मिले ना मिले हम🍁🍁 उसने सिर्फ शरीर छुआ था… अब वो दिल की हर दीवार तोड़ना चाहता है।" Ch. 1

मिले ना मिले हम - Chapter 1

Posted by Beautiful stories ( R Mann) • Feb 12, 2025 05:13 PM

तेजस खन्ना — एक बेहद अमीर, हैंडसम लेकिन बेरहम प्लेबॉय… उसकी जिंदगी में कभी प्यार की जगह नहीं रही। उसके लिए लड़कियाँ बस एक खेल थीं और पैसा उसका सबसे बड़ा हथियार। शहर की हर खूबसूरत लड़की उसके नाम की दीवानी थी — लेकिन तेजस सिर्फ उन्हें चुनता था जो उसकी शर्तों पर बिकें।

फिर उसकी ऑफिस में आती है — तपस्या कपूर।

एक सीधी-सादी, संस्कारी लेकिन आत्मनिर्भर लड़की। उसकी आंखों में ख्वाब नहीं, ज़िम्मेदारियाँ थीं। वो तेजस के लिए बाकी लड़कियों जैसी नहीं थी — ना उसकी चमक-दमक पर फिदा, ना उसके पैसों की भूखी।

पर किस्मत की एक करवट सब कुछ बदल देती है।

जब एक भयानक मजबूरी तपस्या को उस इंसान के सामने झुका देती है जिससे वो सबसे ज़्यादा घृणा करती थी — तेजस खन्ना।

एक रात, एक सौदा…

एक समझौता…

जिसमें शरीर बिकता है, पर आत्मा नहीं।

और फिर तपस्या बिना कुछ कहे तेजस की जिंदगी से चली जाती है।

तेजस भी आगे बढ़ जाता है — या शायद वह ऐसा दिखाता है।

सालों बाद…

जब तपस्या एक बच्चे के साथ दोबारा तेजस की जिंदगी में दाखिल होती है, तो सब कुछ थम जाता है। तेजस अब भी वैसा ही है — हावी, गुस्सैल, ईगो से भरा — मगर इस बार उसे सब कुछ वापस चाहिए।

हर कीमत पर।

एक जबरन की गई शादी…

एक बच्चा जिसकी सच्चाई किसी तूफान से कम नहीं…

और दो दिल जो नफ़रत और मोहब्बत के बीच उलझे हैं।

क्या तेजस अपनी पुरानी गलती का पश्चाताप करेगा?

क्या तपस्या दोबारा उस इंसान को माफ कर पाएगी जिसने उसका सब कुछ लूटा था?

क्या यह शादी एक नया मोड़ लेगी — या पुरानी ज़ख्मों से तबाह हो जाएगी?

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चलिए सीरीज को शुरू करते हैं

'खन्ना इंडस्ट्रीज'... एक ऐसा नाम जिसकी चमक पूरे देश और विदेश में फैली हुई थी। लक्जरी होटल्स की चेन से लेकर बड़े-बड़े टेक्सटाइल बिज़नेस तक, इस साम्राज्य का सिक्का हर तरफ़ चलता था। और इस साम्राज्य का बेताज बादशाह था—**तेजस खन्ना**।

28 साल का तेजस खन्ना सिर्फ़ एक खौफनाक और ज़हीन सीईओ (CEO) ही नहीं था, बल्कि कॉर्पोरेट से लेकर बॉलीवुड के गलियारों तक का सबसे बड़ा 'प्लेबॉय' माना जाता था।

गहरा सांवला-गोरा रंग, चौड़ा सीना, तराशा हुआ चेहरा और अपनी नशीली आँखों में बेपरवाह नशा... उसकी पर्सनालिटी ही ऐसी थी कि लड़कियाँ खुद-ब-खुद उसके कदमों में बिछ जाने को बेताब रहती थीं।

कॉलेज के दिनों से ही तेजस के लिए बिस्तर बदलना पानी पीने जितना आम था। जब उसके पिता तेजवीर खन्ना का एक खौफनाक एक्सीडेंट हुआ और उन्होंने बिज़नेस छोड़ दिया, तब पूरे साम्राज्य की कमान तेजस के हाथों में आ गई। सफलता और बेहिसाब दौलत ने उसके मिज़ाज को और भी ज़्यादा बेबाक, अय्याश और ज़िद्दी बना दिया था।

तेजस का एक छोटा भाई था जो अभी पढ़ाई कर रहा था, और माँ एक सादी, घरेलू महिला थीं। लेकिन तेजस को अपनी रंगीन ज़िंदगी में किसी की बंदिशें पसंद नहीं थीं। इसीलिए उसने अपना आलीशान बंगला छोड़कर शहर के सबसे महंगे 'पेंटहाउस' को अपना ठिकाना बना लिया था।

फिल्म इंडस्ट्री की टॉप मॉडल्स से लेकर बड़ी-बड़ी हीरोइनें तक—उसके साथ एक रात गुज़ारने और रोल या पैसा पाने के लिए खुशी-खुशी उसके बिस्तर का हिस्सा बन जाती थीं। तेजस का सीधा सा उसूल था: **पैसा फेको, तमाशा देखो।**

ऑफिस की हर दूसरी लड़की का सपना था कि वह तेजस खन्ना की रईसी और उसकी दीवानी रातों का मज़ा चखे।

और आज, उसी दफ़्तर में कदम रखा था—**प्रीति** ने।

प्रीति ने आज ही नया-नया ऑफिस जॉइन किया था। लेकिन उसका मकसद सिर्फ़ नौकरी करना नहीं था। वह सुबह से ही बेइंतहा हॉट और रिवीलिंग कपड़ों में तैयार होकर आई थी।

