You Are My Universe Ch. 2

Chapter 2(ब्लॉक!)

Posted by Dev Srivastava • Jan 14, 2025 10:13 AM

रात के 11 बजे,

तेजस ने अभी-अभी अपना प्रोजेक्ट खत्म किया था। अब सिर्फ एक आखिरी काम बचा था और वो था अपना नाम लिखना। तेजस ने मार्कर लिया और बहुत ही खूबसूरती से अपना नाम लिख दिया, “तेजस्विनी राठौड़!”

और फिर अपना सारा सामान समेट कर रख दिया।

उसने खुद से ही कहा, “चल बेटा तेजस, सो जा अब। कल कॉलेज भी जाना है।”

इतना बोल कर वो एक महिला के बगल में जाकर लेट गई, जो सो रही थीं। उन महिला की उम्र 41-42 साल के आस-पास रही होगी।

उन्होंने नीले रंग का सूट-स्लावर पहना हुआ था। तेजस्विनी अभी लेटी ही थी कि तभी उसके दिमाग में कुछ आया और उसने तुरंत टेबल पर से अपना फोन उठा लिया।

उसने सारे नोटिफिकेशन चेक किए और फिर मुँह बना कर कहा,

“क्या यार, इसने तो मेरा मैसेज अभी तक देखा भी नहीं है।”

और चादर ओढ़ कर सो गई।

अगला दिन भी ऐसे ही बीत गया, लेकिन तेजस्विनी को समृद्ध का कोई रिप्लाई नहीं आया। और इसी चक्कर में तेजस्विनी का मूड पार्टी में भी खराब ही रहा।

अगले दिन,

दोपहर के समय।

कल पार्टी थी, इसीलिए आज सारे स्टूडेंट्स की छुट्टी थी। तेजस्विनी भी अपने सारे काम खत्म करके पढ़ने के लिए बैठी थी। उसके गले में ब्लूटूथ नेकबैंड था और उसकी लीड उसके कानों में लगी हुई थी।

वो म्यूजिक सुनते हुए अपना काम कर रही थी कि इतने में उसके फोन पर नोटिफिकेशन आया। उसने पैराग्राफ को मार्क किया और फोन लेकर नोटिफिकेशन देखने लगी।

जैसे ही उसकी नज़र उस नोटिफिकेशन पर पड़ी, वैसे ही उसका मोबाइल उसके हाथ से छूट गया। वो तो अच्छा हुआ कि उसने अपने हाथों को टेबल पर टिकाया हुआ था।

उसने जल्दी से अपना फोन उठाया और खुशी से झूम उठी। उसे समृद्ध की ओर से अपने मैसेज का जवाब आया था।

भले ही उस जवाब में सिर्फ “हेलो!” था, लेकिन तेजस्विनी खुशी से उछल पड़ी थी।

पाँच मिनट बाद उसने खुद को शांत करके उस मैसेज को खोला और पहले तो कुछ देर तक उस मैसेज को देखती रही, और फिर रिप्लाई टाइप किया, “जी, मेरा नाम तेजस्विनी है, तेजस्विनी राठौड़।”

उसने मैसेज टाइप तो कर लिया, लेकिन भेजने में हिचकिचा रही थी। उसने फिर से दो-तीन बार मैसेज टाइप किया और मिटा दिया।

अंत में, उसने एक आखिरी बार मैसेज टाइप किया और आँखें बंद करके सेंड के ऑप्शन को क्लिक कर दिया। उसने धीरे से अपनी आँखें खोलीं और देखा तो मैसेज चला गया था, लेकिन सामने वाले बंदे ने अभी देखा नहीं था।

तेजस्विनी ने खुद को रिलैक्स किया और फिर से पढ़ने बैठ गई। वो बात अलग है कि अब उसका मन पढ़ने में लग नहीं रहा था।

शाम का समय,

तेजस्विनी डिनर तैयार करके कमरे में आई और पंखे के सामने बैठ गई। गर्मी से बाहर निकल कर तुरंत हवा में आने से उसे बहुत अच्छा लग रहा था।

उसने अपना फोन उठाया और देखा तो सामने से समृद्ध का जवाब आया था, लेकिन वो जवाब देखकर तेजस्विनी का मुँह बन गया।

समृद्ध ने लिखा था, “सॉरी! हम किसी तेजस्विनी को नहीं जानते।”

तेजस्विनी ने चिढ़कर मैसेज किया, “हम सिर्फ अपना नाम बता रहे हैं।”

सामने से जवाब आया, “ओह! आई एम सॉरी। आई एम समृद्ध निगम।”

तेजस्विनी ने कहा, “हाँ-हाँ! पता है। आईडी देखी है आपकी।”

सामने से जवाब आया, “ओह, अच्छा।”

तेजस्विनी ने कहा, “हम्म!”

