंटरव्यू हो रहा है..." Mainka ने थोड़ा करीब आते हुए कहा।
"बिल्कुल हो रहा है..." तेजस अपनी रिवॉल्विंग चेयर से उठा और मेज़ का सहारा लेकर खड़ा हो गया।
"सर... मैं भी सेक्रेटरी की यह जॉब करना चाहती हूँ। मैं आपके काम को बहुत अच्छे से समझती हूँ..." Mainka ने अपनी बात रखने की कोशिश की।
तेजस ने उसे ध्यान से देखा और शांत लहजे में कहा, "तुम अपने काम में अच्छी हो मेनका... तुम्हारे साथ टीम में काम करना आसान है। मगर मेरी 'पर्सनल सेक्रेटरी' बनने के लिए जैसी प्रोफेशनल एप्रोच और लीडरशिप चाहिए... मुझें लगता है तुम्हें अभी थोड़ा और अनुभव चाहिए।"
यह सुनते ही Mainka के चेहरे की रंगत उड़ गई। उसे काफी बुरा लगा।
"ऐसी... ऐसी क्या कमी है मुझमें, सर?" उसने दुखी आवाज़ में पूछा।
"मैंने कब कहा कि तुझमें कोई कमी है?" तेजस ने अपनी कुर्सी पर बैठते हुए कहा, "तुम अपनी मौजूदा पोस्ट पर बहुत अच्छा काम कर रही हो। अब तुम अपने केबिन में जा सकती हो।"
Mainka अपनी निराशा छुपाती हुई चुपचाप बाहर निकल गई।
दोपहर के बाद तेजस की एक बेहद अहम बिज़नेस मीटिंग दफ़्तर से बाहर थी। वह अपनी लग्जरी कार में सवार हुआ, राहुल ड्राइविंग सीट पर था।
"जो हमें नए ऐड शूट के लिए मॉडल्स चाहिए थीं, उनका क्या हुआ राहुल?" तेजस ने खिड़की से बाहर देखते हुए पूछा।
"दो-तीन लड़कियाँ फ़ाइनल हैं सर... उनमें से देखना है कि किसे यह ऐड दिया जाए," राहुल ने शीशे में तेजस को देखते हुए कहा।
"तो ठीक है, उन तीनों को कल मेरे 'ब्लू मून होटल' के कॉन्फ्रेंस रूम में मुझसे मिलने के लिए बुला लो।"
राहुल गाड़ी चलाते-चलाते अचानक हँस पड़ा।
"तुम हँस क्यों रहे हो?" तेजस ने भौंहें सिकोड़कर पूछा।
"आप सच-सच बताओ तेजस... इतनी सारी मीटिंग्स और प्रोजेक्ट्स के बाद भी आप थकते नहीं?"
"काम ही मेरी लाइफ है राहुल... मुझे हर दिन नए चैलेंज पसंद हैं," तेजस ने बेपरवाही से कहा।
"और वह जो सेक्रेटरी की जॉब के लिए विज्ञापन (Advertisement) देना था, उसका क्या हुआ?" राहुल ने पूछा।
"हाँ, मैंने न्यूज़पेपर में भेज दिया है। कल सुबह के अख़बार में आ जाएगा। वैसे... इंटरव्यू कौन लेगा? आप?" राहुल ने मज़ाक में पूछा।
"सीधी सी बात है, मैं ही लूँगा! आख़िर वह मुझे ही दिन-रात असिस्ट करेगी, तो उसका इंटरव्यू मुझे ही लेना चाहिए," तेजस ने मुस्कुराकर कहा।
राहुल ने हँसते हुए कहा, "बिल्कुल सर! आपको कैसी सेक्रेटरी चाहिए, यह आपसे ज़्यादा कौन जान सकता है... याद है, जब आपने मुझे अपना PA चुना था?"
तेजस की आँखें थोड़ी नरम हुईं, "बिल्कुल याद है... हम दोनों कॉलेज में साथ थे। कितनी दुश्मनी थी हममें पहले! मगर एक बार दोस्ती हुई, तो आज तक हम पक्के यार बन गए। जब मैंने बिज़नेस सँभाला, तो तुम्हें ही अप्रोच किया। और तुमने कमाल का काम किया है। अगर इस पूरी दुनिया में मैं किसी पर सबसे ज़्यादा भरोसा करता हूँ, तो वह सिर्फ़ तुम हो, राहुल।"
तेजस ने राहुल के कंधे पर हाथ रखा, "मेरी अपनी फ़ैमिली भी मेरे बारे में उतना नहीं जानती जितना तुम जानते हो। तुम्हारे साथ रहता हूँ, तो मुझे एक सच्चे परिवार वाली फीलिंग आती है।"
"अब मुझे ज़्यादा चने के झाड़ पर मत चढ़ाओ!" राहुल ने हँसते हुए कहा।
"नहीं, सच कह रहा हूँ... वैसे, तुम्हारी लाइफ में कोई स्पेशल लड़की है क्या?" तेजस ने पूछा।
राहुल झिझका, तो तेजस बोला, "अरे डरो मत राहुल! तुम बता सकते हो... मुझे तुम पर इतना एतबार है कि तुम्हारी फ़ैमिली को मैं अपनी फ़ैमिली मानता हूँ।"
"बिल्कुल मानता हूँ भाई... तुम्हारे मॉम-डैड मेरे मॉम-डैड जैसे हैं। तुम्हारी बहनें मेरी अपनी बहनों जैसी हैं," तेजस ने दिल से कहा।
"अरे नहीं ! सचमुच मेरी लाइफ़ में अभी कोई नहीं है," राहुल की आँखों में एक सच्चा सपना तैरने लगा, "जिस दिन भी कोई आएगी, मैं आपको सबसे पहले मिलवाऊँगा। क्योंकि मुझे अपनी ज़िंदगी में कोई लड़की सिर्फ़ टाइम-पास के लिए नहीं... पूरी ज़िंदगी साथ निभाने के लिए चाहिए!"
तेजस ने एक हल्की सी हँसी हँसी, "तुम्हारी और मेरी सोच में ज़मीन-आसमान का फ़र्क है, राहुल।"
राहुल ने गाड़ी रोकते हुए बेहद प्यार से कहा, "देखना तेजस... एक दिन मैं आपके मुँह से भी यही सुनूँगा! और उम्मीद करता हूँ कि वह दिन बहुत जल्दी आएगा... जब आपको कोई ऐसी मिलेगी, जो आपके इस बेकाबू दिल पर राज करेगी!"
🔮 आगे क्या होगा?
* क्या न्यूज़पेपर में छपे उस विज्ञापन को पढ़कर—अपनी शर्तों और उसूलों पर जीने वाली संस्कारी लड़की 'तपस्या' इस बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस में कदम रखेगी?
* जब सख्त और घमंडी तेजस खन्ना खुद उस सीधी-साधी लड़की का इंटरव्यू लेगा... तो क्या वह उसकी सादगी और प्रतिभा से प्रभावित होगा या उनके बीच विचारों की कोई बड़ी जंग होगी?