दिन भर ऑफिस के मर्द उसे टकटकी लगाए देखते रहे, मगर प्रीति का निशाना तो सिर्फ़ एक था—'तेजस खन्ना'।

दोपहर के बाद जब तेजस अपने केबिन में आया, तो उसने एक ज़रूरी फाइल मंगवाई। किस्मत से वह फाइल प्रीति के पास ही थी। मौका मिलते ही प्रीति ने अपनी स्कर्ट को थोड़ा और ऊपर खिसकाया, टॉप के बटन ढीले किए और धड़कते दिल के साथ केबिन का दरवाज़ा खोला।

**"मे आई कम इन, सर?"** प्रीति ने अपनी आवाज़ में शहद घोलते हुए कहा।

तेजस अपनी रिवॉल्विंग चेयर पर बैठा था, उसकी नज़रें लैपटॉप पर थीं। **"यस,"** उसने बिना ऊपर देखे ठंडे लहजे में कहा।

प्रीति थोड़ी झिझकी। अगर वह देखेगा ही नहीं, तो उसकी खूबसूरती का जादू कैसे चलेगा?

तभी तेजस ने फाइल पर अपनी उंगलियाँ मारीं और कड़क आवाज़ में बोला, **"इस फाइल में बहुत गलतियाँ हैं..."**

कहते हुए उसने अपनी कातिलाना नज़रें उठाईं। सामने खड़ी प्रीति की कमर का लचकीलापन, उसकी **** रंगत और उभरा हुआ सीना देखकर तेजस की  आँखों में एक **** भरी चमक दौड़ गई।

**"सर... क्या आप मुझे बताएँगे कि कौन-सी गलती है?"** प्रीति ने अपने होठों को जीभ से भिगोते हुए धीमी, उकसाने वाली आवाज़ में कहा।

तेजस की आँखों में शिकार पकड़ने की ज़िद आ गई। वह अपनी भारी-भरकम बॉडी के साथ कुर्सी से उठा और धीरे-धीरे प्रीति की तरफ बढ़ने लगा। उसकी भारी पर्सनालिटी का दबाव ऐसा था कि प्रीति पीछे हटते-हटते केबिन की ठंडी दीवार से जा लगी।

तेजस ने उसके बिल्कुल करीब आकर अपने दोनों हाथ दीवार पर टिका दिए। उसके महंगे परफ्यूम और पसीने की खुशबू ने प्रीति की साँसों को गरमा दिया।

कुछ मिनटों के इस गर्म खेल के बाद तेजस पीछे हटा। उसने अपनी बेल्ट ठीक की और अपनी जेब से कुछ सोचते हुए बोला—

**"शाम को... 'ब्लू मून होटल', कमरा नंबर 203 में पहुँच जाना।"**

प्रीति ने हाँफते हुए अपना टॉप सही किया और बिखरी साँसों के साथ पूछा, **"ठीक है सर... और पैसे? कैश में चाहिए या अकाउंट में ट्रांसफर कर दूँ?"**

**"सर... अकाउंट में,"** प्रीति ने एक कातिलाना मुस्कान के साथ कहा।

**"ठीक है। अब जाओ और अपनी फाइल ठीक करो,"** तेजस ने गंभीर होकर कहा। वह जैसा भी अय्याश था, मगर अपने बिज़नेस में ढील उसे रत्ती भर पसंद नहीं थी।

केबिन से बाहर निकलते ही प्रीति के चेहरे से वह मदहोशी गायब हो गई। उसकी जगह एक शातिर चमक आ चुकी थी। उसने तुरंत वॉशरूम का रुख किया, दरवाज़ा अंदर से लॉक किया और अपने बैग से एक सीक्रेट फोन निकाला।

उसने एक नंबर मिलाया। पहली ही घंटी पर दूसरी तरफ से कॉल रिसीव हो गई।

**"काम हो गया... पहले ही दिन!"** प्रीति ने अपनी उत्तेजित आवाज़ में फुसफुसाते हुए कहा।

**"क्या? उसने तुम्हें रिस्पॉन्स दिया?"** दूसरी तरफ से एक भारी, रहस्यमयी आवाज़ आई।

**"हाँ! आज रात उसने मुझे होटल बुलाया है... 'ब्लू मून HOTEL'... कमरा नंबर 203।"**

सामने वाले ने एक ठंडी साँस ली, **"यह तो सिर्फ शुरुआत है प्रीति। तुम्हें उसका पूरा भरोसा जीतना है। याद रखना, तेजस खन्ना कोई बेवकूफ नहीं है। उससे कोई गलती नहीं होनी चाहिए।"**

**"तुम बेफिक्र रहो,"** प्रीति के होठों पर एक ख़तरनाक मुस्कान तैर गई, **".. वह मेरे जाल में पूरी तरह फँस चुका है।"**

**"ज़रूर... मगर संभलकर। दीवारों के भी कान होते हैं। अब फोन रखो,"** सामने से चेतावनी भरी आवाज़ आई और कॉल कट गया।

प्रीति ने फोन छुपाया, अपना मेकअप टच-अप किया और मुस्कुराती हुई अपनी सीट पर आकर काम करने लगी।

* **आखिर कौन है यह प्रीति?**

* **वह तेजस के ऑफिस में सिर्फ पैसों के लिए आई है या किसी बड़ी दुश्मनी का मोहरा बनकर?**

* **फोन के उस पार बैठा शख्स कौन है जो तेजस खन्ना को बर्बाद करने या उसका भरोसा जीतने की साज़िश रच रहा है?**

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> *जब एक रंगीन मिज़ाज रईस और एक संस्कारी लड़की की टक्कर होती है…*

> *तो सिर्फ मोहब्बत नहीं, मनमर्ज़ियां भी जन्म लेती हैं...*

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