समृद्ध ने कहा, “वैसे, आपको हमसे काम क्या था?”

तेजस्विनी ने कहा, “कुछ नहीं, बस आपकी पोस्ट्स अच्छी लगीं तो आपसे बात करने के बारे में सोचा।”

समृद्ध ने कहा, “ओह!”

तेजस्विनी ने कहा, “हम्म्म!”

समृद्ध ने कहा, “तो हो गई न बात!”

तेजस्विनी ने तुरंत चिढ़ कर कहा, “अरे, ये क्या बात हुई?”

समृद्ध को शायद उसकी बात समझ नहीं आई थी। इसलिए उसने कहा, “मतलब?”

तेजस्विनी ने कहा, “मतलब हम आपसे दोस्ती करना चाहते हैं।”

दूसरी तरफ,

तेजस्विनी का ये मैसेज देख कर उस शख्स की उंगलियाँ हवा में ही रह गईं।

फिर कुछ सोच कर उसने कहा, "आप जानती भी हैं हमें, जो हमसे दोस्ती करना चाहती हैं!"

तेजस्विनी ने अपने कंधे उठा कर कहा, "जान-पहचान का क्या है! मेरा नाम आप जानते हैं और आपका नाम मैं।"

समृद्ध ने चिढ़ कर कहा, "सिर्फ नाम जानने से दोस्ती हो जाती है!"

तेजस्विनी ने एक गहरी सांस लेकर कहा, "ओके, फाइन। हमारा नाम तेजस्विनी राठौड़ है। हम सोनीपत, हरियाणा के रहने वाले हैं। हमारी उम्र 20 साल है और फिलहाल हम BCA कर रहे हैं।"

उसने एक ही मैसेज में ये सारी बातें लिख कर समृद्ध को सेंड कर दीं। उसका मैसेज देख कर समृद्ध का फोन उसके हाथ से छूट गया। एक मिनट तक वो शॉक में बैठा हुआ अपने फोन को घूरता रहा।

फिर तुरंत उसने अपना फोन लेकर तेजस्विनी को मैसेज किया, "ये क्या कर रही हैं आप! हमने आपसे आपकी इनफॉर्मेशन माँगी क्या?"

तेजस्विनी ने कहा, "आपने ही तो कहा कि सिर्फ नाम जान लेने से दोस्ती नहीं होती। तो हम आपको अपने बारे में बता रहे हैं।"

ये पढ़ कर समृद्ध की पकड़ अपने फोन पर कस गई। उसने कहा, "मतलब कि आप मानेंगी नहीं!"

तेजस्विनी ने साफ शब्दों में कहा, "ना!"

समृद्ध के हाथ फिर से रुक गए। फिर अचानक से उसने लिखा, "तो ठीक है। हम आपको ब्लॉक कर देते हैं।"

तेजस्विनी ने भी एटिट्यूड में कहा, "अच्छा, तो करके दिखाओ!"

ये पढ़ कर समृद्ध बुरी तरह चिढ़ गया। फिर उसने अपनी आँखें बंद कीं और तेजस्विनी को ब्लॉक कर दिया।

ये देख कर तेजस्विनी की आँखें बड़ी हो गईं और उसके मुँह से निकला, "हाँ!"

फिर उसने खुद से ही कहा, "ये लड़का समझता क्या है खुद को! हमें ब्लॉक किया, हमें! तेजस्विनी राठौड़ को!"

फिर उसने तिरछी मुस्कान के साथ कहा, "ना बेटा जी, ना। अब दोस्ती तो तुम्हें हमसे करनी ही पड़ेगी।"

और इसी के साथ उसने दूसरे नाम से अपनी दूसरी आईडी बना ली। उसने फिर से समृद्ध की आईडी ढूँढी और उसे मैसेज किया, लेकिन समृद्ध का जवाब नहीं आया।

तेजस्विनी ने खुद से ही कहा, "लगता है, अब फिर से दो दिन बाद ही मैसेज आएगा।"

और हँसते हुए अपना काम करके चली गई।

जारी है...

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